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Rampur Bushahar News: डॉ. हरि दत्त वाजपेयी के सम्मान में स्मारिका का विमोचन, योगदान को किया याद
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डॉ. हरि दत्त वाजपेयी के सम्मान में स्मारिका का विमोचन, योगदान को किया याद
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। शिक्षा, संस्कृत, योग, अध्यात्म और सामाजिक चेतना के क्षेत्र में डॉ. हरि दत्त वाजपेयी के उल्लेखनीय योगदान को याद करते हुए एक स्मारिका का विमोचन किया गया। यह समारोह हिमाचल आदर्श संस्कृत कॉलेज जांगला में आयोजित हुआ। वक्ताओं ने बताया कि डॉ. वाजपेयी ने शिक्षा को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने इसे व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण का माध्यम बनाया। वे विद्यार्थियों के व्यक्तिगत मार्गदर्शन के लिए विशेष रूप से जाने जाते हैं। उन्होंने राष्ट्रचिंतन और राष्ट्रभक्ति की भावना जगाने में योगदान दिया। संस्कृत के प्रचार प्रसार और रामलीला निर्देशन में भी उनकी भूमिका रही। उन्होंने विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रतिभा निखारने में भी सहयोग किया। हिमाचल में संस्कृत को द्वितीय राजभाषा का दर्जा दिलाने के अभियान में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने के लिए उन्होंने योग और अध्यात्म के माध्यम से जागरूकता का कार्य किया। समारोह में स्नातक शिष्य मंडल के अध्यक्ष दीप शास्त्री, सचिव नरेश, कार्यक्रम अध्यक्ष रिंकू पांडे, सचिव श्यामलाल शास्त्री, कोषाध्यक्ष गणेश शास्त्री और संयोजक दीपक शास्त्री मौजूद रहे। संपादक मंडल के सदस्य भी इस अवसर पर उपस्थित थे। अतिथियों ने डॉ. वाजपेयी के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की। उन्होंने उनके योगदान को भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। शिक्षा, संस्कृत, योग, अध्यात्म और सामाजिक चेतना के क्षेत्र में डॉ. हरि दत्त वाजपेयी के उल्लेखनीय योगदान को याद करते हुए एक स्मारिका का विमोचन किया गया। यह समारोह हिमाचल आदर्श संस्कृत कॉलेज जांगला में आयोजित हुआ। वक्ताओं ने बताया कि डॉ. वाजपेयी ने शिक्षा को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने इसे व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण का माध्यम बनाया। वे विद्यार्थियों के व्यक्तिगत मार्गदर्शन के लिए विशेष रूप से जाने जाते हैं। उन्होंने राष्ट्रचिंतन और राष्ट्रभक्ति की भावना जगाने में योगदान दिया। संस्कृत के प्रचार प्रसार और रामलीला निर्देशन में भी उनकी भूमिका रही। उन्होंने विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रतिभा निखारने में भी सहयोग किया। हिमाचल में संस्कृत को द्वितीय राजभाषा का दर्जा दिलाने के अभियान में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने के लिए उन्होंने योग और अध्यात्म के माध्यम से जागरूकता का कार्य किया। समारोह में स्नातक शिष्य मंडल के अध्यक्ष दीप शास्त्री, सचिव नरेश, कार्यक्रम अध्यक्ष रिंकू पांडे, सचिव श्यामलाल शास्त्री, कोषाध्यक्ष गणेश शास्त्री और संयोजक दीपक शास्त्री मौजूद रहे। संपादक मंडल के सदस्य भी इस अवसर पर उपस्थित थे। अतिथियों ने डॉ. वाजपेयी के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की। उन्होंने उनके योगदान को भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया