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53 घंटे बाद बहाल हुआ चोलिंग पुल से यातायात
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भावानगर (किन्नौर)। किन्नौर जिले के चोलिंग के निकट क्षतिग्रस्त पुल को 53 घंटे बाद वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल कर दिया गया है। इससे अब किन्नौर के ऊपरी क्षेत्र और शिमला की ओर जाने वाले वाहन इस पुल से दौड़ना शुरू हो गए हैं। इसके अलावा रल्ली के निकट हिमखंड खिसकने के कारण एनएच- 5 बंद हो गया था, जिसे दोनों ओर से मशीनरी लगाकर यातायात के लिए बहाल कर दिया गया है।
गौरतलब है कि वीरवार को सुबह 9 बजे के करीब उरनी ढांक की पहाड़ी से भारी भरकम चट्टानों के खिसकने के कारण चोलिंग के पास सतलुज नदी पर बना पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके चलते किन्नौर के ऊपरी क्षेत्रों और स्पीति की ओर जाने वाले सभी वाहनों को वाया उरनी होते हुए आवाजाही करनी पड़ रही थी। शनिवार दोपहर साढ़े 12 बजे क्षतिग्रस्त पुल को दुरुस्त कर यातायात के लिए बहाल कर दिया गया है। पुल से आवाजाही बंद होने से लोगों को तीन मिनट में तय होने वाले सफर में कई घंटों का समय लग रहा था। सेना के जवानों, इंजीनियर और एनएच प्राधिकरण ने संयुक्त रूप से क्षतिग्रस्त पुल को दुरुस्त करने का कार्य तुरंत शुरू कर दिया था। क्षेत्र में हो रही बारिश और बर्फबारी के कारण पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे थे, जिस कारण पुल का मरम्मत कार्य बंद करना पड़ा था। शनिवार को बारिश और बर्फबारी रुकने के बाद सुबह 8 बजे से पुल का मरम्मत कार्य शुरू किया गया। सेना और एनएच प्राधिकरण ने दोपहर साढ़े 12 बजे तक पुल को दुरुस्त कर दिया। बताया जा रहा है कि वाया उरनी चोलिंग मार्ग उरनी आईटीआई के निकट भारी चट्टानें खिसकने के कारण शुक्रवार देर रात बंद हो गया था, जिसे कई घंटों की मशक्कत के बाद छोटे वाहनों लिए बहाल कर लिया गया था, लेकिन बड़े वाहन वहीं पर फंसे रहे। उरनी संपर्क मार्ग शाम तक बहाल होने की उम्मीद है।
एनएच प्राधिकरण के एक्सईएन पीसी नेगी ने कहा कि चोलिंग के निकट सतलुज नदी पर बना पुल पहाड़ी से चट्टानें गिरने के कारण क्षतिग्रस्त हो गया था। शनिवार दोपहर साढ़े 12 बजे पुल को पूरी तरह से दुरुस्त कर दिया गया। अब पुल पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है।
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गौरतलब है कि वीरवार को सुबह 9 बजे के करीब उरनी ढांक की पहाड़ी से भारी भरकम चट्टानों के खिसकने के कारण चोलिंग के पास सतलुज नदी पर बना पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके चलते किन्नौर के ऊपरी क्षेत्रों और स्पीति की ओर जाने वाले सभी वाहनों को वाया उरनी होते हुए आवाजाही करनी पड़ रही थी। शनिवार दोपहर साढ़े 12 बजे क्षतिग्रस्त पुल को दुरुस्त कर यातायात के लिए बहाल कर दिया गया है। पुल से आवाजाही बंद होने से लोगों को तीन मिनट में तय होने वाले सफर में कई घंटों का समय लग रहा था। सेना के जवानों, इंजीनियर और एनएच प्राधिकरण ने संयुक्त रूप से क्षतिग्रस्त पुल को दुरुस्त करने का कार्य तुरंत शुरू कर दिया था। क्षेत्र में हो रही बारिश और बर्फबारी के कारण पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे थे, जिस कारण पुल का मरम्मत कार्य बंद करना पड़ा था। शनिवार को बारिश और बर्फबारी रुकने के बाद सुबह 8 बजे से पुल का मरम्मत कार्य शुरू किया गया। सेना और एनएच प्राधिकरण ने दोपहर साढ़े 12 बजे तक पुल को दुरुस्त कर दिया। बताया जा रहा है कि वाया उरनी चोलिंग मार्ग उरनी आईटीआई के निकट भारी चट्टानें खिसकने के कारण शुक्रवार देर रात बंद हो गया था, जिसे कई घंटों की मशक्कत के बाद छोटे वाहनों लिए बहाल कर लिया गया था, लेकिन बड़े वाहन वहीं पर फंसे रहे। उरनी संपर्क मार्ग शाम तक बहाल होने की उम्मीद है।
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एनएच प्राधिकरण के एक्सईएन पीसी नेगी ने कहा कि चोलिंग के निकट सतलुज नदी पर बना पुल पहाड़ी से चट्टानें गिरने के कारण क्षतिग्रस्त हो गया था। शनिवार दोपहर साढ़े 12 बजे पुल को पूरी तरह से दुरुस्त कर दिया गया। अब पुल पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है।
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