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Rampur Bushahar News: सीमा कॉलेज को लोकनृत्य में मिला विजेता का खिताब
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सीमा कॉलेज मे आयोजित इंटर कॉलेज यूथ फेस्टिवल मे विजेता टीम को पुरस्कार देते हुए
युवा महोत्सव का समापन, प्रदेश के 35 महाविद्यालयों के प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा
संवाद न्यूज़ एजेंसी
रोहड़ू। राजा वीरभद्र सिंह राजकीय महाविद्यालय सीमा में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के अंतर महाविद्यालय युवा महोत्सव ग्रुप-III (डांस) का मंगलवार को समापन हो गया। चार दिवसीय महोत्सव में प्रदेश के 35 महाविद्यालयों के प्रतिभागियों ने लोकनृत्य, शास्त्रीय नृत्य और क्रिएटिव कोरियोग्राफी में प्रतिभा का प्रदर्शन किया। समापन समारोह में सेवानिवृत्त हिमाचल प्रदेश उच्च शिक्षा अतिरिक्त निदेशक डॉ. प्रमोद चौहान ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत कर विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए। लोकनृत्य वर्ग में मेजबान राजा वीरभद्र सिंह राजकीय महाविद्यालय सीमा ने प्रथम स्थान हासिल कर विजेता का खिताब अपने नाम किया। राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला और लाल बहादुर शास्त्री राजकीय महाविद्यालय सरस्वती नगर ने संयुक्त रूप से दूसरा स्थान प्राप्त किया। राजकीय महाविद्यालय संजौली शिमला, राजकीय महाविद्यालय ऊना और राजकीय महाविद्यालय बिलासपुर संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहे। क्रिएटिव कोरियोग्राफी में आरकेएमवी शिमला प्रथम, जवाहरलाल नेहरू फाइन आर्ट्स महाविद्यालय शिमला द्वितीय और राजकीय महाविद्यालय ऊना तृतीय रहा। शास्त्रीय नृत्य में आरकेएमवी शिमला ने प्रथम और जवाहरलाल नेहरू फाइन आर्ट्स महाविद्यालय शिमला ने द्वितीय स्थान हासिल किया। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने नृत्य के माध्यम से हिमाचल की लोक सांस्कृतिक परंपराओं और प्रदेश की विविधता की झलक प्रस्तुत की। निर्णायक मंडल में सेवानिवृत्त जिला लोक संपर्क अधिकारी कुलदीप गुलेरिया, कथक प्रोफेसर डॉ. कुलविंदर कौर और रमेश चंदर शामिल रहे। निर्णायकों ने नृत्य कौशल, प्रस्तुति, ताल-लय, भाव-भंगिमा, रचनात्मकता और मंचीय प्रदर्शन के आधार पर प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रेम प्रकाश चौहान ने कहा कि 35 महाविद्यालयों की भागीदारी से युवा महोत्सव विशेष बना। चार दिनों तक कॉलेज परिसर में प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता देखने को मिली। आयोजन सचिव डॉ. अनिल चौहान ने महोत्सव के सफल आयोजन के लिए विश्वविद्यालय, प्रतिभागी महाविद्यालयों, निर्णायक मंडल, शिक्षकों, विद्यार्थियों और आयोजन समिति का आभार व्यक्त किया।
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संवाद न्यूज़ एजेंसी
रोहड़ू। राजा वीरभद्र सिंह राजकीय महाविद्यालय सीमा में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के अंतर महाविद्यालय युवा महोत्सव ग्रुप-III (डांस) का मंगलवार को समापन हो गया। चार दिवसीय महोत्सव में प्रदेश के 35 महाविद्यालयों के प्रतिभागियों ने लोकनृत्य, शास्त्रीय नृत्य और क्रिएटिव कोरियोग्राफी में प्रतिभा का प्रदर्शन किया। समापन समारोह में सेवानिवृत्त हिमाचल प्रदेश उच्च शिक्षा अतिरिक्त निदेशक डॉ. प्रमोद चौहान ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत कर विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए। लोकनृत्य वर्ग में मेजबान राजा वीरभद्र सिंह राजकीय महाविद्यालय सीमा ने प्रथम स्थान हासिल कर विजेता का खिताब अपने नाम किया। राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला और लाल बहादुर शास्त्री राजकीय महाविद्यालय सरस्वती नगर ने संयुक्त रूप से दूसरा स्थान प्राप्त किया। राजकीय महाविद्यालय संजौली शिमला, राजकीय महाविद्यालय ऊना और राजकीय महाविद्यालय बिलासपुर संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहे। क्रिएटिव कोरियोग्राफी में आरकेएमवी शिमला प्रथम, जवाहरलाल नेहरू फाइन आर्ट्स महाविद्यालय शिमला द्वितीय और राजकीय महाविद्यालय ऊना तृतीय रहा। शास्त्रीय नृत्य में आरकेएमवी शिमला ने प्रथम और जवाहरलाल नेहरू फाइन आर्ट्स महाविद्यालय शिमला ने द्वितीय स्थान हासिल किया। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने नृत्य के माध्यम से हिमाचल की लोक सांस्कृतिक परंपराओं और प्रदेश की विविधता की झलक प्रस्तुत की। निर्णायक मंडल में सेवानिवृत्त जिला लोक संपर्क अधिकारी कुलदीप गुलेरिया, कथक प्रोफेसर डॉ. कुलविंदर कौर और रमेश चंदर शामिल रहे। निर्णायकों ने नृत्य कौशल, प्रस्तुति, ताल-लय, भाव-भंगिमा, रचनात्मकता और मंचीय प्रदर्शन के आधार पर प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रेम प्रकाश चौहान ने कहा कि 35 महाविद्यालयों की भागीदारी से युवा महोत्सव विशेष बना। चार दिनों तक कॉलेज परिसर में प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता देखने को मिली। आयोजन सचिव डॉ. अनिल चौहान ने महोत्सव के सफल आयोजन के लिए विश्वविद्यालय, प्रतिभागी महाविद्यालयों, निर्णायक मंडल, शिक्षकों, विद्यार्थियों और आयोजन समिति का आभार व्यक्त किया।