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Rampur Bushahar News: सोलन जिले के तीन अस्पतालों में होगा एयर क्वॉलिटी पर शोध
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क्षेत्रीय अस्पताल सोलन, सिविल अस्पताल कंडाघाट व सीएचसी सायरी का हुआ चयन
ओटी, डॉक्टर व नर्स रूम समेत स्टॉफ रूम समेत अन्य जगहों पर होगी जांच
टीबी, हार्ट समेत अन्य सांस से संबंधित बीमारियों के रोगियों को मिलेगा लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और मरीज-अनुकूल बनाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग एक बड़ी पहल करने जा रहा है। इसमें अस्पतालों में अब एयर क्वॉलिटी पर शोध किया जाएगा। पहले चरण में सोलन जिले के तीन मुख्य अस्पतालों में अब एयर क्वॉलिटी पर शोध किया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने शुरूआत कर दी है। इसके लिए खंड चिकित्सा अधिकारी सायरी डॉ. एके सिंह शोध कर रहे हैं। इसमें जिले के तीन अस्पतालों को लिया गया है। इसमें क्षेत्रीय अस्पताल सोलन, सिविल अस्पताल कंडाघाट और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सायरी को चुना गया है। इन अस्पतालों में हवा की गुणवत्ता को लेकर विशेष रिसर्च की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य अस्पताल के भीतर के वातावरण को इतना स्वच्छ बनाना है कि वहां आने वाले मरीजों को संक्रमण का खतरा कम से कम हो। वहीं आगामी दिनों में प्रदेश के अन्य अस्पतालों में भी इस पर रिसर्च होगी।
इसमें अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर को संक्रमण मुक्त वातावरण सुनिश्चित करने, डॉक्टर और नर्स के कमरों में चिकित्सा कर्मियों की सेहत का ख्याल रखने के लिए और जहां मरीजों और उनके परिजनों की आवाजाही सबसे अधिक रहती है। वहां पर एयर क्वॉलिटी की जांच की जाएगी। इस रिसर्च का सबसे सकारात्मक प्रभाव उन मरीजों पर पड़ेगा जिनकी सांसें स्वच्छ हवा पर निर्भर हैं। इस रिसर्च से न केवल वर्तमान स्थिति का पता चलेगा, बल्कि भविष्य में अस्पतालों के निर्माण और वेंटिलेशन सिस्टम को सुधारने के लिए एक ठोस आधार भी तैयार होगा। साथ यह भी पता चल सकेगा कि अस्पताल में कहां-कहां पर संक्रमण अधिक है और मरीजों को वहां पर खतरा हो सकता है। इसके लिए एक आधुनिक मशीन खरीदी गई है, जो इस शोध में मदद करेगी।
रिसर्च से इन्हें मिलेगा लाभ
इस रिसर्च से यह पता चलेगा कि अस्पताल में कितनी स्वच्छ हवा है। यदि हवा खराब भी होगी तो उसे बेहतर बनाने के लिए कार्य किया जाएगा। खासकर इस प्रयास से क्षयरोग के मरीजों बेहतर एयर क्वालिटी फेफड़ों की रिकवरी में मदद करेगी। साथ ही हृदय रोगी को भी स्वच्छ वातावरण से दिल पर पड़ने वाला तनाव कम होता है। वहीं अस्पताल में आने वाले अन्य मरीजों को भी संक्रमण का खतरा कम हो सकेगा। पहली बार इस तरह की रिसर्च अस्पतालों में की जा रही है।
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कोट
जिले के अस्पतालों में एयर क्वॉलिटी पर शोध किया जा रहा है। पहले चरण में सोलन जिले के तीन बड़े अस्पताल लिए गए हैं। इसमें क्षेत्रीय अस्पताल सोलन, सिविल अस्पताल कंडाघाट और सीएचसी सायरी शामिल हैं। इसमें यह पता चलेगा कि अस्पताल परिसर में कितनी शुद्ध हवा है। इससे मरीजों को बेहतर वातावरण मिल सकेगा। आगामी दिनों में प्रदेश के अन्य अस्पतालों में भी यह रिसर्च शुरू होगी।
डॉ. एके सिंह, बीएमओ सायरी, रिसर्च अधिकारी
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ओटी, डॉक्टर व नर्स रूम समेत स्टॉफ रूम समेत अन्य जगहों पर होगी जांच
टीबी, हार्ट समेत अन्य सांस से संबंधित बीमारियों के रोगियों को मिलेगा लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और मरीज-अनुकूल बनाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग एक बड़ी पहल करने जा रहा है। इसमें अस्पतालों में अब एयर क्वॉलिटी पर शोध किया जाएगा। पहले चरण में सोलन जिले के तीन मुख्य अस्पतालों में अब एयर क्वॉलिटी पर शोध किया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने शुरूआत कर दी है। इसके लिए खंड चिकित्सा अधिकारी सायरी डॉ. एके सिंह शोध कर रहे हैं। इसमें जिले के तीन अस्पतालों को लिया गया है। इसमें क्षेत्रीय अस्पताल सोलन, सिविल अस्पताल कंडाघाट और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सायरी को चुना गया है। इन अस्पतालों में हवा की गुणवत्ता को लेकर विशेष रिसर्च की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य अस्पताल के भीतर के वातावरण को इतना स्वच्छ बनाना है कि वहां आने वाले मरीजों को संक्रमण का खतरा कम से कम हो। वहीं आगामी दिनों में प्रदेश के अन्य अस्पतालों में भी इस पर रिसर्च होगी।
इसमें अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर को संक्रमण मुक्त वातावरण सुनिश्चित करने, डॉक्टर और नर्स के कमरों में चिकित्सा कर्मियों की सेहत का ख्याल रखने के लिए और जहां मरीजों और उनके परिजनों की आवाजाही सबसे अधिक रहती है। वहां पर एयर क्वॉलिटी की जांच की जाएगी। इस रिसर्च का सबसे सकारात्मक प्रभाव उन मरीजों पर पड़ेगा जिनकी सांसें स्वच्छ हवा पर निर्भर हैं। इस रिसर्च से न केवल वर्तमान स्थिति का पता चलेगा, बल्कि भविष्य में अस्पतालों के निर्माण और वेंटिलेशन सिस्टम को सुधारने के लिए एक ठोस आधार भी तैयार होगा। साथ यह भी पता चल सकेगा कि अस्पताल में कहां-कहां पर संक्रमण अधिक है और मरीजों को वहां पर खतरा हो सकता है। इसके लिए एक आधुनिक मशीन खरीदी गई है, जो इस शोध में मदद करेगी।
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रिसर्च से इन्हें मिलेगा लाभ
इस रिसर्च से यह पता चलेगा कि अस्पताल में कितनी स्वच्छ हवा है। यदि हवा खराब भी होगी तो उसे बेहतर बनाने के लिए कार्य किया जाएगा। खासकर इस प्रयास से क्षयरोग के मरीजों बेहतर एयर क्वालिटी फेफड़ों की रिकवरी में मदद करेगी। साथ ही हृदय रोगी को भी स्वच्छ वातावरण से दिल पर पड़ने वाला तनाव कम होता है। वहीं अस्पताल में आने वाले अन्य मरीजों को भी संक्रमण का खतरा कम हो सकेगा। पहली बार इस तरह की रिसर्च अस्पतालों में की जा रही है।
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कोट
जिले के अस्पतालों में एयर क्वॉलिटी पर शोध किया जा रहा है। पहले चरण में सोलन जिले के तीन बड़े अस्पताल लिए गए हैं। इसमें क्षेत्रीय अस्पताल सोलन, सिविल अस्पताल कंडाघाट और सीएचसी सायरी शामिल हैं। इसमें यह पता चलेगा कि अस्पताल परिसर में कितनी शुद्ध हवा है। इससे मरीजों को बेहतर वातावरण मिल सकेगा। आगामी दिनों में प्रदेश के अन्य अस्पतालों में भी यह रिसर्च शुरू होगी।
डॉ. एके सिंह, बीएमओ सायरी, रिसर्च अधिकारी