{"_id":"61c4b87e9d2ebb00397d6175","slug":"pramod-elected-aani-jal-rakshak-president-rampur-hp-news-sml3944581198","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रमोद को सौंपी जलरक्षक आनी की कमान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रमोद को सौंपी जलरक्षक आनी की कमान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आनी (कुल्लू)। जलरक्षक संघ की आनी इकाई की बैठक विश्राम गृह आनी में आयोजित हुई। इसकी अध्यक्षता आनी इकाई प्रधान बंटी सुमन ने की। बैठक में संघ के राज्य उपाध्यक्ष टेक चंद और जिला कुल्लू के प्रधान संदीप ठाकुर विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक में जलरक्षक संघ आनी ने पुरानी कार्यकारिणी भंगकर नई कार्यकारिणी का गठन किया। इसमें प्रमोद को प्रधान, किरण को उपाध्यक्ष, राजेंद्र ठाकुर को सचिव, अश्विन को सह सचिव, चंदन को कोषाध्यक्ष, बंटी सुमन और दीपक को प्रभारी, चंद्रमोहन और संजीव को सलाहकार नियुक्त किया गया।
बैठक में आनी, निरमंड, नित्थर और दलाश सहित क्षेत्र के सभी जलरक्षकों ने भाग लिया। बैठक में जलरक्षकों ने अपनी मांगों और समस्याओं पर विस्तृत चर्चा करते हुए आगामी रणनीति भी तैयार की। राज्य उपाध्यक्ष टेकचंद और आनी के नवनियुक्त प्रधान ने कहा कि जलरक्षकों की नियुक्ति के समय उनके काम को सीमित रखते हुए दिन में 3 से 4 घंटों तक काम करने की शर्त थी, लेकिन वर्तमान में जलशक्ति विभाग ने जलरक्षकों से सारा दिन काम करवाया जाता है, जो नाइंसाफी है। जलरक्षकों ने मांग की है कि उन्हें जलशक्ति विभाग में मर्ज कर एकतरफा किया जाए, वेतनमान कम से कम सात हजार रुपए मासिक तय किया जाए और सेवाकाल 8 साल पूरा होने पर नियमित करने की नीति प्रदेश सरकार बनाए।
विज्ञापन
बैठक में आनी, निरमंड, नित्थर और दलाश सहित क्षेत्र के सभी जलरक्षकों ने भाग लिया। बैठक में जलरक्षकों ने अपनी मांगों और समस्याओं पर विस्तृत चर्चा करते हुए आगामी रणनीति भी तैयार की। राज्य उपाध्यक्ष टेकचंद और आनी के नवनियुक्त प्रधान ने कहा कि जलरक्षकों की नियुक्ति के समय उनके काम को सीमित रखते हुए दिन में 3 से 4 घंटों तक काम करने की शर्त थी, लेकिन वर्तमान में जलशक्ति विभाग ने जलरक्षकों से सारा दिन काम करवाया जाता है, जो नाइंसाफी है। जलरक्षकों ने मांग की है कि उन्हें जलशक्ति विभाग में मर्ज कर एकतरफा किया जाए, वेतनमान कम से कम सात हजार रुपए मासिक तय किया जाए और सेवाकाल 8 साल पूरा होने पर नियमित करने की नीति प्रदेश सरकार बनाए।
विज्ञापन