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Rampur Bushahar News: डोडरा क्वार उपमंडल के चार स्वास्थ्य संस्थानों में लटके ताले, स्वास्थ्य सुविधाएं रामभरोसे
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बर्फबारी के बाद शेष प्रदेश से कट जाता है लोगों का संपर्क, वाया उत्तराखंड होकर करते हैं आवाजाही
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। शिमला जिले के दूरदराज क्षेत्र डोडरा क्वार उपमंडल के चार स्वास्थ्य संस्थानों में लंबे समय से ताले लटके हैं। बर्फबारी के बाद पूरा क्षेत्र शेष जिले से कट जाता है। इस वजह से क्षेत्र की जनता स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित हो जाती है। हालत यह है कि पूरे क्षेत्र के पांच स्वास्थ्य संस्थानों में एक भी नर्स की सरकार ने नियुक्ति नहीं की है। ऐसे में लोगों को टीकाकरण से लेकर छोटी सी बीमारी के इलाज के लिए को एक दिन पैदल चलकर दूसरे दिन बस से सफर करने के बाद रोहड़ू और शिमला के आईजीएमसी पहुंचना पड़ता है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डोडरा में बीते करीब डेढ़ साल से ताला लटका है। सरकार की ओर से डोडरा के लिए एक डॉक्टर सहित तीन नर्साें और स्टाफ के पांच पद मंजूर किए गए हैं। इसी क्षेत्र के सबसे दूरस्थ गांव पंडार, जाखा और पुजारली के स्वास्थ्य उपकेंद्रों में भी अरसे से ताले लटके हैं। जिस्कूण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक डाॅक्टर जरूर तैनात किया गया लेकिन वहां डाक्टर के अलावा दूसरा कोई कर्मचारी नियुक्त नहीं है। उपमंडल मुख्यालय क्वार में सरकार ने चार डाक्टरों की नियुक्ति जरूर की है लेकिन यहां भी चार डाक्टरों के साथ केवल एक लैब तकनीशियन, दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तैनात है। कर्मचारियों के समय पर कार्य पर नहीं पहुंचने से लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इसकी पुष्टि स्वयं यहां तैनात डाक्टर कर चुके हैं। दूरदराज क्षेत्र की पांच पंचायतों की बिखरी आबादी में लोगों की सुविधा के लिए सरकार ने दो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और तीन स्वास्थ्य उपकेंद्र खोले हैं लेकिन स्टाफ के अभाव में लोगों को इनका उचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। लोगों का कहना है कि आपात स्थिति में खासकर हिमपात के बाद पूरा क्षेत्र प्रदेश से कट जाता है। इसके बाद लोगों को बीमारी की हालत में एक दिन पैदल सफर के बाद सड़क तक पहुंचकर, उसके बाद अगले दिन बस में अस्पताल पहुंचना पड़ता है। गंभीर मरीज को कई बार पीठ पर उठाकर लोग सड़क तक पहुंचाते हैं। लोगों का कहना है कि सरकार ने स्वास्थ्य संस्थान के नाम पर सफेद हाथी खड़े किए हैं। उपमंडल मुख्यालय में चार डाॅक्टरों सहित तीन अन्य स्टाफ तैनात किए पर लेकिन वह मर्जी से नौकरी कर रहे है। सिंगल लाइन प्रशासनिक प्रणाली के चलते उन पर नकेल कसने वाला भी कोई नहीं है।
पुजारली में कोई भी कर्मचारी और डाॅक्टर तैनात नहीं है। छौहारा स्वास्थ्य खंड की ओर से टीकाकरण के लिए यहां हेल्थ सुपरवाइजर और स्टाफ को तैनात किया जाता है। एक भी नर्स पूरे उपमंडल के किसी स्वास्थ्य संस्थान में नहीं है। डोडरा क्वार में स्वास्थ्य सेवाओं की देखरेख एसडीएम क्वार के पास है।
डाॅ रोहित धवन, खंड स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी छौहारा
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। शिमला जिले के दूरदराज क्षेत्र डोडरा क्वार उपमंडल के चार स्वास्थ्य संस्थानों में लंबे समय से ताले लटके हैं। बर्फबारी के बाद पूरा क्षेत्र शेष जिले से कट जाता है। इस वजह से क्षेत्र की जनता स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित हो जाती है। हालत यह है कि पूरे क्षेत्र के पांच स्वास्थ्य संस्थानों में एक भी नर्स की सरकार ने नियुक्ति नहीं की है। ऐसे में लोगों को टीकाकरण से लेकर छोटी सी बीमारी के इलाज के लिए को एक दिन पैदल चलकर दूसरे दिन बस से सफर करने के बाद रोहड़ू और शिमला के आईजीएमसी पहुंचना पड़ता है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डोडरा में बीते करीब डेढ़ साल से ताला लटका है। सरकार की ओर से डोडरा के लिए एक डॉक्टर सहित तीन नर्साें और स्टाफ के पांच पद मंजूर किए गए हैं। इसी क्षेत्र के सबसे दूरस्थ गांव पंडार, जाखा और पुजारली के स्वास्थ्य उपकेंद्रों में भी अरसे से ताले लटके हैं। जिस्कूण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक डाॅक्टर जरूर तैनात किया गया लेकिन वहां डाक्टर के अलावा दूसरा कोई कर्मचारी नियुक्त नहीं है। उपमंडल मुख्यालय क्वार में सरकार ने चार डाक्टरों की नियुक्ति जरूर की है लेकिन यहां भी चार डाक्टरों के साथ केवल एक लैब तकनीशियन, दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तैनात है। कर्मचारियों के समय पर कार्य पर नहीं पहुंचने से लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इसकी पुष्टि स्वयं यहां तैनात डाक्टर कर चुके हैं। दूरदराज क्षेत्र की पांच पंचायतों की बिखरी आबादी में लोगों की सुविधा के लिए सरकार ने दो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और तीन स्वास्थ्य उपकेंद्र खोले हैं लेकिन स्टाफ के अभाव में लोगों को इनका उचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। लोगों का कहना है कि आपात स्थिति में खासकर हिमपात के बाद पूरा क्षेत्र प्रदेश से कट जाता है। इसके बाद लोगों को बीमारी की हालत में एक दिन पैदल सफर के बाद सड़क तक पहुंचकर, उसके बाद अगले दिन बस में अस्पताल पहुंचना पड़ता है। गंभीर मरीज को कई बार पीठ पर उठाकर लोग सड़क तक पहुंचाते हैं। लोगों का कहना है कि सरकार ने स्वास्थ्य संस्थान के नाम पर सफेद हाथी खड़े किए हैं। उपमंडल मुख्यालय में चार डाॅक्टरों सहित तीन अन्य स्टाफ तैनात किए पर लेकिन वह मर्जी से नौकरी कर रहे है। सिंगल लाइन प्रशासनिक प्रणाली के चलते उन पर नकेल कसने वाला भी कोई नहीं है।
पुजारली में कोई भी कर्मचारी और डाॅक्टर तैनात नहीं है। छौहारा स्वास्थ्य खंड की ओर से टीकाकरण के लिए यहां हेल्थ सुपरवाइजर और स्टाफ को तैनात किया जाता है। एक भी नर्स पूरे उपमंडल के किसी स्वास्थ्य संस्थान में नहीं है। डोडरा क्वार में स्वास्थ्य सेवाओं की देखरेख एसडीएम क्वार के पास है।
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डाॅ रोहित धवन, खंड स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी छौहारा