फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   rampur news, apple, crop, effected, due to, draught,

Rampur Bushahar News: सूखे की मार से करोड़ों के सेब कारोबार पर मंडराया खतरा

Mon, 29 Jan 2024 06:48 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 29 Jan 2024 06:48 PM IST
विज्ञापन
नए पौध रोपने और बगीचों में तौलिये का कार्य भी अटका, अच्छी फसल की उम्मीद पर फिरा पानी
विज्ञापन


संवाद न्यूज एजेंसी

रामपुर बुशहर। लगातार चल रहे सूखे की मार से करोड़ों के सेब कारोबार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। करीब चार माह से सूबे में बारिश और बर्फबारी न होने से आने वाले सीजन में सेब का उत्पादन प्रभावित हो सकता है। सूखे के कारण जमीन से नमी गायब है और बागवानों के बंपर फसल के उत्पादन के सपने टूटने लगे हैं। साथ ही वर्ष भर की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। गौर हो कि सेब की फसल के लिए दिसंबर और जनवरी में होने वाला हिमपात और बारिश संजीवनी मानी जाती है लेकिन बीते चार माह से प्रदेश में सूखा चल रहा है। अधिकांश इलाकों में तो एक बूंद बारिश तक नहीं हुई है। ऐसे में किसान-बागवानों के माथे पर चिंता की लकीरें नजर आ रही है। बारिश न होने के कारण जहां आने वाले सीजन में फसल उत्पादन घट सकता है। वहीं पेड़ों पर बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इसके अलावा बागवान नए सेब के नए पौधे भी नहीं लगा पा रहे हैं और न ही बगीचों में तौलिये के कार्य कर पा रहे हैं। बागवानों के कार्य अटक गए हैं और चिंता बढ़ रही है। स्थानीय निवासी ललित कायथ, इंद्रजीत, रमन, सतवीर, रोनी चौहान, पुष्पेंद्र सिंह, हर्ष, उत्तम सिंह और अनिल नेगी ने कहा कि सूखे के कारण सेब फसल पर खतरा मंडरा रहा है। अगर यह सिलसिला जारी रहा तो सेब सीजन में उत्पादन पर मार पड़ेगी। सेब का उत्पादन कम होगा तो बागवानों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। बर्फबारी और बारिश न होने के कारण सेब के नए पौध और तौलिये सहित खाद का कार्य अटक गया है। अगर जल्द बर्फबारी और बारिश नहीं हुई तो बागवानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।


बॉक्स

गुठलीदार पौधों पर भी पड़ रही सूखे की मार

बर्फबारी और बारिश न होने के कारण प्लम, चेरी, बादाम, आड़ू, शकरपारा, खुमानी और चुल्ली का उत्पादन संकट में है। करीब एक सप्ताह बाद रेड ब्यूट किस्म के प्लम में फ्लावरिंग का दौर भी शुरू होगा। ऐसे में सूखे के कारण फ्लावरिंग प्रभावित हो सकती है, जिससे फसल उत्पादन कम होगा। वहीं अन्य फसलों को भी नुकसान पहुंच सकता है। बहरहाल सूखे के कारण किसान-बागवानों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं और बर्फबारी-बारिश की आस लगाए बैठे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed