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Rampur Bushahar News: हजारों लोगों की मौजूदगी में निभाई शिखा पूजन की रस्म
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देव परंपरा के हजारों लोग बनें साक्षी, पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुनों पर झूमते रहे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। रोहड़ू उपमंडल के अंतर्गत गवास गांव में देवता गुडारू महाराज के सानिध्य में आयोजित तीन दिवसीय शांत महायज्ञ के दूसरे दिन शिखा फेर की मुख्य रस्म निभाई गई। इस दौरान हजारों लोग इस परंपरा के साक्षी बने। फेर रस्म के दौरान रोहटान खूंद ने सुबह 9:00 बजे मंदिर की परिक्रमा करके शिखा रस्म निभाई । इसके बाद शिखा रस्म दोपहर एक बजे मंदिर की छत पर पारंपरिक ढंग से पूजा अर्चना करके पूरी की गई। इस दौरान शिखा फेर रस्म में हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे। देवमयी माहौल में देवी-देवताओं के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। दिनभर लोग पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुनों पर देवलूओं के साथ झूमते रहे। गवास में आयोजित 36 सालों के बाद शांत महायज्ञ में देवी देवताओ के साथ विभिन्न क्षेत्रों से आए देवलू और अन्य लोग पहुंचे हैं। मंगलवार को को देवताओं और खूंदों को उछड़ पाछड़ के साथ विदाई दी जाएगी। इसके साथ ही धार्मिक आयोजन का समापन होगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। रोहड़ू उपमंडल के अंतर्गत गवास गांव में देवता गुडारू महाराज के सानिध्य में आयोजित तीन दिवसीय शांत महायज्ञ के दूसरे दिन शिखा फेर की मुख्य रस्म निभाई गई। इस दौरान हजारों लोग इस परंपरा के साक्षी बने। फेर रस्म के दौरान रोहटान खूंद ने सुबह 9:00 बजे मंदिर की परिक्रमा करके शिखा रस्म निभाई । इसके बाद शिखा रस्म दोपहर एक बजे मंदिर की छत पर पारंपरिक ढंग से पूजा अर्चना करके पूरी की गई। इस दौरान शिखा फेर रस्म में हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे। देवमयी माहौल में देवी-देवताओं के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। दिनभर लोग पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुनों पर देवलूओं के साथ झूमते रहे। गवास में आयोजित 36 सालों के बाद शांत महायज्ञ में देवी देवताओ के साथ विभिन्न क्षेत्रों से आए देवलू और अन्य लोग पहुंचे हैं। मंगलवार को को देवताओं और खूंदों को उछड़ पाछड़ के साथ विदाई दी जाएगी। इसके साथ ही धार्मिक आयोजन का समापन होगा।