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Rampur Bushahar News: बजट के अभाव में लटका री रडोह अमरोआ पुल का कार्य
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- विभाग ने शेष बचे कार्य को पूरा करने के लिए मांगा है दो करोड़
-90 प्रतिशत अधिक पुल का निर्माण कार्य, 120 मीटर अप्रोच का कार्य पूरा करना बाकी
संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता (बिलासपुर)। झंडूता विस क्षेत्र के उपमंडल मुख्यालय अनंदघाट को जोड़ने वाले री रडोह अमरोआ पुल का निर्माण कार्य बजट के अभाव में रुक गया है। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र में यह पहला डबल लेन पुल है। लोक निर्माण विभाग ने अक्तूबर 2023 तक निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा था। विभाग ने शेष बचे निर्माण कार्य के लिए दो करोड़ के बजट की मांग की है।
री रडोह पुल का डिजाइन पहले सिंगल लाइन लेन किया था। बाद में पुल का डिजाइन डबल लेन किया गया। जो पैसा सिंगल लेन के लिए स्वीकृत हुआ था वह पूरा खर्च हो चुका है। पुल के निर्माण कार्य को संबंधित ठेकेदार ने विभाग की समय अवधि में पूरा करने का प्रयास किया। अब पैसे के अभाव में कार्य रुका हुआ है। पुल का निर्माण कार्य 90 प्रतिशत से अधिक हो गया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार करीब 120 मीटर के दायरे में अप्रोच के कार्य को पूरा करना बाकी है। बिलासपुर और हमीरपुर के झंडूता, घुमारवीं और बड़सर विधानसभा क्षेत्र की करीब दो दर्जन से अधिक ग्राम पंचायतों की पचास हजार से अधिक जनसंख्या पुल से लाभान्वित होगी। वहीं उपमंडल मुख्यालय अनंदघाट को जोड़ने वाले रो रडोह पुल के बनने के बाद झंडूता और बरठीं के बीच की दूरी आधे से ज्यादा कम हो जाएगी। झंडूता से बरठीं की दूरी 12 किलोमीटर है। 100 मीटर लंबे इस पुल के निर्माण कार्य पर करीब छह करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। पुल का निर्माण आधुनिक तकनीक से किया गया है। पुल की अप्रोच के लिए स्थानीय लोगों ने अपनी भूमि दान दी है। इस पुल की खास बात यह रहेगी कि यह पुल ग्रामीण क्षेत्रों में बनने वाला हिमाचल प्रदेश राज्य का पहला डबल लेन पुल होगा। अभी तक पुल के साथ अस्थायी तौर पर सड़क मार्ग निकाल कर वाहनों के आने जाने की सुविधा मिल रही है।
2018 में री रडोह पुल की डीपीआर तैयार करने का कार्य शुरू हुआ था। 2019 के बाद नाबार्ड के सहयोग से पैसा मिलने पर पुल का निर्माण कार्य 2021 में शुरू हुआ। करीब दो साल की अवधि में लोक निर्माण विभाग ने पुल को तैयार करने का लक्ष्य रखा। मई 2021 में लोक निर्माण विभाग ने कार्य ठेकेदार को दिया था। झंडूता विधानसभा क्षेत्र के तहत सीर खड्ड पर यह चौथा पुल बनने जा रहा है। इससे पहले सुन्हाणी, मांडवा और पीपलूघाट पुलों से लोगों को आने जाने की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हुई हैं। री रडोह अमरोआ पुल झंडूता घुमारवीं और बड़सर विधानसभा क्षेत्र के लोगों को राज्य से बाहर जाने के लिए वाया नंद नगराओं से बबखाल पुल से होते हुए सीधा पंजाब की सीमा से जोड़ेगा। वहीं बरठीं से पंजाब राज्य की सीमा 35 किलोमीटर रह जाएगी।
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कोट
पहले पुल को सिंगल लाइन डिजाइन किया था। इसके बाद पुल को डबल लेन डिजाइन किया गया। पैसा न होने से कार्य रुका हुआ है। विभाग ने शेष बचे निर्माण कार्य के लिए दो करोड़ के फंड की डिमांड की है। पैसा मिलने के बाद विभाग पुल के कार्य को तीन माह के भीतर पूरा कर देगा।
-केके चौहान, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग झंडूता
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-90 प्रतिशत अधिक पुल का निर्माण कार्य, 120 मीटर अप्रोच का कार्य पूरा करना बाकी
संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता (बिलासपुर)। झंडूता विस क्षेत्र के उपमंडल मुख्यालय अनंदघाट को जोड़ने वाले री रडोह अमरोआ पुल का निर्माण कार्य बजट के अभाव में रुक गया है। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र में यह पहला डबल लेन पुल है। लोक निर्माण विभाग ने अक्तूबर 2023 तक निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा था। विभाग ने शेष बचे निर्माण कार्य के लिए दो करोड़ के बजट की मांग की है।
री रडोह पुल का डिजाइन पहले सिंगल लाइन लेन किया था। बाद में पुल का डिजाइन डबल लेन किया गया। जो पैसा सिंगल लेन के लिए स्वीकृत हुआ था वह पूरा खर्च हो चुका है। पुल के निर्माण कार्य को संबंधित ठेकेदार ने विभाग की समय अवधि में पूरा करने का प्रयास किया। अब पैसे के अभाव में कार्य रुका हुआ है। पुल का निर्माण कार्य 90 प्रतिशत से अधिक हो गया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार करीब 120 मीटर के दायरे में अप्रोच के कार्य को पूरा करना बाकी है। बिलासपुर और हमीरपुर के झंडूता, घुमारवीं और बड़सर विधानसभा क्षेत्र की करीब दो दर्जन से अधिक ग्राम पंचायतों की पचास हजार से अधिक जनसंख्या पुल से लाभान्वित होगी। वहीं उपमंडल मुख्यालय अनंदघाट को जोड़ने वाले रो रडोह पुल के बनने के बाद झंडूता और बरठीं के बीच की दूरी आधे से ज्यादा कम हो जाएगी। झंडूता से बरठीं की दूरी 12 किलोमीटर है। 100 मीटर लंबे इस पुल के निर्माण कार्य पर करीब छह करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। पुल का निर्माण आधुनिक तकनीक से किया गया है। पुल की अप्रोच के लिए स्थानीय लोगों ने अपनी भूमि दान दी है। इस पुल की खास बात यह रहेगी कि यह पुल ग्रामीण क्षेत्रों में बनने वाला हिमाचल प्रदेश राज्य का पहला डबल लेन पुल होगा। अभी तक पुल के साथ अस्थायी तौर पर सड़क मार्ग निकाल कर वाहनों के आने जाने की सुविधा मिल रही है।
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2018 में री रडोह पुल की डीपीआर तैयार करने का कार्य शुरू हुआ था। 2019 के बाद नाबार्ड के सहयोग से पैसा मिलने पर पुल का निर्माण कार्य 2021 में शुरू हुआ। करीब दो साल की अवधि में लोक निर्माण विभाग ने पुल को तैयार करने का लक्ष्य रखा। मई 2021 में लोक निर्माण विभाग ने कार्य ठेकेदार को दिया था। झंडूता विधानसभा क्षेत्र के तहत सीर खड्ड पर यह चौथा पुल बनने जा रहा है। इससे पहले सुन्हाणी, मांडवा और पीपलूघाट पुलों से लोगों को आने जाने की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हुई हैं। री रडोह अमरोआ पुल झंडूता घुमारवीं और बड़सर विधानसभा क्षेत्र के लोगों को राज्य से बाहर जाने के लिए वाया नंद नगराओं से बबखाल पुल से होते हुए सीधा पंजाब की सीमा से जोड़ेगा। वहीं बरठीं से पंजाब राज्य की सीमा 35 किलोमीटर रह जाएगी।
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पहले पुल को सिंगल लाइन डिजाइन किया था। इसके बाद पुल को डबल लेन डिजाइन किया गया। पैसा न होने से कार्य रुका हुआ है। विभाग ने शेष बचे निर्माण कार्य के लिए दो करोड़ के फंड की डिमांड की है। पैसा मिलने के बाद विभाग पुल के कार्य को तीन माह के भीतर पूरा कर देगा।
-केके चौहान, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग झंडूता