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Rampur Bushahar News: शिवलिंग पर जल और बेलपत्र चढ़ाकर निभाई शिवरात्रि पर्व की रस्म
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दलाश और नित्थर के शिवालयों में सुबह से ही शिव दर्शन के लिए भक्तों की लगी लंबी कतारें
संवाद न्यूज एजेंसी
दलाश/नित्थर (कुल्लु)। दलाश के शिव मंदिर में बुधवार शिवरात्रि के दिन मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मंदिर में दिनभर हजारों लोगों ने माथा टेक कर शिव शंकर का आशीर्वाद प्राप्त किया। शिव मंदिर दलाश में दिन चढ़ता गया और श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ती गई। दिन में स्थानीय महिलाओं और पुरुषों ने भजन-कीर्तन किया। पूरा क्षेत्र शिव की महिमा में लीन हो गया। शिवरात्रि के दिन हर वर्ष दलाश शिव मंदिर में हजारों लोग माथा टेकते हैं। ग्रामीण घरों में शिवरात्रि के उत्सव पर विभिन्न पकवान बनाते हैं और मंदिर में चढ़ाते हैं। शाम के समय महादेव की मंदिर में स्थापना की जाती है। पूरी रात भजन और स्थानीय गीत गाकर महादेव की पूजा-अर्चना होती है। वहीं, बूढ़ा महादेव मंदिर नित्थर में भी महाशिवरात्रि पर्व पर सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। नित्थर क्षेत्र के आराध्य देव के मंदिर में एक दर्जन से अधिक लोग ने दर्शन किए। झल्ली, चेबड़ी, देहरा, घरोली, धार, धनाह और शकरोली सहित अन्य गांव के लोग ने दर्शन किए। बूढ़ा महादेव मंदिर के गर्भगृह, खुला प्रांगण और एक कोठी है। गर्भगृह में शिवलिंग और कोठी में बूढ़ा महादेव का रथ रखा हुआ है। पूरे नित्थर के लिए मंदिर आस्था का केंद्र है। रात्रि में पूजा के बाद सभी एक दूसरे के घरों में पकवान बांटते है। पूजा के समय समूचा क्षेत्र शिव भजन और महिमा की गाथाओं से गूंज उठता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
दलाश/नित्थर (कुल्लु)। दलाश के शिव मंदिर में बुधवार शिवरात्रि के दिन मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मंदिर में दिनभर हजारों लोगों ने माथा टेक कर शिव शंकर का आशीर्वाद प्राप्त किया। शिव मंदिर दलाश में दिन चढ़ता गया और श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ती गई। दिन में स्थानीय महिलाओं और पुरुषों ने भजन-कीर्तन किया। पूरा क्षेत्र शिव की महिमा में लीन हो गया। शिवरात्रि के दिन हर वर्ष दलाश शिव मंदिर में हजारों लोग माथा टेकते हैं। ग्रामीण घरों में शिवरात्रि के उत्सव पर विभिन्न पकवान बनाते हैं और मंदिर में चढ़ाते हैं। शाम के समय महादेव की मंदिर में स्थापना की जाती है। पूरी रात भजन और स्थानीय गीत गाकर महादेव की पूजा-अर्चना होती है। वहीं, बूढ़ा महादेव मंदिर नित्थर में भी महाशिवरात्रि पर्व पर सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। नित्थर क्षेत्र के आराध्य देव के मंदिर में एक दर्जन से अधिक लोग ने दर्शन किए। झल्ली, चेबड़ी, देहरा, घरोली, धार, धनाह और शकरोली सहित अन्य गांव के लोग ने दर्शन किए। बूढ़ा महादेव मंदिर के गर्भगृह, खुला प्रांगण और एक कोठी है। गर्भगृह में शिवलिंग और कोठी में बूढ़ा महादेव का रथ रखा हुआ है। पूरे नित्थर के लिए मंदिर आस्था का केंद्र है। रात्रि में पूजा के बाद सभी एक दूसरे के घरों में पकवान बांटते है। पूजा के समय समूचा क्षेत्र शिव भजन और महिमा की गाथाओं से गूंज उठता है।