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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   Shortage of teachers in Pujarali-3 school, anger among people, education system in Rohru

Rampur Bushahar News: स्कूल में कई जरूरी विषयों के नहीं शिक्षक, पलायन को मजबूर छात्र

Mon, 17 Feb 2025 11:06 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 17 Feb 2025 11:06 PM IST
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पुजारली-3 स्कूल का हाल, सैकड़ों में होती थी पहले विद्यार्थियों की संख्या, रह गए मात्र 26
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर शिक्षा देने का दम भरने वाली प्रदेश सरकार के सभी दावे हवा साबित हो रहे हैं। शिक्षा मंत्री के अपने विधानसभा क्षेत्र में ही स्कूल शिक्षकों की कमी जूझ रहे हैं। सरकारी दावों की पोल खोलता ऐसा ही एक स्कूल नावर क्षेत्र के अंतर्गत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल पुजारली-3 है। इस स्कूल में शिक्षक की कमी के कारण कई छात्र पलायन कर चुके हैं। दशकों पुराने वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में जहां कभी बच्चों की संख्या सैकड़ों में होती थी, वहीं शिक्षकों की कमी के चलते आज स्कूल में मात्र 26 बच्चे ही रहे गए हैं। सरकारी उपेक्षा के कारण स्कूल बंद होने की कगार पर आ गया है। स्कूल प्रबंधन समिति ने शिक्षकों की कमी का मुद्दा शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के समक्ष भी कई बार उठाया, लेकिन काई लाभ नहीं हुआ है। इस कारण स्कूल प्रबंधन समिति को मजबूरन न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल पुजारली-3 में सभी विषयों की पढ़ाई नहीं हो पा रही है। स्कूल में टीजीटी मेडिकल का एक पद, टीजीटी आर्ट्स के दो पद, गणित प्रवक्ता का एक पद, अर्थशास्त्र प्रवक्ता का एक पद, राजनीतिक शास्त्र प्रवक्ता का एक पद, संस्कृत प्रवक्ता का एक पद, कला अध्यापक का एक पद, शारीरिक शिक्षक का एक पद, लैब अटेंडेंट का एक पद रिक्त पड़ा हुआ है। शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों को घरद्वार बेहतर शिक्षा नहीं मिल पा रही है। इस कारण बच्चों को जमा एक व जमा दो कक्षा की पढ़ाई के लिए पुजारली तीन से 20 से 15 किलोमीटर दूर पुजारली-4 स्कूल या टिक्कर स्कूल जाना पड़ रहा है। लचर शिक्षा व्यवस्था के प्रति स्थानीय लोगों में भी रोष है।
जल्द भरे जाएं रिक्त पद
स्थानीय निवासी, मनोज सुंटा, अनुपम चौहान, नीटू कालटा, जैसी राम, रविंद्र खिमटा. विकास सौहटा, प्रदीप खिमटा, गीता राम कालटा, कांता कालटा, रीना भारती, दलीप शर्मा, मोती लाल, नंद लाल ने मांग उठाई है कि रिक्त पदों को शीघ्र से शीघ्र भरा जाए। उन्होंने बताया कि सरकारी उपेक्षा के कारण स्कूल बंद होने के कगार पर है।
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कुछ साल पहले तक तक पुजारली-3 स्कूल में छात्रों की संख्या सैकड़ों में थी। बीते दो-तीन वर्षों से स्कूल में शिक्षकों के पद खाली चल रहे हैं। इस कारण बच्चों को मजबूरन स्कूल से पलायन कर अन्य स्कूलों में एडमिशन लेनी पड़ रही है। इस संबंध में एसएमसी शिक्षा मंत्री से भी मिल चुकी है, लेकिन उनकी ओर से कोई भी उचित कदम नहीं उठाए गए। इस कारण अब उच्च न्यायालय में जन हित याचिका दी गई है। - देविंद्र चौहान, अध्यक्ष, स्कूल प्रबंधन समिति
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समस्या से शिक्षा विभाग को करवाया अवगत
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल पुजारली-3 के प्रधानाचार्य सुरेश देष्टा ने माना कि स्कूल में शिक्षकों के पद रिक्त है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में शिक्षा विभाग को अवगत करवाया गया है।
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