फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   rampur news rohru news mid days meal worker protest for many demands

मिड-डे मील वर्करों ने रोहड़ू में किया प्रदर्शन

Tue, 20 Jul 2021 05:36 PM IST
शिमला ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, रोहड़ू
अमर उजाला नेटवर्क, रोहड़ू Published by: शिमला ब्यूरो Updated Tue, 20 Jul 2021 05:36 PM IST
सार

रोहडू़ में एसडीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन में सीटू जिला महासचिव अजय दुलटा, जिला कमेटी सदस्य सुनील मेहता, संसार चंद खलस्टा, नरेश कुमार, मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन से इकाई अध्यक्ष सुलक्षणा ठाकुर , सचिव प्रदीप, मेहर सिंह, प्रितमा, शारदा ठाकुर, नलिनी सिंह, शारदा, सुलेखा, दीपना, कमलेश, हिरापती, गीता राजटा, चंपा, कांता, कागल देवी, जय पुरी, इंद्रा और शशि शामिल रहे। यूनियन ने उपमंडल अधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा।

विज्ञापन
rampur news rohru news mid days meal worker protest for many demands
प्रदर्शन(सांकेतिक)

विस्तार

मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन ने मांगों को लेकर रोहडू़ में प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार से मांगों को पूरा करने के लिए मांग रखी। इस दौरान वर्कर्स ने जमकर नारेबाजी भी की। उन्होंने कहा प्रदेश और केंद्र सरकार मिड-डे मील के निजीकरण के लिए उनके भविष्य को लेकर साजिश रच रही है। जब तक समस्या का समाधान नहीं होता, प्रदेशव्यापी आंदोलन को तेज किया जाएगा। उपमंडल रोहडू़ के मिड-डे मील वर्कर्स ने चेतावनी दी कि उनके पास आंदोलन को तेज करना ही एक विकल्प रह गया है।

विज्ञापन


रोहडू़ में एसडीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन में सीटू जिला महासचिव अजय दुलटा, जिला कमेटी सदस्य सुनील मेहता, संसार चंद खलस्टा, नरेश कुमार, मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन से इकाई अध्यक्ष सुलक्षणा ठाकुर , सचिव प्रदीप, मेहर सिंह, प्रितमा, शारदा ठाकुर, नलिनी सिंह, शारदा, सुलेखा, दीपना, कमलेश, हिरापती, गीता राजटा, चंपा, कांता, कागल देवी, जय पुरी, इंद्रा और शशि शामिल रहे। यूनियन ने उपमंडल अधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा।
विज्ञापन


वक्ताओं ने केंद्र सरकार की मिड-डे मील विरोधी नीतियों पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार मिड-डे मील योजना के निजीकरण की साजिश रच रही है। साल दर साल इस योजना के बजट में कटौती हो रही है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2009 के बाद मिड-डे मील कर्मियों के मानदेय में एक भी रुपये की बढ़ोतरी नहीं की है। उन्हें वर्तमान में केवल 2600 रुपये मानदेय मिल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

महंगाई के इस दौर में इसससे गुजारा करना असंभव है।

इसके अलावा उन्हें छुट्टियां, ईपीएफ और मेडिकल की कोई सुविधा नहीं दी जा रही। इकाई अध्यक्ष सुलक्षणा ठाकुर ने सरकार से मांग की कि मिड-डे मील कर्मियों को न्यूनतम मानदेय नौ हजार रुपये दिया जाए। महिला कर्मियों के लिए वेतन सहित छह महीने का प्रसूति अवकाश भी मिले। उन्होंने कहा कि मिड-डे मील वर्कर्स स्कूल में सभी तरह का कार्य करते हैं।


उन्हें ही मल्टी टास्क वर्कर के रूप में नियुक्त किया जाए। उन्हें साल में दो ड्रेस, बीमा योजना लागू करने, रिटायरमेंट पर चार लाख रुपये ग्रेच्युटी देने, दुर्घटना में पचास हजार रुपये, मेडिकल सुविधा लागू करने सहित सभी प्रकार की छुट्टियां, दस महीने की जगह बारह महीने का वेतन देने की मांग की है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed