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Rampur Bushahar News: शांत महायज्ञ में गर्म कपड़ों के साथ पहुंचे लोग, सरांह, लिगंजार की बसें मडांह-लाणी तक जाएंगी
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संवाद न्यूज एजेंसी
चौपाल(रोहडू)। चूड़धार में शांत महायज्ञ धार्मिक अनुष्ठान 52 वर्षों के बाद आयोजित किया जा रहा है। अनुष्ठान में शिमला, सोलन व सिरमौर जिले के अलावा पड़ोसी राज्य उत्तराखंड से करीब 25 हजार से अधिक श्रद्धालु शिरकत कर सकते हैं। यदि मौसम साफ रहा तो आंकड़ा 30 हजार भी पार कर सकता है। इस धार्मिक अनुष्ठान के आयोजन के लिए प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। मंगलवार को चूड़धार मंदिर कमेटी अध्यक्ष एवं एसडीएम चौपाल हेम चंद वर्मा ने कहा कि उप मंडल चौपाल, कुपवी के साथ-साथ जिला सिरमौर, जिला सोलन और उत्तराखंड क्षेत्र के हजारों श्रृद्धालुओं के शिरगुल महादेव मंदिर चूड़धार के शांत पर्व में शामिल होने का अनुमान है। शांत पर्व में शामिल होने वाले सभी श्रद्धालु शिरगुल मंदिर चूड़धार की भौगोलिक परिस्थितियों को मद्देनजर रखते हुए अपने स्वास्थ्य के अनुरूप भ्रमण व प्रवास का कार्यक्रम तय करें। 10 अक्तूबर को चूड़धार में रात्रि ठहराव के दौरान ठंड से बचाव के लिए कंबल और गर्म कपड़ों का उचित प्रबंध अपने साथ रखें। उन्होंने कहा कि चूड़धार के दर्शन के लिए पहुंचने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नौ और 10 अक्तूबर को सरांह, लिगंजार बसें मडांह-लाणी तक जाएंगी। कुपवी में ठहरने वाली बसें वाया कांडा बनाह जाएंगी। 11 अक्तूबर को बसें नेरवा से सुबह 5 और 6:30 बजे मडाह-लाणी और चौपाल से सुबह 5 व 6:30 और 7 बजे मडांह-लाणी के लिए चलेंगी। कुपवी से सुबह 5 व 6 बजे कांडा बनाह और पुलबाहल से 6 बजे सुबह मडांह-लाणी के लिए चलेंगी। 12 अक्तूबर को कांडा वनाह से कुपवी एक अतिरिक्त बस 11:00 बजे प्रातः चलेगी और मडांह-लाणी से चौपाल, नेरवा व पुलबाहल सुबह 11 बजे 3 अतिरिक्त बसें चलेंगी। उन्होंने कहा कि चूड़धार अत्यंत पवित्र, पावन और आस्था का केंद्र है, इसलिए इसकी स्वच्छता, शुद्धता, पवित्रता का ध्यान रखें और समारोह के दौरान गंदगी न फैलाएं। उन्होंने कहा कि आपसी सद्भाव, अनुशासन व शांति व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।
12 पालकियां पहुंचेगी चूड़धार
11 अक्तूबर को 11 बजे से लेकर एक बजे के बीच कुरुड़ स्थापित होगा। इस दौरान क्षेत्र से शिरगुल महाराज की 12 पालकियां चूड़धार आएंगी। चूड़धार में मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य पिछले कई वर्षों से किया जा रहा है। मंदिर का निर्माण कार्य अब पूरा हो चुका है। मंदिर में लकड़ी की अद्भुत नक्काशी की गई है।
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चौपाल(रोहडू)। चूड़धार में शांत महायज्ञ धार्मिक अनुष्ठान 52 वर्षों के बाद आयोजित किया जा रहा है। अनुष्ठान में शिमला, सोलन व सिरमौर जिले के अलावा पड़ोसी राज्य उत्तराखंड से करीब 25 हजार से अधिक श्रद्धालु शिरकत कर सकते हैं। यदि मौसम साफ रहा तो आंकड़ा 30 हजार भी पार कर सकता है। इस धार्मिक अनुष्ठान के आयोजन के लिए प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। मंगलवार को चूड़धार मंदिर कमेटी अध्यक्ष एवं एसडीएम चौपाल हेम चंद वर्मा ने कहा कि उप मंडल चौपाल, कुपवी के साथ-साथ जिला सिरमौर, जिला सोलन और उत्तराखंड क्षेत्र के हजारों श्रृद्धालुओं के शिरगुल महादेव मंदिर चूड़धार के शांत पर्व में शामिल होने का अनुमान है। शांत पर्व में शामिल होने वाले सभी श्रद्धालु शिरगुल मंदिर चूड़धार की भौगोलिक परिस्थितियों को मद्देनजर रखते हुए अपने स्वास्थ्य के अनुरूप भ्रमण व प्रवास का कार्यक्रम तय करें। 10 अक्तूबर को चूड़धार में रात्रि ठहराव के दौरान ठंड से बचाव के लिए कंबल और गर्म कपड़ों का उचित प्रबंध अपने साथ रखें। उन्होंने कहा कि चूड़धार के दर्शन के लिए पहुंचने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नौ और 10 अक्तूबर को सरांह, लिगंजार बसें मडांह-लाणी तक जाएंगी। कुपवी में ठहरने वाली बसें वाया कांडा बनाह जाएंगी। 11 अक्तूबर को बसें नेरवा से सुबह 5 और 6:30 बजे मडाह-लाणी और चौपाल से सुबह 5 व 6:30 और 7 बजे मडांह-लाणी के लिए चलेंगी। कुपवी से सुबह 5 व 6 बजे कांडा बनाह और पुलबाहल से 6 बजे सुबह मडांह-लाणी के लिए चलेंगी। 12 अक्तूबर को कांडा वनाह से कुपवी एक अतिरिक्त बस 11:00 बजे प्रातः चलेगी और मडांह-लाणी से चौपाल, नेरवा व पुलबाहल सुबह 11 बजे 3 अतिरिक्त बसें चलेंगी। उन्होंने कहा कि चूड़धार अत्यंत पवित्र, पावन और आस्था का केंद्र है, इसलिए इसकी स्वच्छता, शुद्धता, पवित्रता का ध्यान रखें और समारोह के दौरान गंदगी न फैलाएं। उन्होंने कहा कि आपसी सद्भाव, अनुशासन व शांति व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।
12 पालकियां पहुंचेगी चूड़धार
11 अक्तूबर को 11 बजे से लेकर एक बजे के बीच कुरुड़ स्थापित होगा। इस दौरान क्षेत्र से शिरगुल महाराज की 12 पालकियां चूड़धार आएंगी। चूड़धार में मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य पिछले कई वर्षों से किया जा रहा है। मंदिर का निर्माण कार्य अब पूरा हो चुका है। मंदिर में लकड़ी की अद्भुत नक्काशी की गई है।
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