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Rampur Bushahar News: काशापाठ स्कूल में शिक्षकों के कई पद खाली, विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर

Wed, 14 Feb 2024 06:02 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 14 Feb 2024 06:02 PM IST
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सात साल से राजनीति शास्त्र और शास्त्री का पद भी नहीं भर पाई सरकार, अन्य कई अहम पद भी खाली
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अभिभावकों की बढ़ी चिंता, सरकार से शिक्षकों की तैनाती की उठाई मांग

ईशिका गौतम

रामपुर बुशहर। प्रदेश सरकार ग्रामीण इलाकों में बेहतर शिक्षा मुहैया करवाने के बड़े-बड़े दावे करती है लेकिन ग्रामीण इलाकों में आज भी विद्यार्थी शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। ग्रामीण इलाकों के कई स्कूलों में शिक्षक नहीं है, तो कहीं एक शिक्षक के भरोसे पूरा स्कूल चल रहा है। रामपुर उपमंडल की सबसे दुर्गम पंचायत में बने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल काशापाठ में वर्षों से शिक्षकों के पद खाली चल रहे हैं। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई खासी प्रभावित हो रही है। मजबूरी में कई छात्र दूसरे स्कूलों में दाखिला लेने को मजबूर हैं। इससे सरकार के घरद्वार पर बेहतर शिक्षा मुहैया करवाने के दावों की पोल खुल रही है। शिक्षकों के पद खाली होने के कारण छात्रों को कई किलोमीटर दूर तकलेच और रामपुर जाकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। इससे अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला काशापाठ में टीजीटी आर्ट्स के दो पद रिक्त चल रहे हैं जबकि एक पद 2022, दूसरा पद 2023, शास्त्री का पद 2017, राजनीति शास्त्र 2017, अंग्रेजी का 2021 और इतिहास का पद जुलाई 2023 से पद रिक्त है। वर्तमान समय में स्कूल में छठी से बारहवीं कक्षा में 77 छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। स्कूल में शिक्षकों के पद खाली होने के कारण यहां तैनात अन्य शिक्षकों पर भी कार्य बोझ बढ़ गया है। आलम यह है कि छात्रों को 45 किलोमीटर दूर तकलेच सहित अन्य स्कूलों में शिक्षा ग्रहण करनी पड़ रही है। स्कूल प्रबंधक समिति के अध्यक्ष बलदेव साहनी, धन सुख, कलमा नंद और अजय साहनी सहित अन्य अभिभावकों ने कहा कि स्कूल में शिक्षक न होने से प्रदेश सरकार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। मजबूरी में छात्र दूसरे स्कूलों में दाखिला ले रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी गरीब परिवारों से संबंध रखने वाले परिवारों को पेश आ रही है, जो बच्चों को दूसरे स्कूलों में भेजने में असमर्थ हैं। उन्होंने बताया कि रिक्त पदों को भरने की मांग कई बार उठाई चुका है, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हो रही है। स्कूल प्रधानाचार्य माया साहनी ने बताया कि स्कूल में शिक्षकों के पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। इसके कारण छात्रों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि रिक्त पदों को लेकर समय-समय पर सरकार और शिक्षा विभाग से पत्राचार किया जा रहा है।
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