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Rampur Bushahar News: कोटखाई में शवाल मेला शुरू, दुर्गा माता के दर्शन को उमड़ी भीड़
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संवाद न्यूज एजेंसी
कोटखाई (रोहड़ू) । कोटखाई का प्रसिद्ध शवाल मेला वीरवार को देवताओं के आगमन और ढोल-नगाढ़ों की धुनों पर नाटियों के साथ शुरू हो गया। दो दिवसीय मेले की शुरुआत दुर्गा माता पुजाली की पालकी के आगमन के साथ हुई। माता के दर्शन के लिए सैकड़ों लोग उमड़े। उसके बाद माता की पालकी को मेले के आयोजन स्थल तक पहुंचाया गया। पालकी यात्रा के दौरान मंदिर से लेकर मेला मैदान तक लोगों ने फूलों की वर्षा की और माता दुर्गा का भव्य स्वागत किया। वहीं, मेले को लेकर प्रशासन ने शुक्रवार को कोटखाई तहसील के सभी स्कूलों और सरकारी कार्यालयों में अवकाश घोषित किया है, ताकि लोग इस पर्व में पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ शामिल हो सकें। मंदिर कमेटी के भंडारी मोहन चौहान, गोविंद सांवत, राजेंद्र व माता के गुर राजेंद्र शर्मा, रमेश शर्मा और अंकुश शर्मा ने बताया कि हर वर्ष आठ और नौ मई को शवाल मेला बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। 8 मई को सुबह लोग मंदिर से नाचते हुए निकलते हैं और शाम को दुर्गा माता की पालकी मंदिर लौट जाती है। अगले दिन सुबह फिर से क्षेत्र की जनता के साथ नाचते हुए मेला ग्राउंड पहुंचती है।
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कोटखाई (रोहड़ू) । कोटखाई का प्रसिद्ध शवाल मेला वीरवार को देवताओं के आगमन और ढोल-नगाढ़ों की धुनों पर नाटियों के साथ शुरू हो गया। दो दिवसीय मेले की शुरुआत दुर्गा माता पुजाली की पालकी के आगमन के साथ हुई। माता के दर्शन के लिए सैकड़ों लोग उमड़े। उसके बाद माता की पालकी को मेले के आयोजन स्थल तक पहुंचाया गया। पालकी यात्रा के दौरान मंदिर से लेकर मेला मैदान तक लोगों ने फूलों की वर्षा की और माता दुर्गा का भव्य स्वागत किया। वहीं, मेले को लेकर प्रशासन ने शुक्रवार को कोटखाई तहसील के सभी स्कूलों और सरकारी कार्यालयों में अवकाश घोषित किया है, ताकि लोग इस पर्व में पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ शामिल हो सकें। मंदिर कमेटी के भंडारी मोहन चौहान, गोविंद सांवत, राजेंद्र व माता के गुर राजेंद्र शर्मा, रमेश शर्मा और अंकुश शर्मा ने बताया कि हर वर्ष आठ और नौ मई को शवाल मेला बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। 8 मई को सुबह लोग मंदिर से नाचते हुए निकलते हैं और शाम को दुर्गा माता की पालकी मंदिर लौट जाती है। अगले दिन सुबह फिर से क्षेत्र की जनता के साथ नाचते हुए मेला ग्राउंड पहुंचती है।