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Rampur Bushahar News: बागवानों को सिखाई काटछांट की आधुनिक तकनीक
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर उपमंडल की धारगौरा पंचायत में सोमवार को बागवानी प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इसमें विशेषज्ञों ने बागवानों को काटछांट की आधुनिक तकनीक से अवगत करवाया। शिविर में विशेषज्ञ विजेंद्र चौहान ने आधुनिक तकनीक से सेब पेड़ों की काटछांट करने की बारीकियां बताईं। उन्होंने कहा कि सेब के पौधों की उचित प्रूनिंग से सेब की फसल का उत्पादन बढ़ाया जा सकता है। पौधों की सही काटछांट पर फसल उत्पादन निर्भर करता है। पौधों पर सही तरीके से सूर्य की किरणें पड़नी चाहिए। सेफ फाउंडेशन के अध्यक्ष पथिक मेहता ने बताया की बगीचों का सही प्रबंधन बहुत जरूरी है। पौधों की काटछांट करने के सही तरीके को जानना बहुत जरूरी है। काटछांट के बाद जो छोटी-छोटी लकड़ियां बचती हैं, उनको जलाना नहीं चाहिए। उनको जलाने से कई तरह की जहरीली गैस निकलती है, जो ग्लोबल वार्मिंग का कारण बनती है। इन लकड़ियों को सड़ाकर खाद के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इस मौके पर अनिल शर्मा, सोनू ठाकुर, वेद ठाकुर, नरेश चौहान और मंजू सहित अन्य बागवान मौजूद रहे।
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रामपुर बुशहर। रामपुर उपमंडल की धारगौरा पंचायत में सोमवार को बागवानी प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इसमें विशेषज्ञों ने बागवानों को काटछांट की आधुनिक तकनीक से अवगत करवाया। शिविर में विशेषज्ञ विजेंद्र चौहान ने आधुनिक तकनीक से सेब पेड़ों की काटछांट करने की बारीकियां बताईं। उन्होंने कहा कि सेब के पौधों की उचित प्रूनिंग से सेब की फसल का उत्पादन बढ़ाया जा सकता है। पौधों की सही काटछांट पर फसल उत्पादन निर्भर करता है। पौधों पर सही तरीके से सूर्य की किरणें पड़नी चाहिए। सेफ फाउंडेशन के अध्यक्ष पथिक मेहता ने बताया की बगीचों का सही प्रबंधन बहुत जरूरी है। पौधों की काटछांट करने के सही तरीके को जानना बहुत जरूरी है। काटछांट के बाद जो छोटी-छोटी लकड़ियां बचती हैं, उनको जलाना नहीं चाहिए। उनको जलाने से कई तरह की जहरीली गैस निकलती है, जो ग्लोबल वार्मिंग का कारण बनती है। इन लकड़ियों को सड़ाकर खाद के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इस मौके पर अनिल शर्मा, सोनू ठाकुर, वेद ठाकुर, नरेश चौहान और मंजू सहित अन्य बागवान मौजूद रहे।