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Rampur Bushahar News: ऊन के धागों में ममता बुन रहीं भाइयों के लिए प्यार
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शिल्ली पंचायत के शैदरी गांव की ममता चौहान तैयार कर रही राखियां। संवाद
मोतियों से खूबसूरत डिजाइन वालीं राखियां महिलाओं को आ रहीं पसंद
संवाद न्यूज एजेंसी
दलाश (कुल्लू)।
दलाश में रक्षाबंधन के लिए खास तरह की राखियां तैयार की जा रही हैं। दलाश की शिल्ली पंचायत के शैदरी गांव की ममता चौहान ने ऊन के धागों से अपने हाथों से खूबसूरत और आकर्षक राखियां बनाई हैं। रक्षाबंधन के खास मौके के लिए ममता की ऊन के धागों से बनीं राखियों से महिलाएं अपने भाइयों के लिए प्यार की भावनाएं व्यक्त कर पाएंगी। ऊन के धागे का इस्तेमाल कर उनमें मोतियों से खूबसूरत डिजाइन वालीं राखियां तैयार की हैं। ममता के लिए ये राखियां जहां आर्थिकी का जरिया बनी हैं, वहीं भाइयों के लिए आकर्षक उपहार भी बनेंगी। ममता की बनाई राखियां क्षेत्र की महिलाओं को खूब पसंद आ रही हैं। राखियों के अलावा ममता चौहान मफलर, मोबाइल कवर, सामान रखने के बैग और घर में इस्तेमाल होने वाली सजावटी सामग्री भी तैयार करती हैं। उन्होंने कहा कि वह घर के काम से समय निकाल कर ये सभी उत्पाद तैयार कर रही हैं। ममता चौहान का कहा कि इससे न केवल उनके भीतर आत्मविश्वास बढ़ा है, बल्कि घर-परिवार की जिम्मेदारियां संभालते हुए अपनी क्षमता के अनुसार कमाई करने और आर्थिक रूप से सशक्त बनने का एक मजबूत जरिया भी मिला है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
दलाश (कुल्लू)।
दलाश में रक्षाबंधन के लिए खास तरह की राखियां तैयार की जा रही हैं। दलाश की शिल्ली पंचायत के शैदरी गांव की ममता चौहान ने ऊन के धागों से अपने हाथों से खूबसूरत और आकर्षक राखियां बनाई हैं। रक्षाबंधन के खास मौके के लिए ममता की ऊन के धागों से बनीं राखियों से महिलाएं अपने भाइयों के लिए प्यार की भावनाएं व्यक्त कर पाएंगी। ऊन के धागे का इस्तेमाल कर उनमें मोतियों से खूबसूरत डिजाइन वालीं राखियां तैयार की हैं। ममता के लिए ये राखियां जहां आर्थिकी का जरिया बनी हैं, वहीं भाइयों के लिए आकर्षक उपहार भी बनेंगी। ममता की बनाई राखियां क्षेत्र की महिलाओं को खूब पसंद आ रही हैं। राखियों के अलावा ममता चौहान मफलर, मोबाइल कवर, सामान रखने के बैग और घर में इस्तेमाल होने वाली सजावटी सामग्री भी तैयार करती हैं। उन्होंने कहा कि वह घर के काम से समय निकाल कर ये सभी उत्पाद तैयार कर रही हैं। ममता चौहान का कहा कि इससे न केवल उनके भीतर आत्मविश्वास बढ़ा है, बल्कि घर-परिवार की जिम्मेदारियां संभालते हुए अपनी क्षमता के अनुसार कमाई करने और आर्थिक रूप से सशक्त बनने का एक मजबूत जरिया भी मिला है।