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Rampur Bushahar News: निगुलसरी से चार घंटे की गुजरेंगे सेब से लदे ट्रक और भारी वाहन
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रिकांगपिओ (किन्नौर)। किन्नौर जिले के निगुलसरी के समीप भूस्खलन के बाद लग रहे ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए प्रशासन ने वाहनों की आवाजाही की समयसारिणी तय की है। इसके तहत सेब से लदे ट्रक और अन्य भारी वाहन सुबह 4:00 से 8:00 बजे तक ही आवाजाही कर सकेंगे। वहीं अन्य सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही का समय सुबह 8:00 बजे से सांय 7:00 बजे निर्धारित किया गया है।
प्रशासन ने साफ किया है कि अगर पहाड़ी से पत्थरों के गिरने का सिलसिला थम जाता है, तो शाम सात बजे के बाद भी यातायात सुचारू रूप से चलाया जा सकता है। वहीं सुरक्षा की दृष्टि से निगुलसरी में 30 होमगार्ड के जवानों के साथ-साथ अतिरिक्त पुलिस जवान तैनात किए गए हैं।
गौर हो कि निगुलसरी में भारी भूस्खलन के कारण एनएच पांच पूरी तरह से अवरूद्ध हो गया था, जिसे 10 दिन के बाद बहाल किया गया है लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात सुचारू रखना प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। जबसे राष्ट्रीय राजमार्ग बहाल हुआ है, तभी से दोनों और वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं।
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प्रशासन ने एहतियातन निगुलसरी सिंकिंग प्वाइंट से एक-एक वाहन को भेजा रहा है। इससे हालत यह बन गए हैं कि सेब से लदे वाहनों सहित अन्य गाड़ियों को यहां से गुजरने के लिए घंटों जाम में परेशान होना पड़ रहा है। वहीं निगुलसरी में भारी वाहनों के गुजरने के बाद छोटे वाहनों को गुजरने में भी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इसकी वजह यह है कि भारी वाहनों के चलने से कच्ची सड़क में कीचड़ और गड्ढों के कारण वाहनों का गुजरना मुश्किल हो गया है। इससे जिले की हजारों की जनता परेशान हो रही है। जिले के लोग एलपीजी सिलिंंडर और पेट्रोल की कमी से जूझ रहे हैं। इस कारण ट्रकों और अन्य वाहनों में सेब लोड नहीं हो पा रहा है।
इस वजह से बागवानों के सेब की पेटियां बगीचों में ही पड़ी हैं। जिला दंडाधिकारी किन्नौर तोरुल एस रवीश ने कहा कि एनएच पांच निगुलसरी सिंकिंग प्वाइंट पर जाम की समस्या से निजात दिलाने और यातायात को सुचारू रूप से चलाने के लिए सेब से लदे ट्रकों और अन्य सामान से लदे भारी वाहनों की आवाजाही सुबह चार बजे से आठ बजे तक हो सकेगी। यातायात को सुचारू चलाने के लिए प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है।
- संवाद
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प्रशासन ने साफ किया है कि अगर पहाड़ी से पत्थरों के गिरने का सिलसिला थम जाता है, तो शाम सात बजे के बाद भी यातायात सुचारू रूप से चलाया जा सकता है। वहीं सुरक्षा की दृष्टि से निगुलसरी में 30 होमगार्ड के जवानों के साथ-साथ अतिरिक्त पुलिस जवान तैनात किए गए हैं।
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गौर हो कि निगुलसरी में भारी भूस्खलन के कारण एनएच पांच पूरी तरह से अवरूद्ध हो गया था, जिसे 10 दिन के बाद बहाल किया गया है लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात सुचारू रखना प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। जबसे राष्ट्रीय राजमार्ग बहाल हुआ है, तभी से दोनों और वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं।
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प्रशासन ने एहतियातन निगुलसरी सिंकिंग प्वाइंट से एक-एक वाहन को भेजा रहा है। इससे हालत यह बन गए हैं कि सेब से लदे वाहनों सहित अन्य गाड़ियों को यहां से गुजरने के लिए घंटों जाम में परेशान होना पड़ रहा है। वहीं निगुलसरी में भारी वाहनों के गुजरने के बाद छोटे वाहनों को गुजरने में भी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इसकी वजह यह है कि भारी वाहनों के चलने से कच्ची सड़क में कीचड़ और गड्ढों के कारण वाहनों का गुजरना मुश्किल हो गया है। इससे जिले की हजारों की जनता परेशान हो रही है। जिले के लोग एलपीजी सिलिंंडर और पेट्रोल की कमी से जूझ रहे हैं। इस कारण ट्रकों और अन्य वाहनों में सेब लोड नहीं हो पा रहा है।
इस वजह से बागवानों के सेब की पेटियां बगीचों में ही पड़ी हैं। जिला दंडाधिकारी किन्नौर तोरुल एस रवीश ने कहा कि एनएच पांच निगुलसरी सिंकिंग प्वाइंट पर जाम की समस्या से निजात दिलाने और यातायात को सुचारू रूप से चलाने के लिए सेब से लदे ट्रकों और अन्य सामान से लदे भारी वाहनों की आवाजाही सुबह चार बजे से आठ बजे तक हो सकेगी। यातायात को सुचारू चलाने के लिए प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है।
- संवाद