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Rampur Bushahar News: नाथपा में लगातार हो रहे भूस्खलन से निचार पंचायत पर मंडराया खतरा
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रात में एक बार फिर भूस्खलन होने से बंद हो गया नेशनल हाईवे, करीब चार सौ मीटर हिस्से पर नहीं थम रहा भूस्खलन का सिलसिला
जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से उठाई स्थायी समाधान की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
भावानगर (किन्नौर)। भूस्खलन की दृष्टि से जनजातीय जिला किन्नौर लगातार संवेदनशील बनता जा रहा है। जिले के नाथपा में नेशनल हाईवे-5 बार-बार बाधित हो रहा है, जिस कारण पहाड़ी के ऊपर बसी निचार पंचायत के गांव पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस एनएच के बाधित होने से जहां जिले की हजारों की आबादी परेशानियां झेल रही हैं, वहीं देश की सीमा पर तैनात भारतीय सेना और आईटीबीपी के जवानों को भी रसद सहित अन्य आवश्यक की वस्तुएं ले जाने में दिक्कतें आ आ रही हैं। गौर हो कि किन्नौर जिले के नाथपा में पहाड़ी से भूस्खलन सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। पहाड़ी से लगातार चट्टानें दरक रही हैं। इस कारण पहाड़ी से ऊपर बसी निचार पंचायत को खतरा बना हुआ है। यहां नेशनल हाईवे का करीब चार सौ मीटर हिस्सा भूस्खलन प्रभावित है। तीन दिन से बाधित नेशनल हाईवे को बहाल किया गया, लेकिन रात 1100: बजे फिर एनएच पर पहाड़ी से चट्टानें दरकने के कारण एनएच बाधित हो गया। ऐसे में यहां से आगे पूह, कल्पा खंड, काजा, स्पीति सहित देश की सीमा पर तैनात जवानों को खासी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। हजारों लोग रोजाना वैकल्पिक मार्ग से सफर करने को मजबूर है। वैकल्पिक मार्ग तंग होने के कारण लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ रहा है तो वहीं खस्ताहाल सड़क भी परेशानी का सबब बनी हुई है। वर्ष 2013 में यहां पहाड़ी से भूस्खलन के कारण निचार पंचायत के ग्रामीणों के मकान, दोघरी और सेब के बगीचे ध्वस्त हो गए थे। बीते वर्ष 28 अक्तूबर 2023 और 13 नवंबर 2023 में भी यहां पर बड़े पैमाने भूस्खलन पर हुआ। ऐसे में समय रहते सुरक्षा के लिहाज से उचित कदम नहीं उठाए गए तो निचार पंचायत के निचार, ग्रादे, ग्रांगे, पूजे, पेलारिंग, नंगानी, काश्पो और चुस्तो गांव की हजारों की आबादी पर खतरे को रहने पर मजबूर रहेंगे। ग्रामीण सरकार, एनएच प्राधिकरण और जिला प्रशासन से पहाड़ी को सुरक्षित बनाने लिए रसायनिक स्प्रे करने की मांग उठा रहे हैं। ग्राम पंचायत प्रधान निचार राजपाल नेगी ने बताया कि नाथपा में बार-बार हो रहे भूस्खलन के कारण निचार पंचायत के सात गांव पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, मंत्री जगत सिंह नेगी, जिला प्रशासन से मांग की कि समय रहते भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा के लिहाज से पुख्ता प्रबंध किए जाएं, जिससे हजारों ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। एसडीएम भावानगर बिमला वर्मा ने बताया कि नाथपा में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का मामला सरकार और जिला प्रशासन के ध्यान में है। पूर्व में यहां भू-वैज्ञानिकों द्वारा सर्वे भी किया गया है। भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में जल्द ही सुरक्षा के लिहाज से जरूरी कार्य शुरू किया जाएगा। नेशनल हाईवे प्राधिकरण कनिष्ठ अभियंता सतीश जोशी ने बताया कि नाथपा में भूस्खलन के कारण मार्ग बहाल करने में परेशानियां पेश आ रही हैं। भूस्खलन थमते ही बहाली का कार्य शुरू किया जाएगा।
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जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से उठाई स्थायी समाधान की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
भावानगर (किन्नौर)। भूस्खलन की दृष्टि से जनजातीय जिला किन्नौर लगातार संवेदनशील बनता जा रहा है। जिले के नाथपा में नेशनल हाईवे-5 बार-बार बाधित हो रहा है, जिस कारण पहाड़ी के ऊपर बसी निचार पंचायत के गांव पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस एनएच के बाधित होने से जहां जिले की हजारों की आबादी परेशानियां झेल रही हैं, वहीं देश की सीमा पर तैनात भारतीय सेना और आईटीबीपी के जवानों को भी रसद सहित अन्य आवश्यक की वस्तुएं ले जाने में दिक्कतें आ आ रही हैं। गौर हो कि किन्नौर जिले के नाथपा में पहाड़ी से भूस्खलन सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। पहाड़ी से लगातार चट्टानें दरक रही हैं। इस कारण पहाड़ी से ऊपर बसी निचार पंचायत को खतरा बना हुआ है। यहां नेशनल हाईवे का करीब चार सौ मीटर हिस्सा भूस्खलन प्रभावित है। तीन दिन से बाधित नेशनल हाईवे को बहाल किया गया, लेकिन रात 1100: बजे फिर एनएच पर पहाड़ी से चट्टानें दरकने के कारण एनएच बाधित हो गया। ऐसे में यहां से आगे पूह, कल्पा खंड, काजा, स्पीति सहित देश की सीमा पर तैनात जवानों को खासी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। हजारों लोग रोजाना वैकल्पिक मार्ग से सफर करने को मजबूर है। वैकल्पिक मार्ग तंग होने के कारण लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ रहा है तो वहीं खस्ताहाल सड़क भी परेशानी का सबब बनी हुई है। वर्ष 2013 में यहां पहाड़ी से भूस्खलन के कारण निचार पंचायत के ग्रामीणों के मकान, दोघरी और सेब के बगीचे ध्वस्त हो गए थे। बीते वर्ष 28 अक्तूबर 2023 और 13 नवंबर 2023 में भी यहां पर बड़े पैमाने भूस्खलन पर हुआ। ऐसे में समय रहते सुरक्षा के लिहाज से उचित कदम नहीं उठाए गए तो निचार पंचायत के निचार, ग्रादे, ग्रांगे, पूजे, पेलारिंग, नंगानी, काश्पो और चुस्तो गांव की हजारों की आबादी पर खतरे को रहने पर मजबूर रहेंगे। ग्रामीण सरकार, एनएच प्राधिकरण और जिला प्रशासन से पहाड़ी को सुरक्षित बनाने लिए रसायनिक स्प्रे करने की मांग उठा रहे हैं। ग्राम पंचायत प्रधान निचार राजपाल नेगी ने बताया कि नाथपा में बार-बार हो रहे भूस्खलन के कारण निचार पंचायत के सात गांव पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, मंत्री जगत सिंह नेगी, जिला प्रशासन से मांग की कि समय रहते भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा के लिहाज से पुख्ता प्रबंध किए जाएं, जिससे हजारों ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। एसडीएम भावानगर बिमला वर्मा ने बताया कि नाथपा में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का मामला सरकार और जिला प्रशासन के ध्यान में है। पूर्व में यहां भू-वैज्ञानिकों द्वारा सर्वे भी किया गया है। भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में जल्द ही सुरक्षा के लिहाज से जरूरी कार्य शुरू किया जाएगा। नेशनल हाईवे प्राधिकरण कनिष्ठ अभियंता सतीश जोशी ने बताया कि नाथपा में भूस्खलन के कारण मार्ग बहाल करने में परेशानियां पेश आ रही हैं। भूस्खलन थमते ही बहाली का कार्य शुरू किया जाएगा।