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राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद देश में शुरू होगा राम राज्य : अजय गिरी

Mon, 08 Jan 2024 07:29 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 08 Jan 2024 07:29 PM IST
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महंत अजय गिरी महाराज और महंत मस्तगिरी लेंगे प्राण प्रतिष्ठा में भाग
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संवाद न्यूज एजेंसी

रामपुर बुशहर। 500 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद देशवासियों में अयोध्या में राम लल्ला की स्थापना होने की अपरा खुशी है। 22 जनवरी को होने वाली राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में 156 संत परंपराओं के महात्मा, 13 अखाड़े और सभी छह दर्शन के धर्माचार्य भाग लेंगे। इस धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेने के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र से देश और विदेशों में निमंत्रण पत्र भेजे जा रहे हैं। रामपुर उपमंडल के दो मंदिरों से सनातन का प्रचार कर रहे महंतों को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा समारोह का निमंत्रण पहुंचा है। रामपुर शहर स्थित शनि मंदिर के महंत अजय गिरी महाराज और ज्यूरी स्थित उन्नू महादेव मंदिर के महंत मस्त गिरी महाराज को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए निमंत्रण आया है। देश के प्रतिष्ठित जूना अखाड़ा से संबंध रखने वाले दोनों महंत बीते डेढ़ दशक से भी अधिक समय से रामपुर क्षेत्र में सनातन धर्म का प्रचार प्रसार कर रहे हैं। दोनों महंतों ने राम मंदिर निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा को लेकर हर्ष जताया है। शनि मंदिर के महंत अजय गिरी महाराज ने कहा कि भगवान श्री राम के अयोध्या पहुंचने पर अब वनवास समाप्त हो गया है। राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद देश में फिर से राम राज्य शुरू होगा। भारत विश्व का एकमात्र ऐसा देश है, जहां सभी धर्मों का सम्मान किया जाता है। विश्व का पहला धर्म सनातन ही है, जिसका जीता जागता सबूत वेदों, शास्त्रों में मिलता है। विज्ञान भी सनातन के अस्तित्व को नहीं नकार सकता। उन्होंने कहा कि राम मंदिर की स्थापना के बाद देश फिर से विश्व गुरु बनेगा। अयोध्या के नया घाट में जन्मे 64 वर्षीय महंत अजय गिरी ने बताया कि 18 जनवरी को वह ट्रेन के जरिये चंडीगढ़ से लखनऊ और फिर यहां से आगे का सफर वाहन में तय करेंगे। वहीं ज्यूरी उन्नू महादेव के महंत मस्त गिरी महाराज ने बताया कि 1990 में वह कार सेवा में वह अयोध्या की ओर निकले थे, लेकिन फैजाबाद में उनको रोक दिया गया और यहां तैनात पुलिस जवानों ने उनको वापस दिल्ली भेज दिया। उस समय वह करीब 18 साल के थे। उन्होंने कहा कि राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में वह भाग लेंगे। ज्यूरी से वह हरिद्वार रवाना हो चुके हैं और यहां से अयोध्या की ओर निकलेंगे।
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