{"_id":"65c8b225de36e187880496c2","slug":"rampur-news-deity-return-from-heaven-rampur-hp-news-c-178-1-ssml1034-112027-2024-02-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: फाल्गुन संक्रांति को एक मास के स्वर्ग प्रवास से देवालय लौटेंगे देवी-देवता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: फाल्गुन संक्रांति को एक मास के स्वर्ग प्रवास से देवालय लौटेंगे देवी-देवता
विज्ञापन
मंदिरों के खुलेंगे कपाट, शुरू होंगे धार्मिक अनुष्ठान, आराध्य देवी-देवता का जोरदार से स्वागत करेंगे ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर/डंसा। देव परंपरा के अनुरूप मकर संक्रांति यानि मंगलवार को एक मास के स्वर्ग प्रवास के बाद देवी-देवता अपने-अपने देवालयों में लौट जाएंगे। इस दौरान देवता गूर के माध्यम से वर्षभर का फलादेश सुनाएंगे। इस उपलक्ष्य पर ग्रामीण अपने आराध्य देवी-देवताओं को ढोल-नगाड़ों से जोरदार स्वागत करेंगे। इसके बाद मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान का सिलसिला शुरू हो जाएगा। देव परंपरा का निर्वहन करते हुए कुल्लू, किन्नौर और शिमला जिले के कुछ देवी-देवता एक सप्ताह या पखवाड़े के भीतर देवालयों को लौट चुके हैं, लेकिन अधिकांश देवी-देवता फाल्गुन संक्रांति को ही मंदिरों में प्रवेश करते हैं। मंदिरों में बंद पड़े कपाट देवताओं के गूर द्वारा विधिविधान के अनुरूप खोल दिए जाएंगे। मंदिरों में श्रद्धालुओं की चहल पहल शुरू होगी और देवी-देवताओं की नियमित पूजा-अर्चना, धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए शुरू की जाएगी। इसके बाद धार्मिक कार्यों पर लगी रोक हट जाएगी। दशोटी के लोगों को बेसब्री से ईष्ट देवी-देवताओं का स्वर्ग प्रवास से लौटने का इंतजार है। देवता साहिब दमुख डंसा, देव जाख रचोली, दत्त महाराज बसाहरू, काजल देवता गसो, नरेशर लक्ष्मी नारायण कुमसू और कालेश्वर देवता देवठी सहित अन्य देवी-देवता मंगलवार को लौटकर गूरों के माध्यम से वर्षभर के लिए अच्छे-बुरे फलादेश सुनाएंगे। फाल्गुन संक्रांति को नोग घोड़ी के प्रमुख देवता साहिब दमुख के मंदिर परिसर में मनगांवण का उत्सव धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस दौरान मंदिरों में भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा। परशुराम मंदिर समिति के प्रधान खेल चंद नेगी, महासचिव जीएल डमालू, कोषाध्यक्ष दुर्गा दत्त शर्मा, कार्यकारिणी सदस्य रूप दास, सुरंजन ठाकुर, केदार ठाकुर और बीरबल नेगी ने कहा कि सदियों से मनाया जाने वाला मनगांवण उत्सव धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए धूमधाम से मनाया जाएगा। इस उपलक्ष्य पर क्षेत्र के लोग भी मंदिर में हाजिरी लगाते हैं। मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के मद्देनजर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर/डंसा। देव परंपरा के अनुरूप मकर संक्रांति यानि मंगलवार को एक मास के स्वर्ग प्रवास के बाद देवी-देवता अपने-अपने देवालयों में लौट जाएंगे। इस दौरान देवता गूर के माध्यम से वर्षभर का फलादेश सुनाएंगे। इस उपलक्ष्य पर ग्रामीण अपने आराध्य देवी-देवताओं को ढोल-नगाड़ों से जोरदार स्वागत करेंगे। इसके बाद मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान का सिलसिला शुरू हो जाएगा। देव परंपरा का निर्वहन करते हुए कुल्लू, किन्नौर और शिमला जिले के कुछ देवी-देवता एक सप्ताह या पखवाड़े के भीतर देवालयों को लौट चुके हैं, लेकिन अधिकांश देवी-देवता फाल्गुन संक्रांति को ही मंदिरों में प्रवेश करते हैं। मंदिरों में बंद पड़े कपाट देवताओं के गूर द्वारा विधिविधान के अनुरूप खोल दिए जाएंगे। मंदिरों में श्रद्धालुओं की चहल पहल शुरू होगी और देवी-देवताओं की नियमित पूजा-अर्चना, धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए शुरू की जाएगी। इसके बाद धार्मिक कार्यों पर लगी रोक हट जाएगी। दशोटी के लोगों को बेसब्री से ईष्ट देवी-देवताओं का स्वर्ग प्रवास से लौटने का इंतजार है। देवता साहिब दमुख डंसा, देव जाख रचोली, दत्त महाराज बसाहरू, काजल देवता गसो, नरेशर लक्ष्मी नारायण कुमसू और कालेश्वर देवता देवठी सहित अन्य देवी-देवता मंगलवार को लौटकर गूरों के माध्यम से वर्षभर के लिए अच्छे-बुरे फलादेश सुनाएंगे। फाल्गुन संक्रांति को नोग घोड़ी के प्रमुख देवता साहिब दमुख के मंदिर परिसर में मनगांवण का उत्सव धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस दौरान मंदिरों में भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा। परशुराम मंदिर समिति के प्रधान खेल चंद नेगी, महासचिव जीएल डमालू, कोषाध्यक्ष दुर्गा दत्त शर्मा, कार्यकारिणी सदस्य रूप दास, सुरंजन ठाकुर, केदार ठाकुर और बीरबल नेगी ने कहा कि सदियों से मनाया जाने वाला मनगांवण उत्सव धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए धूमधाम से मनाया जाएगा। इस उपलक्ष्य पर क्षेत्र के लोग भी मंदिर में हाजिरी लगाते हैं। मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के मद्देनजर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।