फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   Rohru area, drug trafficking, five youth died due to drug addiction, thirty went to jail in drug trafficking case.

Rampur Bushahar News: रोहड़ू क्षेत्र में नशे से पांच युवाओं की हो चुकी, तीस तस्करी के मामले में गए जेल

Sun, 24 Nov 2024 11:52 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 24 Nov 2024 11:52 PM IST
विज्ञापन
मार्च 2018 में चिड़गांव में एक युवती की कार में हुई थी चिट्टे के कारण पहली मौत
विज्ञापन

रतन चौहान
रोहड़ू। जिले में युवा नशे की दलदल में फंसते जा रहे हैं। हाल ऐसा है कि चिट्टे के नशे के कारण रोहडू उपमंडल में इस साल अभी तक पांच युवाओं की मौत हो चुकी है। इनमें तीन युवाओं की मौत नशे की ओवरडाेज के कारण हुई है। छानबीन के दौरान घटनास्थल से दो मामलों में सीरिंज भी बरामद की गई। वहीं, नशे की तस्करी के मामले में तीस युवा सलाखों के पीछे जा चुके हैं। हाल यह है कि दूर दराज क्षेत्र डोडरा क्वार तक चिट्टा माफिया पांव पसार चुका है। चिट्टे के कारण पहली मौत शिमला के चिड़गांव में मार्च 2018 में एक युवती की कार में हुई थी। युवती का शव उसके साथियों ने भेखलटी के पास झाड़ियों में फेंक दिया था। साल 2024 को हाटकोटी के पास भटवाड़ी के एक युवक का शव पुलिस ने पुल के पास से बरामद किया था। अक्तूबर में रोहड़ू में ही एक युवक का शव घर के पास खेत में मिला था। उसके जेब से भी सीरिंज बरामद की गई थी। दो मामले चिड़गांव में नशे के ओवरडोज से मौत के सामने आ चुके हैं। युवकों की मौत के बाद तीन मामलों में उनके साथियों के खिलाफ पुलिस ने गैर इरादतन हत्या के मामले दर्ज किए हैं, लेकिन आंकड़ा इससे कहीं अधिक है। कई ऐसे मामले हैं, जिसमें नशे की ओवरडोज से मौत के बाद परिजन बदनामी के डर से शिकायत दर्ज नहीं करवाते हैं।
लोगों की भागीदारी से खत्म हो सकता है नशा
चिकित्सकों का कहना है कि नशे का खात्मा लोगों की भागीदारी से ही ही किया जा सकता है। पुलिस की सक्रियता के बाद दूरदराज क्षेत्र डोडरा क्वार तक चिट्टा माफिया पांव पसार चुका है। अभी तक इस क्षेत्र के तीस के करीब युवा प्रदेश और बाहर की जेलों में बंद हैं। इसमें डोडरा क्वार के कई युवक शामिल हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, कोई भी व्यक्ति चिट्टा समेत किसी भी नशे की अधिक मात्रा में डोज लेता है, तो इससे उसको तुरंत अस्पताल पहुंचाना जरूरी होता है। जब कोई व्यक्ति पहली बार नशा ले और वह चिट्टे जैसा नशा अधिक मात्रा में ले ले, तो व्यक्ति की मौत हो सकती है। चिट्टे के साथ शराब, भांग समेत अन्य नशों का सेवन करने से भी व्यक्ति की जान जा सकती है। चिट्टे में बेहोशी और नींद की दवाइयों की अधिक मिलावट भी जानलेवा है।
विज्ञापन


नशे के सेवन से बेहोश होने पर मरीज को तुरंत अस्पताल ले जाएं। नशे के आदी युवाओं के परिजन नियमित रूप से डॉक्टरी जांच करवाएं। चिट्टे का नशा जानलेवा है। इंजेक्शन के जरिये चिट्टा लेने से मौत का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसको देखते हुए नशे के आदी युवाओं की नियमित डॉक्टरी जांच जरूरी है। लोगों के मिलकर प्रयास करने से ही युवा इस दलदल से बाहर निकल सकते हैं । डॉ. रविंद्र शर्मा, एमएस सिविल अस्पताल रोहडू
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलिस लगातार नशे को रोकने के प्रयास कर रही है। हर महीने दर्जनों युवक पकड़े जा रहे हैं। पुलिस के साथ नशे की रोकथाम के लिए आम लोगों की सहभागिता जरूरी है, इसलिए पुलिस उपमंडल स्तर पर नशे से दूर रहने के लिए युवाओं को खेलों में शामिल करने का प्रयास कर रही है। अभी तक की जांच में सामने आया कि खासकर, बेरोजगार युवाओं का नशे की ओर अधिक रूझान देखने को मिल रहा है। अभिभावक बच्चों को पढ़ाई के साथ, खेलों व युवाओं को खेलो व अपने बाग-बगीचो में व्यस्त रखे। - रविंद्र नेगी, डीएसपी, रोहड़ू
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article