{"_id":"65ce0391f8db6da3b20b04eb","slug":"psa-plant-workers-are-doing-patients-bandages-and-plasters-rampur-hp-news-c-176-1-ssml1042-116371-2024-02-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: पीएसए प्लांट कर्मी कर रहे मरीजों की\nमरहम पट्टियां और लगा रहे प्लास्टर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: पीएसए प्लांट कर्मी कर रहे मरीजों की मरहम पट्टियां और लगा रहे प्लास्टर
Thu, 15 Feb 2024 11:57 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर बुशहर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर बुशहर
Updated Thu, 15 Feb 2024 11:57 PM IST
विज्ञापन
नालागढ़ अस्पताल में कई दिनों से नहीं चल रहा पीएसए प्लांट
सरकार ने हाल में किया है आउटसोर्स कर्मियों का सेवा विस्तार
कर्मियों के पास मरहम पट्टियों और प्लास्टर करने का नहीं है कोई ज्ञान
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। सिविल अस्पताल नालागढ़ में आउटसोर्स पर तैनात किए गए पीएसए प्लांट कर्मचारियों से अस्पताल प्रशासन मरहम पट्टियां और प्लास्टर लगवा रहा है। ऐसे में मरीजों को दिक्कतें आ रही हैं। इन कर्मचारियों के पास केवल तकनीकी ज्ञान है। लेकिन फिर भी इनकी ड्यूटी या तो मरहम पट्टियां करने में लगा दी जाती है या फिर प्लास्टर रूम में इन्हें तैनात कर दिया जाता है। वहीं कभी कर्मचारियों को चतुर्थ श्रेणी का कार्य सौंप दिया जाता है। पीएसए प्लांट काफी समय से खराब पड़ा हुआ है। इसे ठीक करने के लिए तकनीकी कर्मचारी कई बार खंड चिकित्सा अधिकारी नालागढ़ को बोल चुके हैं। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसके चलते पीएसए प्लांट की मशीनें जंग भी खाना शुरू हो गई हैं। वहीं मशीनों में मधुमक्खियों तक के छाते लग गए हैं।
गौर रहे कि कोरोना काल के दौरान जिले के कई अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए गए थे। सोलन के नालागढ़ में भी पीएसए प्लांट लगाया गया था। साथ ही प्लांट की देखरेख के लिए दो कर्मचारियों को भी तैनात किया गया था। जब तक प्लांट सुचारु रूप से चल रहा था तब तक प्लांट कर्मचारी तकनीकी कार्य ही करते थे। लेकिन जब से प्लांट खराब हुआ है तब से कर्मचारियों की ड्यूटी अलग-अलग कार्यों को करने के लिए लगा दी है। इसका कर्मचारियों ने पहले विरोध किया। लेकिन बाद में मजबूरी में उन्हें काम करना पड़ा। सरकार ने हाल ही में प्रदेश में पीएसए प्लांट कर्मचारियों का सेवा विस्तार किया। इसके बाद इन्होंने पुन: ड्यूटी ज्वाइन की। लेकिन अब भी इन्हें तकनीकी कार्य करने की बजाए अन्य काम आवंटित कर दिए जाते हैं। इनका कोई ज्ञान भी कर्मचारियों को नहीं हैं। अगर गलत प्लास्टर हो जाए तो मरीज को भी इसका खतरा है। हालांकि कर्मचारी अब प्लास्टर करने की ड्यूटी न लगाने के लिए अस्पताल प्रबंधन को कह चुके हैं। इसके बाद से इन्हें चिकित्सक के साथ ओपीडी या मरहम पट्टी का कार्य दिया जा रहा है।
इनसेट
इस बारे कोई जानकारी हमारे पास नहीं आई है। फिर भी संबंधित खंड चिकित्सा अधिकारी से इस बारे पूछा जाएगा। कर्मचारियों का जो कार्य है वही उन्हें दिया जाएगा।
विज्ञापन
-डॉ. राजन उप्पल
मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सोलन
विज्ञापन
सरकार ने हाल में किया है आउटसोर्स कर्मियों का सेवा विस्तार
कर्मियों के पास मरहम पट्टियों और प्लास्टर करने का नहीं है कोई ज्ञान
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। सिविल अस्पताल नालागढ़ में आउटसोर्स पर तैनात किए गए पीएसए प्लांट कर्मचारियों से अस्पताल प्रशासन मरहम पट्टियां और प्लास्टर लगवा रहा है। ऐसे में मरीजों को दिक्कतें आ रही हैं। इन कर्मचारियों के पास केवल तकनीकी ज्ञान है। लेकिन फिर भी इनकी ड्यूटी या तो मरहम पट्टियां करने में लगा दी जाती है या फिर प्लास्टर रूम में इन्हें तैनात कर दिया जाता है। वहीं कभी कर्मचारियों को चतुर्थ श्रेणी का कार्य सौंप दिया जाता है। पीएसए प्लांट काफी समय से खराब पड़ा हुआ है। इसे ठीक करने के लिए तकनीकी कर्मचारी कई बार खंड चिकित्सा अधिकारी नालागढ़ को बोल चुके हैं। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसके चलते पीएसए प्लांट की मशीनें जंग भी खाना शुरू हो गई हैं। वहीं मशीनों में मधुमक्खियों तक के छाते लग गए हैं।
गौर रहे कि कोरोना काल के दौरान जिले के कई अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए गए थे। सोलन के नालागढ़ में भी पीएसए प्लांट लगाया गया था। साथ ही प्लांट की देखरेख के लिए दो कर्मचारियों को भी तैनात किया गया था। जब तक प्लांट सुचारु रूप से चल रहा था तब तक प्लांट कर्मचारी तकनीकी कार्य ही करते थे। लेकिन जब से प्लांट खराब हुआ है तब से कर्मचारियों की ड्यूटी अलग-अलग कार्यों को करने के लिए लगा दी है। इसका कर्मचारियों ने पहले विरोध किया। लेकिन बाद में मजबूरी में उन्हें काम करना पड़ा। सरकार ने हाल ही में प्रदेश में पीएसए प्लांट कर्मचारियों का सेवा विस्तार किया। इसके बाद इन्होंने पुन: ड्यूटी ज्वाइन की। लेकिन अब भी इन्हें तकनीकी कार्य करने की बजाए अन्य काम आवंटित कर दिए जाते हैं। इनका कोई ज्ञान भी कर्मचारियों को नहीं हैं। अगर गलत प्लास्टर हो जाए तो मरीज को भी इसका खतरा है। हालांकि कर्मचारी अब प्लास्टर करने की ड्यूटी न लगाने के लिए अस्पताल प्रबंधन को कह चुके हैं। इसके बाद से इन्हें चिकित्सक के साथ ओपीडी या मरहम पट्टी का कार्य दिया जा रहा है।
विज्ञापन
इनसेट
इस बारे कोई जानकारी हमारे पास नहीं आई है। फिर भी संबंधित खंड चिकित्सा अधिकारी से इस बारे पूछा जाएगा। कर्मचारियों का जो कार्य है वही उन्हें दिया जाएगा।
विज्ञापन
-डॉ. राजन उप्पल
मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सोलन