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Rampur Bushahar News: जिले में 15,545 क्विंटल बालन लकड़ी की हुई आपूर्ति
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बर्फबारी से पहले 90 प्रतिशत बालन लकडी किन्नौर में पहुंचाना बड़ी उपलब्धि : खाची
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। प्रदेश वन विकास निगम उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची ने किन्नौर दौरे के दौरान रिकांगपिओ में पत्रकारवार्ता करते हुए कहा कि किन्नौर और स्पीति क्षेत्रों में बर्फबारी से पहले लोगों के मांग के मुताबिक बालन लकड़ी डिपुओं में उपलब्ध करवाई गई है। दो दिवसीय किन्नौर और स्पीति दौरे के दौरान उन्होंने बालन लकड़ी के डिपुओं का जायजा भी लिया। इस समय जिला किन्नौर के सभी बालन डिपुओं में पर्याप्त मात्रा में लकड़ी उपलब्ध है। खाची ने कहा कि इस बार किन्नौर और स्पीति के क्षेत्रों से 26,700 क्विंटल लकड़ी की मांग मिली थी। इस समय सभी बालन डिपुओं में 24,126 क्विंटल लकड़ी भेज दी गई है। स्पीति और किन्नौर जिले में 90 प्रतिशत लकड़ी समय से पूर्व और बर्फबारी से पहले पहुंच चुकी है जबकि कुछ क्षेत्रों में बालन लकड़ी स्टोर करने की क्षमता कम होने के कारण उन क्षेत्रों में लकड़ी धीरे-धीरे भेजी जा रही हैं। इस बर्फबारी से पहले 90 प्रतिशत बालन लकड़ी किन्नौर और स्पीति क्षेत्रों में पहुंचाया जा चुका है जो कि प्रदेश सरकार और बोर्ड की बड़ी उपलब्धि है। वन संपदा के संरक्षण पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि जंगलों में लगने वाले आग पर पूरी तरह काबू करना संभव नहीं है, क्योंकि जंगलों में हर जगह सड़क नहीं बनाई जा सकती लेकिन आने वाले समय में प्रदेश सरकार आग पर नियंत्रण करने के लिए ड्रोन की खरीदारी करने जा रही है जिससे ड्रोन के माध्यम से जंगलों में लगने वाली आग पर काबू पाया जा सके। किन्नौर जिला के कुल 9 डिपो से 20,100 क्विंटल बालन लकड़ी की मांग आई थी, जिसमें से अभी तक कुल 15,545 क्विंटल बालन लकड़ी की आपूर्ति डिपो में की गई है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। प्रदेश वन विकास निगम उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची ने किन्नौर दौरे के दौरान रिकांगपिओ में पत्रकारवार्ता करते हुए कहा कि किन्नौर और स्पीति क्षेत्रों में बर्फबारी से पहले लोगों के मांग के मुताबिक बालन लकड़ी डिपुओं में उपलब्ध करवाई गई है। दो दिवसीय किन्नौर और स्पीति दौरे के दौरान उन्होंने बालन लकड़ी के डिपुओं का जायजा भी लिया। इस समय जिला किन्नौर के सभी बालन डिपुओं में पर्याप्त मात्रा में लकड़ी उपलब्ध है। खाची ने कहा कि इस बार किन्नौर और स्पीति के क्षेत्रों से 26,700 क्विंटल लकड़ी की मांग मिली थी। इस समय सभी बालन डिपुओं में 24,126 क्विंटल लकड़ी भेज दी गई है। स्पीति और किन्नौर जिले में 90 प्रतिशत लकड़ी समय से पूर्व और बर्फबारी से पहले पहुंच चुकी है जबकि कुछ क्षेत्रों में बालन लकड़ी स्टोर करने की क्षमता कम होने के कारण उन क्षेत्रों में लकड़ी धीरे-धीरे भेजी जा रही हैं। इस बर्फबारी से पहले 90 प्रतिशत बालन लकड़ी किन्नौर और स्पीति क्षेत्रों में पहुंचाया जा चुका है जो कि प्रदेश सरकार और बोर्ड की बड़ी उपलब्धि है। वन संपदा के संरक्षण पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि जंगलों में लगने वाले आग पर पूरी तरह काबू करना संभव नहीं है, क्योंकि जंगलों में हर जगह सड़क नहीं बनाई जा सकती लेकिन आने वाले समय में प्रदेश सरकार आग पर नियंत्रण करने के लिए ड्रोन की खरीदारी करने जा रही है जिससे ड्रोन के माध्यम से जंगलों में लगने वाली आग पर काबू पाया जा सके। किन्नौर जिला के कुल 9 डिपो से 20,100 क्विंटल बालन लकड़ी की मांग आई थी, जिसमें से अभी तक कुल 15,545 क्विंटल बालन लकड़ी की आपूर्ति डिपो में की गई है।