{"_id":"664b4db4006175459505c3dc","slug":"rampur-news-devathi-school-teacher-post-vacant-rampur-hp-news-c-178-1-ram1001-116180-2024-05-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: देवठी स्कूल में शिक्षकों के पद खाली, विद्यार्थी दूसरे स्कूलों में दाखिला लेने को मजबूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: देवठी स्कूल में शिक्षकों के पद खाली, विद्यार्थी दूसरे स्कूलों में दाखिला लेने को मजबूर
विज्ञापन
अहम विषयों के पद खाली होने से 115 विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर, अभिभावकों की बढ़ी चिंता
घरद्वार स्कूल होने के बावजूद रामपुर और तकलेच जा रहे क्षेत्र के विद्यार्थी
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। प्रदेश सरकार ग्रामीण इलाकों में शिक्षा का स्तर सुधारने के लाख दावे करें ,लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यार्थियों को आज भी शिक्षकों की कमी से जूझना पड़ रहा है। रामपुर उपमंडल की वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला देवठी में चार सालों से शिक्षकों के पद रिक्त चल रहे हैं। आलम यह है कि शिक्षक नहीं होने से विद्यार्थी दूसरे स्कूलों में दाखिला लेने को मजबूर हैं। ऐसे में क्षेत्र के युवा घरद्वार पर बेहतर शिक्षा की सुविधा से वंचित हैं। वहीं सरकार शिक्षा और शिक्षा विभाग रिक्त पदों को भरने में विफल साबित हो रहा है। इससे अभिभावकों की चिंताएं बढ़ती जा रही है। स्कूल में दो पंचायतों के विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, लेकिन शिक्षक नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को दूसरे स्कूलों का रुख करना पड़ रहा है। वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला देवठी में प्रधानाचार्य सहित अन्य शिक्षकों के पद रिक्त चल रहे हैं। स्कूल में अप्रैल 2023 से प्रधानाचार्य का पद रिक्त है, जबकि इतिहास का प्रवक्ता का पद वर्ष 2022, राजनीतिक शास्त्र का 2017, संस्कृत अध्यापक का पद सितंबर 2022, वाणिज्य विषय के शिक्षकों के पद 2019, वरिष्ठ सहायक का पद 2020, क्लर्क का पद 2019 और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के तीन पद लंबे समय से रिक्त हैं। वर्तमान समय में स्कूल में छठी से लेकर बारहवीं कक्षा में 115 छात्र- छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। चिंता की बात यह है कि स्कूल में अहम विषयों के शिक्षक न होने के कारण यहां तैनात अन्य शिक्षकों पर पढ़ाई का बोझ बढ़ गया है। कई विद्यार्थियों को शिक्षक न होने के कारण पढ़ाई करने के लिए तकलेच और रामपुर जाना पड़ रहा है। क्षेत्र के लोगों ने प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग से स्कूल में खाली पड़े पदों को भरने की मांग उठाई है। स्कूल के कार्यवाहक प्रधानाचार्य कौल राम ने कहा कि स्कूल में शिक्षकों के पद रिक्त होने के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। बिना शिक्षकों छात्र दूसरे स्कूलों में जाने को मजबूर हैं। शिक्षा विभाग और प्रशासन से समय- समय पर पत्राचार किया जा रहा है। उम्मीद है कि आचार संहिता हटने के बाद शिक्षकों के रिक्त पदों को भरा जाएगा।
विज्ञापन
घरद्वार स्कूल होने के बावजूद रामपुर और तकलेच जा रहे क्षेत्र के विद्यार्थी
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। प्रदेश सरकार ग्रामीण इलाकों में शिक्षा का स्तर सुधारने के लाख दावे करें ,लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यार्थियों को आज भी शिक्षकों की कमी से जूझना पड़ रहा है। रामपुर उपमंडल की वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला देवठी में चार सालों से शिक्षकों के पद रिक्त चल रहे हैं। आलम यह है कि शिक्षक नहीं होने से विद्यार्थी दूसरे स्कूलों में दाखिला लेने को मजबूर हैं। ऐसे में क्षेत्र के युवा घरद्वार पर बेहतर शिक्षा की सुविधा से वंचित हैं। वहीं सरकार शिक्षा और शिक्षा विभाग रिक्त पदों को भरने में विफल साबित हो रहा है। इससे अभिभावकों की चिंताएं बढ़ती जा रही है। स्कूल में दो पंचायतों के विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, लेकिन शिक्षक नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को दूसरे स्कूलों का रुख करना पड़ रहा है। वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला देवठी में प्रधानाचार्य सहित अन्य शिक्षकों के पद रिक्त चल रहे हैं। स्कूल में अप्रैल 2023 से प्रधानाचार्य का पद रिक्त है, जबकि इतिहास का प्रवक्ता का पद वर्ष 2022, राजनीतिक शास्त्र का 2017, संस्कृत अध्यापक का पद सितंबर 2022, वाणिज्य विषय के शिक्षकों के पद 2019, वरिष्ठ सहायक का पद 2020, क्लर्क का पद 2019 और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के तीन पद लंबे समय से रिक्त हैं। वर्तमान समय में स्कूल में छठी से लेकर बारहवीं कक्षा में 115 छात्र- छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। चिंता की बात यह है कि स्कूल में अहम विषयों के शिक्षक न होने के कारण यहां तैनात अन्य शिक्षकों पर पढ़ाई का बोझ बढ़ गया है। कई विद्यार्थियों को शिक्षक न होने के कारण पढ़ाई करने के लिए तकलेच और रामपुर जाना पड़ रहा है। क्षेत्र के लोगों ने प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग से स्कूल में खाली पड़े पदों को भरने की मांग उठाई है। स्कूल के कार्यवाहक प्रधानाचार्य कौल राम ने कहा कि स्कूल में शिक्षकों के पद रिक्त होने के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। बिना शिक्षकों छात्र दूसरे स्कूलों में जाने को मजबूर हैं। शिक्षा विभाग और प्रशासन से समय- समय पर पत्राचार किया जा रहा है। उम्मीद है कि आचार संहिता हटने के बाद शिक्षकों के रिक्त पदों को भरा जाएगा।