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Rampur Bushahar News: नए साल में मिलेगी ट्रॉमा सेंटर की सुविधा, बचाई जा सकेंगी बेशकीमती जिंदगियां
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साढ़े आठ करोड़ से बनकर तैयार हुआ बहुमंजिला भवन, चार जिलों के हजारों मरीजों को मिलेगी राहत
छह सालों के लंबे इंतजार के बाद आपात और हादसे के घायलों को मिल सकेगा बेहतर उपचार
रामपुर बुशहर। रामपुर उपमंडल में नए साल में रामपुरवासियों को ट्रॉमा सेंटर की सुविधा मिलेगी। इससे सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल होने वालों को समय पर उचित उपचार मिलेगा, जिससे कई बेशकीमती जिंदगियों को बचाया जा सकेगा। ट्रॉमा सेंटर बनने से गंभीर रूप से घायल और बीमार मरीजों को उपचार के लिए 130 किलोमीटर दूर आईजीएमसी शिमला की नहीं जाना पड़ेगा। कई बार समय पर उपचार नहीं मिलने से ऐसे मरीज बीच रास्ते में दम तोड़ देते हैं। अस्पताल में करीब साढ़े आठ करोड़ रुपये की लागत से ट्रॉमा सेंटर बनकर तैयार हो गया है। बहुमंजिला भवन का कार्य इन दिनों अंतिम चरण में है। महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल में अगस्त 2017 में ट्रॉमा सेंटर का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। सेंटर से किन्नौर, शिमला, कुल्लू और मंडी जिले के लोग लाभान्वित होंगे। शुरूआती दौर में जहां ट्रॉमा सेंटर के लिए पांच करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित था, वहीं छह वर्ष के अंतराल में यह बजट करीब साढ़े आठ करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। वर्तमान में ओपीडी और आईपीडी ब्लॉक को जोड़ने का कार्य प्रगति पर है। जनवरी से क्षेत्र के लोगों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है। ऐसे में यह ट्रॉमा सेंटर क्षेत्र में स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा।
कोट्स
करीब साढ़े आठ करोड़ की लागत से ट्रॉमा सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। भवन का कार्य अंतिम चरण में है। ट्रॉमा सेंटर को ओपीडी और आईपीडी से जोड़ने का कार्य भी चल रहा है। नया साल 2024 में यह बनकर तैयार होगा।
बृजलाल, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग रामपुर
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छह सालों के लंबे इंतजार के बाद आपात और हादसे के घायलों को मिल सकेगा बेहतर उपचार
रामपुर बुशहर। रामपुर उपमंडल में नए साल में रामपुरवासियों को ट्रॉमा सेंटर की सुविधा मिलेगी। इससे सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल होने वालों को समय पर उचित उपचार मिलेगा, जिससे कई बेशकीमती जिंदगियों को बचाया जा सकेगा। ट्रॉमा सेंटर बनने से गंभीर रूप से घायल और बीमार मरीजों को उपचार के लिए 130 किलोमीटर दूर आईजीएमसी शिमला की नहीं जाना पड़ेगा। कई बार समय पर उपचार नहीं मिलने से ऐसे मरीज बीच रास्ते में दम तोड़ देते हैं। अस्पताल में करीब साढ़े आठ करोड़ रुपये की लागत से ट्रॉमा सेंटर बनकर तैयार हो गया है। बहुमंजिला भवन का कार्य इन दिनों अंतिम चरण में है। महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल में अगस्त 2017 में ट्रॉमा सेंटर का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। सेंटर से किन्नौर, शिमला, कुल्लू और मंडी जिले के लोग लाभान्वित होंगे। शुरूआती दौर में जहां ट्रॉमा सेंटर के लिए पांच करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित था, वहीं छह वर्ष के अंतराल में यह बजट करीब साढ़े आठ करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। वर्तमान में ओपीडी और आईपीडी ब्लॉक को जोड़ने का कार्य प्रगति पर है। जनवरी से क्षेत्र के लोगों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है। ऐसे में यह ट्रॉमा सेंटर क्षेत्र में स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा।
कोट्स
करीब साढ़े आठ करोड़ की लागत से ट्रॉमा सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। भवन का कार्य अंतिम चरण में है। ट्रॉमा सेंटर को ओपीडी और आईपीडी से जोड़ने का कार्य भी चल रहा है। नया साल 2024 में यह बनकर तैयार होगा।
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बृजलाल, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग रामपुर