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Rampur Bushahar News: सीवरेज व्यवस्था से जुड़ेगा रिब्बा, 20 करोड़ से हो रहा निर्माण कार्य
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राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी का आकपा में स्कूली बच
मंत्री जगत सिंह नेगी ने आकपा में 21 लाख की लागत ने निर्मित वन विश्राम गृह का किया उद्घाटन
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला(किन्नौर)। पूह की आकपा पंचायत में 21 लाख रुपये की लागत से निर्मित वन विश्राम गृह का राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने सोमवार को उद्घाटन किया। मंत्री ने वन विभाग की ओर से आयोजित वन महोत्सव समारोह में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस दौरान उन्होंने खादरा डाक में पौधरोपण भी किया। बागवानी मंत्री ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि वन संपदा को बचाए रखना हम सब का दायित्व है ताकि पर्यावरण को स्वच्छ रखा जा सके। उन्होंने लोगों से आग्रह किया की वन संपदा को बचाए रखने में अपनी भूमिका निभाएं और अधिक से अधिक पौधे लगाए। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि रिब्बा पंचायत के लिए 20 करोड़ रुपये से सीवरेज व्यवस्था का निर्माण कार्य चल रहा है और पांगी पंचायत के सीवरेज व्यवस्था के लिए 11 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है। राजस्व मंत्री ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों के निर्धन एवं भूमिहीन लोगों को वन अधिकार अधिनियम-2006 के तहत उनके अपनी नाम की जमीन का मालिकाना हक उपलब्ध करवाने के प्रति वर्तमान प्रदेश सरकार कृत-संकल्पित है।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि वन अधिकार अधिनियम-2006 तत्कालीन कांग्रेस सरकार में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की देन है। इसके तहत भूमिहीन लोगों को उनके अपनी नाम की जमीन का मालिकाना हक प्रदान किया गया। राजस्व मंत्री ने बताया कि वन अधिकार अधिनियम-2006 के तहत प्राप्त मामलों को अगले स्तर तक ले जाने के लिए पंचायतों में आयोजित होने वाली ग्राम सभाओं में 50 प्रतिशत की हाजिरी आवश्यक है। इसमें 10 प्रतिशत महिलाओं का होना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 भी तत्कालीन कांग्रेस सरकार की देन है। इसकेजिसके माध्यम से आम नागरिक किसी भी सरकारी विभाग से सूचना प्राप्त कर सकता है। इस अधिनियम को लाने का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को सशक्त बनाने, सरकार के कार्य में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व लाने, भ्रष्टाचार को नियंत्रित करना एवं हमारे लोकतंत्र को लोगों के लिए कामयाब बनाना है। उन्होंने उपस्थित जनों से आग्रह किया कि वे इस अधिनियम का लाभ उठाए तथा सरकार द्वारा चलाई गई नीतियों व योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें।
राजस्व मंत्री ने बताया कि नौतोड अधिनियम-1968 जो की प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार की देन है। इस कानून की बदौलत निर्धन एवं उपेक्षित वर्गों को राहत मिली है। इस दौरान राजस्व मंत्री ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाली महिला मंडलों को 10-10 हजार की राशि और डीएवी स्कूल रिकांगपिओ के बच्चों को पांच हजार की राशि प्रदान की। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी पूह विनय मोदी, वनमंडलाधिकारी अरविंद कुमार, जिला परिषद उपाध्यक्ष प्रिया नेगी, पंचायत समिति कल्पा की अध्यक्षा ललीता पंचारस, जिला परिषद सदस्य हितेश नेगी, किनफैड के अध्यक्षत चंद्र गोपाल, हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के निदेशक विक्रम सिंह नेगी, खंड विकास अधिकारी अभिषेक बरवाल, किन्नौर कांग्रेस समिति के अध्यक्ष उमेश नेगी, जिला आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष रिंम चंद्र विष्ट, पूह ब्लॉक कांग्रेस समिति के अध्यक्ष प्रेम, पार्टी के पदाधिकारी, अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला(किन्नौर)। पूह की आकपा पंचायत में 21 लाख रुपये की लागत से निर्मित वन विश्राम गृह का राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने सोमवार को उद्घाटन किया। मंत्री ने वन विभाग की ओर से आयोजित वन महोत्सव समारोह में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस दौरान उन्होंने खादरा डाक में पौधरोपण भी किया। बागवानी मंत्री ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि वन संपदा को बचाए रखना हम सब का दायित्व है ताकि पर्यावरण को स्वच्छ रखा जा सके। उन्होंने लोगों से आग्रह किया की वन संपदा को बचाए रखने में अपनी भूमिका निभाएं और अधिक से अधिक पौधे लगाए। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि रिब्बा पंचायत के लिए 20 करोड़ रुपये से सीवरेज व्यवस्था का निर्माण कार्य चल रहा है और पांगी पंचायत के सीवरेज व्यवस्था के लिए 11 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है। राजस्व मंत्री ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों के निर्धन एवं भूमिहीन लोगों को वन अधिकार अधिनियम-2006 के तहत उनके अपनी नाम की जमीन का मालिकाना हक उपलब्ध करवाने के प्रति वर्तमान प्रदेश सरकार कृत-संकल्पित है।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि वन अधिकार अधिनियम-2006 तत्कालीन कांग्रेस सरकार में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की देन है। इसके तहत भूमिहीन लोगों को उनके अपनी नाम की जमीन का मालिकाना हक प्रदान किया गया। राजस्व मंत्री ने बताया कि वन अधिकार अधिनियम-2006 के तहत प्राप्त मामलों को अगले स्तर तक ले जाने के लिए पंचायतों में आयोजित होने वाली ग्राम सभाओं में 50 प्रतिशत की हाजिरी आवश्यक है। इसमें 10 प्रतिशत महिलाओं का होना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 भी तत्कालीन कांग्रेस सरकार की देन है। इसकेजिसके माध्यम से आम नागरिक किसी भी सरकारी विभाग से सूचना प्राप्त कर सकता है। इस अधिनियम को लाने का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को सशक्त बनाने, सरकार के कार्य में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व लाने, भ्रष्टाचार को नियंत्रित करना एवं हमारे लोकतंत्र को लोगों के लिए कामयाब बनाना है। उन्होंने उपस्थित जनों से आग्रह किया कि वे इस अधिनियम का लाभ उठाए तथा सरकार द्वारा चलाई गई नीतियों व योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें।
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राजस्व मंत्री ने बताया कि नौतोड अधिनियम-1968 जो की प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार की देन है। इस कानून की बदौलत निर्धन एवं उपेक्षित वर्गों को राहत मिली है। इस दौरान राजस्व मंत्री ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाली महिला मंडलों को 10-10 हजार की राशि और डीएवी स्कूल रिकांगपिओ के बच्चों को पांच हजार की राशि प्रदान की। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी पूह विनय मोदी, वनमंडलाधिकारी अरविंद कुमार, जिला परिषद उपाध्यक्ष प्रिया नेगी, पंचायत समिति कल्पा की अध्यक्षा ललीता पंचारस, जिला परिषद सदस्य हितेश नेगी, किनफैड के अध्यक्षत चंद्र गोपाल, हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के निदेशक विक्रम सिंह नेगी, खंड विकास अधिकारी अभिषेक बरवाल, किन्नौर कांग्रेस समिति के अध्यक्ष उमेश नेगी, जिला आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष रिंम चंद्र विष्ट, पूह ब्लॉक कांग्रेस समिति के अध्यक्ष प्रेम, पार्टी के पदाधिकारी, अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।

राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी का आकपा में स्कूली बच

राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी का आकपा में स्कूली बच
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