फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   rampur news, aani news, jaon, school, teachers, posts, vacantrampur news, aani news, jaon, school, teachers, posts, vacant

Rampur Bushahar News: जाओं स्कूल में शिक्षकों की राह ताक रहे विद्यार्थी

Tue, 30 Apr 2024 07:07 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 30 Apr 2024 07:07 PM IST
विज्ञापन
एक दर्जन के शिक्षकों के पद कई वर्षों से रिक्त, अहम विषयों के अध्यापक न होने से दूसरे स्कूलों में दाखिला लेने को मजबूर विद्यार्थी
विज्ञापन

घरद्वार स्कूल होने के बावजूद 25 से 42 किलोमीटर दूर दूसरे स्कूलों में पढ़ाई करने को मजबूर लोग

संवाद न्यूज एजेंसी

ब्रौ (रामपुर बुशहर)। प्रदेश सरकार ने ग्रामीण इलाकों में स्कूल खोलकर विद्यार्थियों को घरद्वार पर शिक्षा देने की व्यवस्था तो की है, लेकिन बिना शिक्षक सैकड़ों विद्यार्थियों का भविष्य कैसे उज्ज्वल होगा, यह चिंता अभिभावकों को सता रही है। निरमंड विकास खंड की वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जाओं भी कुछ ऐसी ही कहानी बयां कर रही है। यहां वर्षों से एक दर्जन शिक्षकों के पद रिक्त पड़े हैं, जिससे विद्यार्थियों का भविष्य अंधरकारमय बना हुआ है। अभिभावकों की बार-बार की मांग के बाद भी शिक्षकों के खाली पदों को भरने में सरकार और शिक्षा विभाग कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे। ऐसे में विद्यार्थियों को मजबूरन दूसरे स्कूलों में दाखिला लेना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी उन परिवारों के विद्यार्थियों को है, जो आर्थिक रूप से समृद्ध नहीं हैं। हालत यह है कि वर्षों से छात्र और अभिभावक शिक्षकों के आने की राह ताक रहे हैं। वहीं घरद्वार पर स्कूल होने के बावजूद तीन पंचायतों के सैकड़ों विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के लिए कई किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है। शिक्षकों के रिक्त पदों के कारण छात्रों को 25 किलोमीटर दूर निरमंड और 42 किलोमीटर दूर रामपुर जाकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। स्कूल में 2023 से टीजीटी मेडिकल, टीजीटी नॉन मेडिकल, 2022 से कला अध्यापक, 2015 से पीईटी, 2020 से अर्थशास्त्र, 2016 से गणित, अर्थशास्त्र, 2023 से शास्त्री, इतिहास, राजनीतिक शास्त्र और 2022 से क्लर्क के पद रिक्त पड़े हैं। स्कूल में 220 छात्र, छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। बीते वर्ष यहां से कई छात्र-छात्राओं ने दूसरे स्कूलों में दाखिला लिया है। खाली पदों की मार से स्कूल में तैनात शिक्षकों पर भी पड़ रही है और वे भी कार्य का अतिरिक्त बोझ झेल रहे हैं। अभिभावक परेशान हैं कि बिना शिक्षकों के उनके बच्चों का भविष्य कैसे संवरेगा? प्रधानाचार्य राजू कश्यप ने बताया कि शिक्षकों के पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। खाली पदों को लेकर विभाग के अधिकारियों से समय-समय पर पत्राचार किया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही स्कूल में शिक्षकों की तैनाती होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed