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Rampur Bushahar News: नेसंग में बच्चों को सिखाईं कंप्यूटर का बारीकियां
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संवाद न्यूज एजेंसी
पूह (किन्नौर)। भारत तिब्बत सीमा के साथ सटे सीमावर्ती क्षेत्रों के बच्चों को मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार कई योजनाएं चला रही है। इसके तहत 50वीं वाहिनी भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल द्वारा किन्नौर जिले के नेसंग और चारंग में व्यावहारिक कंप्यूटर प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। सेनानी 50वीं वाहिनी ने बताया कि भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल प्रत्येक वर्ष सिविक एक्शन प्रोग्राम के तहत सीमावर्ती गांवों में रह रहे लोगों और बच्चों के लिए कई तरह की योजनाएं चला रही है। इन क्षेत्रों के लोग कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में हिस्सा लेते हैं। इसी क्रम में कंप्यूटर की आवश्यकता को मद्देनजर रखते हुए भारत सरकार ने सीमावर्ती एवं दूरदराज गांवों के लोगों और बच्चों को तकनीकी शिक्षा में दक्ष बनाने के लिए पहल शुरू की है। इसका मुख्य उद्देश्य ही सीमावर्ती गांव के बच्चों को तकनीकी शिक्षा से परिपूर्ण करना है। तकनीकी शिक्षा के प्रोग्राम में शामिल बच्चों को प्रमाणपत्र भी वितरित किए गए। इस अवसर पर 50वीं वाहिनी के पदाधिकारी, इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट एजूकेशन सोसायटी के प्रशिक्षक, छात्र-छात्राएं और शिक्षक मौजूद रहे।
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पूह (किन्नौर)। भारत तिब्बत सीमा के साथ सटे सीमावर्ती क्षेत्रों के बच्चों को मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार कई योजनाएं चला रही है। इसके तहत 50वीं वाहिनी भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल द्वारा किन्नौर जिले के नेसंग और चारंग में व्यावहारिक कंप्यूटर प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। सेनानी 50वीं वाहिनी ने बताया कि भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल प्रत्येक वर्ष सिविक एक्शन प्रोग्राम के तहत सीमावर्ती गांवों में रह रहे लोगों और बच्चों के लिए कई तरह की योजनाएं चला रही है। इन क्षेत्रों के लोग कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में हिस्सा लेते हैं। इसी क्रम में कंप्यूटर की आवश्यकता को मद्देनजर रखते हुए भारत सरकार ने सीमावर्ती एवं दूरदराज गांवों के लोगों और बच्चों को तकनीकी शिक्षा में दक्ष बनाने के लिए पहल शुरू की है। इसका मुख्य उद्देश्य ही सीमावर्ती गांव के बच्चों को तकनीकी शिक्षा से परिपूर्ण करना है। तकनीकी शिक्षा के प्रोग्राम में शामिल बच्चों को प्रमाणपत्र भी वितरित किए गए। इस अवसर पर 50वीं वाहिनी के पदाधिकारी, इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट एजूकेशन सोसायटी के प्रशिक्षक, छात्र-छात्राएं और शिक्षक मौजूद रहे।