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Rampur Bushahar News: पर्यावरण संरक्षण के लिए लुहरी परियोजना ने दी 73 करोड़ की राशि
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पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण के कार्यों पर खर्च होगी राशि, कैट प्लान के तहत परियोजना प्रभावित क्षेत्रों में वन विभाग करेगा कार्य
परियोजना निर्माण से पर्यावरण को हुए नुकसान की भरपाई के लिए जारी की राशि
सुभाष सेन
रामपुर बुशहर। जिला शिमला और कुल्लू की लुहरी परियोजना से प्रभावित क्षेत्रों में 73 करोड़ रुपये से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके तहत पौधरोपण से लेकर अन्य कार्यों को अंजाम दिया जाएगा। इसके लिए लुहरी परियोजना ने 73 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। वन विभाग कैट प्लान के तहत इस कार्य को अंजाम देगा। गौर हो कि देश को रोशन करने में हिमाचल प्रदेश की विभिन्न नदियां अहम योगदान दे रही हैं। सतलुज भी जल विद्युत परियोजनाओं के लिए वरदान साबित हुई है। देश की सबसे बड़ी 1,500 मेगावाट नाथपा झाकड़ी जल विद्युत परियोजना भी इसी पर बनी है, जबकि सबसे कम लागत में तैयार हुई एसजेवीएन की रामपुर जल विद्युत परियोजना है। वहीं अब इस नदी पर निर्माणाधीन 210 मेगावाट लुहरी जल विद्युत परियोजना स्टेज-1 का जल्द देश और प्रदेश को लाभ मिलेगा। वहीं अपने निगमित दायित्व के तहत परियोजना प्रभावित क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण के तहत 73 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। कैट प्लान के तहत लुहरी एसजेवीएन परियोजना प्रबंधन ने यह राशि वन विभाग को जमा करवाई गई है। गौर हो कि शिमला और कुल्लू जिले में सतलुज नदी पर निर्माणाधीन 210 मेगावाट की लुहरी चरण एक जलविद्युत परियोजना से जिला शिमला के रामपुर, कुमारसैन और जिला कुल्लू के निरमंड उपमंडल की 16 पंचायतें प्रभावित क्षेत्र में आती हैं। परियोजना निर्माण से इन उपमंडलों की प्रभावित पंचायतों में वन संपदा और पर्यावरण को नुकसान पहुंचा है। ऐसे में परियोजना प्रभावित क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण को लेकर एसजेवीएन प्रबंधन ने वन विभाग को कैट प्लान के तहत 73 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। इस राशि से वन विभाग प्रभावित पंचायतों में पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण को लेकर किए जाने वाले कार्यों को पूरा करेगा। परियोजना ने वन विभाग कोटगढ़, रामपुर और लुहरी के लिए यह राशि जारी की है, जिससे परियोजना निर्माण से हुए नुकसान की कुछ हद तक भरपाई की जा सके। राशि के तहत जिला शिमला की नीरथ, दत्तनगर, देलठ, बड़ाच, करांगला, शमाथला, थानाधार, भुट्टी, कीरटी और जिला कुल्लू की नित्थर, देहरा, प्लेही, दुराह, शिल्ली, गढ़ेज और बाहवा पंचायत में पर्यावरण संरक्षण को लेकर वन विभाग की ओर से पर्यावरण संरक्षण के लिए विभिन्न कार्य किए जाएंगे। लुहरी परियोजना प्रमुख सुनील चौधरी ने बताया कि परियोजना प्रभावित क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण और पौधरोपण के लिए वन विभाग को राशि दी गई है। इससे विभाग पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यों को करेगा। एसजेवीएन की अन्य दो परियोजनाओं की तरह इस परियोजना ने भी पर्यावरण दिवस पर एक हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है।
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परियोजना निर्माण से पर्यावरण को हुए नुकसान की भरपाई के लिए जारी की राशि
सुभाष सेन
रामपुर बुशहर। जिला शिमला और कुल्लू की लुहरी परियोजना से प्रभावित क्षेत्रों में 73 करोड़ रुपये से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके तहत पौधरोपण से लेकर अन्य कार्यों को अंजाम दिया जाएगा। इसके लिए लुहरी परियोजना ने 73 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। वन विभाग कैट प्लान के तहत इस कार्य को अंजाम देगा। गौर हो कि देश को रोशन करने में हिमाचल प्रदेश की विभिन्न नदियां अहम योगदान दे रही हैं। सतलुज भी जल विद्युत परियोजनाओं के लिए वरदान साबित हुई है। देश की सबसे बड़ी 1,500 मेगावाट नाथपा झाकड़ी जल विद्युत परियोजना भी इसी पर बनी है, जबकि सबसे कम लागत में तैयार हुई एसजेवीएन की रामपुर जल विद्युत परियोजना है। वहीं अब इस नदी पर निर्माणाधीन 210 मेगावाट लुहरी जल विद्युत परियोजना स्टेज-1 का जल्द देश और प्रदेश को लाभ मिलेगा। वहीं अपने निगमित दायित्व के तहत परियोजना प्रभावित क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण के तहत 73 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। कैट प्लान के तहत लुहरी एसजेवीएन परियोजना प्रबंधन ने यह राशि वन विभाग को जमा करवाई गई है। गौर हो कि शिमला और कुल्लू जिले में सतलुज नदी पर निर्माणाधीन 210 मेगावाट की लुहरी चरण एक जलविद्युत परियोजना से जिला शिमला के रामपुर, कुमारसैन और जिला कुल्लू के निरमंड उपमंडल की 16 पंचायतें प्रभावित क्षेत्र में आती हैं। परियोजना निर्माण से इन उपमंडलों की प्रभावित पंचायतों में वन संपदा और पर्यावरण को नुकसान पहुंचा है। ऐसे में परियोजना प्रभावित क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण को लेकर एसजेवीएन प्रबंधन ने वन विभाग को कैट प्लान के तहत 73 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। इस राशि से वन विभाग प्रभावित पंचायतों में पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण को लेकर किए जाने वाले कार्यों को पूरा करेगा। परियोजना ने वन विभाग कोटगढ़, रामपुर और लुहरी के लिए यह राशि जारी की है, जिससे परियोजना निर्माण से हुए नुकसान की कुछ हद तक भरपाई की जा सके। राशि के तहत जिला शिमला की नीरथ, दत्तनगर, देलठ, बड़ाच, करांगला, शमाथला, थानाधार, भुट्टी, कीरटी और जिला कुल्लू की नित्थर, देहरा, प्लेही, दुराह, शिल्ली, गढ़ेज और बाहवा पंचायत में पर्यावरण संरक्षण को लेकर वन विभाग की ओर से पर्यावरण संरक्षण के लिए विभिन्न कार्य किए जाएंगे। लुहरी परियोजना प्रमुख सुनील चौधरी ने बताया कि परियोजना प्रभावित क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण और पौधरोपण के लिए वन विभाग को राशि दी गई है। इससे विभाग पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यों को करेगा। एसजेवीएन की अन्य दो परियोजनाओं की तरह इस परियोजना ने भी पर्यावरण दिवस पर एक हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है।