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Rampur Bushahar News: टेट आवेदन की फीस बढ़ोत्तरी की एसएफआई ने की निंदा
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कांग्रेस सरकार का शिक्षा के क्षेत्र में उदासीन और नकारात्क रहा है रवैया
फीस वृद्धि वापिस न करने पर धरना प्रदर्शन करने की दी चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। एसएफआई जिला कमेटी ने टेट की फीस में की गई भारी–भरकम बढ़ोतरी की कड़ी निंदा की है। एसएफआई के जिला सचिव कमल शर्मा ने कहा कि जब से प्रदेश में कांग्रेस की सरकार सत्ता में आई तब से लेकर सरकार का रवैया शिक्षा के क्षेत्र के प्रति उदासीन और नकारात्मक रहा है।
सरकारी स्कूलों को बंद करने से लेकर पीपीपी मॉडल के तहत सरकारी संपत्ति पर बने आवासीय विद्यालयों को निजी हाथों में सौंपना, छात्र विरोधी राष्ट्रीय शिक्षा नीति को तेजी से लागू करना प्रदेश सरकार की नीति रही है।
जिला अध्यक्ष राहुल विद्यार्थी ने कहा कि अब हाल ही में टेट की फीस दोगुनी करके सरकार अपनी नीतियों से परेशान, हताश, निराश , बेरोजगार छात्रों से पैसा वसूलने का काम कर रही है, जोकि साफ तौर पर सरकार के छात्रों के प्रति नकारात्मक उदासीन रुख को दर्शाता है। सरकार यह हवाला देकर फीस वृद्धि को जायज ठहराने की कोशिश कर रही है कि आज के समय में कागज से लेकर, स्टेशनरी, ईंधन, यातायात लागत बढ़ने के कारण फीस बढ़ाई जा रही है जो कि बिलकुल भी तर्कसंगत नहीं है। छात्र अपने आप में आर्थिक रूप से सक्षम नहीं होता है वह खुद अपने अभिभावकों पर आश्रित होता है। टेट से पहले छात्र को बीएड की भारी भरकम फीस अदा करनी पड़ती है। इसमें कई छात्रों को एजुकेशन लोन तक लेकर पढ़ाई करनी पड़ती है। ऐसे में सरकार को जहां फीस कम करनी चाहिए थी। वहां सरकार ने उसको 800 से 1600 और 500 से 1000 कर दिया जोकि बिलकुल असहनीय है।
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एसएफआई ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार टेट में की गई फीस वृद्धि के इस निर्णय को वापस नहीं लेती है तो आने वाले समय में एसएफआई जिले के छात्र समुदाय को लामबंद करते हुए प्रदेश में आंदोलन करेगी।
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फीस वृद्धि वापिस न करने पर धरना प्रदर्शन करने की दी चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। एसएफआई जिला कमेटी ने टेट की फीस में की गई भारी–भरकम बढ़ोतरी की कड़ी निंदा की है। एसएफआई के जिला सचिव कमल शर्मा ने कहा कि जब से प्रदेश में कांग्रेस की सरकार सत्ता में आई तब से लेकर सरकार का रवैया शिक्षा के क्षेत्र के प्रति उदासीन और नकारात्मक रहा है।
सरकारी स्कूलों को बंद करने से लेकर पीपीपी मॉडल के तहत सरकारी संपत्ति पर बने आवासीय विद्यालयों को निजी हाथों में सौंपना, छात्र विरोधी राष्ट्रीय शिक्षा नीति को तेजी से लागू करना प्रदेश सरकार की नीति रही है।
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जिला अध्यक्ष राहुल विद्यार्थी ने कहा कि अब हाल ही में टेट की फीस दोगुनी करके सरकार अपनी नीतियों से परेशान, हताश, निराश , बेरोजगार छात्रों से पैसा वसूलने का काम कर रही है, जोकि साफ तौर पर सरकार के छात्रों के प्रति नकारात्मक उदासीन रुख को दर्शाता है। सरकार यह हवाला देकर फीस वृद्धि को जायज ठहराने की कोशिश कर रही है कि आज के समय में कागज से लेकर, स्टेशनरी, ईंधन, यातायात लागत बढ़ने के कारण फीस बढ़ाई जा रही है जो कि बिलकुल भी तर्कसंगत नहीं है। छात्र अपने आप में आर्थिक रूप से सक्षम नहीं होता है वह खुद अपने अभिभावकों पर आश्रित होता है। टेट से पहले छात्र को बीएड की भारी भरकम फीस अदा करनी पड़ती है। इसमें कई छात्रों को एजुकेशन लोन तक लेकर पढ़ाई करनी पड़ती है। ऐसे में सरकार को जहां फीस कम करनी चाहिए थी। वहां सरकार ने उसको 800 से 1600 और 500 से 1000 कर दिया जोकि बिलकुल असहनीय है।
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एसएफआई ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार टेट में की गई फीस वृद्धि के इस निर्णय को वापस नहीं लेती है तो आने वाले समय में एसएफआई जिले के छात्र समुदाय को लामबंद करते हुए प्रदेश में आंदोलन करेगी।