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Rampur Bushahar News: भेड़ पालकों ने पशु गणना फिर से करने की उठाई मांग
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गर्म क्षेत्रों से अपने गांव की ओर पहुंच रहे हैं भेड़ पालक
संवाद न्यूज एजेसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। किन्नौर जिले के भेड़ पालकों ने हिमाचल प्रदेश कार्पोरेशन के अध्यक्ष से मांग की है कि पशुधन गणना को दोबारा से किया जाए, ताकि जो पिछले सालों में पशुधन गणना में रहे चुके हैं, उन्हें शामिल किया जाए और सरकार को सही आंकड़ा उपलब्ध हो सके। जानकारी के अनुसार, पिछले साल 21 वीं पशुधन गणना अक्तूबर 2024 से फरवरी 2025 तक की गई, लेकिन किन्नौर और चंबा जिले के कई भेड़ पालकों की भेड़-बकरियां गणना में छूट गईं। हिमाचल सरकार ने केंद्र सरकार को 21वीं पशुधन गणना रिपोर्ट सौंपी है। सिरमौर घुमंतू भेड़ पालक संघ के पूर्व अध्यक्ष जवाहर लाल नेगी ने हिमाचल वूल फेडरेशन कार्पोरेशन के चेयरमैन से अपील की है कि किन्नौर और चंबा के भेड़-बकरी पालकों के हित में दोबारा पशुधन की गणना की जाए।
उन्होंने कहा कि अब पशुपालक किन्नौर की सभी भेड़-बकरियों को सर्दियों में मैदानी इलाकों में चरागाह के लिए ले जाते हैं। वे अब किन्नौर आ चुके हैं। किन्नौर में इस बार 21 वीं गणना में कुल 73,000 हजार के करीब पशुधन की गणना आंकी गई है। इसमें 54,000 भेड़ें और 19, 000 बकरियां हैं। जबकि 20वीं पशुधन गणना 2019 में हुई थी। तब किन्नौर में 123,800 भेड़-बकरियों दर्शाया गया था। किन्नौर में 21 वीं पशुधन गणना में 50,800 कम पशुधन आ रहा है। पशुपालन विभाग हिमाचल प्रदेश शिमला के निर्देशक डाॅ. संजीव दिवान ने बताया पशुधन गणना की रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपी गई है। भेड़-बकरी पालक सर्दियों में जिस जंगल में चराने गए थे, उसी जंगल में पशुधन गणना करने का आदेश जारी किया था । किसी पशुपालक के पशुधन की गणना नहीं हुई है, तो इस पर विचार किया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। किन्नौर जिले के भेड़ पालकों ने हिमाचल प्रदेश कार्पोरेशन के अध्यक्ष से मांग की है कि पशुधन गणना को दोबारा से किया जाए, ताकि जो पिछले सालों में पशुधन गणना में रहे चुके हैं, उन्हें शामिल किया जाए और सरकार को सही आंकड़ा उपलब्ध हो सके। जानकारी के अनुसार, पिछले साल 21 वीं पशुधन गणना अक्तूबर 2024 से फरवरी 2025 तक की गई, लेकिन किन्नौर और चंबा जिले के कई भेड़ पालकों की भेड़-बकरियां गणना में छूट गईं। हिमाचल सरकार ने केंद्र सरकार को 21वीं पशुधन गणना रिपोर्ट सौंपी है। सिरमौर घुमंतू भेड़ पालक संघ के पूर्व अध्यक्ष जवाहर लाल नेगी ने हिमाचल वूल फेडरेशन कार्पोरेशन के चेयरमैन से अपील की है कि किन्नौर और चंबा के भेड़-बकरी पालकों के हित में दोबारा पशुधन की गणना की जाए।
उन्होंने कहा कि अब पशुपालक किन्नौर की सभी भेड़-बकरियों को सर्दियों में मैदानी इलाकों में चरागाह के लिए ले जाते हैं। वे अब किन्नौर आ चुके हैं। किन्नौर में इस बार 21 वीं गणना में कुल 73,000 हजार के करीब पशुधन की गणना आंकी गई है। इसमें 54,000 भेड़ें और 19, 000 बकरियां हैं। जबकि 20वीं पशुधन गणना 2019 में हुई थी। तब किन्नौर में 123,800 भेड़-बकरियों दर्शाया गया था। किन्नौर में 21 वीं पशुधन गणना में 50,800 कम पशुधन आ रहा है। पशुपालन विभाग हिमाचल प्रदेश शिमला के निर्देशक डाॅ. संजीव दिवान ने बताया पशुधन गणना की रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपी गई है। भेड़-बकरी पालक सर्दियों में जिस जंगल में चराने गए थे, उसी जंगल में पशुधन गणना करने का आदेश जारी किया था । किसी पशुपालक के पशुधन की गणना नहीं हुई है, तो इस पर विचार किया जाएगा।
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