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सापनी, ब्रुआ और किल्बा में बिजली कट बने आफत
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सांगला (किन्नौर)। जनजातीय जिले के कल्पा खंड की सापनी, किल्बा और ब्रुआ पंचायत में ग्रामीण बिजली के अघोषित कटों की मार झेल रहे हैं। हजारों की आबादी को कड़ाके की ठंड में बिजली की समस्या से दो चार होना पड़ रहा है। ग्रामीणों में विद्युत बोर्ड की कार्यप्रणाली को लेकर खासा रोष है।
गौरतलब है कि सापनी, किल्बा और ब्रुआ पंचायत में 7 सालों से लाइनमैन की स्थायी नियुक्ति नहीं हो पाई है। सर्दियां शुरू होते ही इन पंचायतों में बिजली के अघोषित कट लगना शुरू हो जाते हैं। लोग सात सालों से ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित किए गए करीब 15 विद्युत ट्रांसफार्मरों की रेखदेख के लिए स्थायी कर्मचारी तैनात करने की मांग उठा रही है, लेकिन आज दिन तक स्थायी कर्मचारी की नियुक्ति को लेकर विद्युत बोर्ड प्रबंधन गंभीरता नहीं दिखा रहा है।
सात हजार से अधिक की आबादी वर्षों से विद्युत बोर्ड कर्मचारियों की कमी से समस्या झेलने को मजबूर है। बुधवार रात ब्रुआ पंचायत स्थित ट्रांसफार्मर में अचानक तकनीकी खराबी आई और कर्मचारी की उपलब्धता न होने के कारण हजारों की आबादी को अंधेरे में रात गुजारने को मजबूर हाना पड़ा। ब्रुआ पंचायत प्रधान भूपेंद्र सिंह नेगी, उपप्रधान किल्बा विकास नेगी, धर्मसेन नेगी, महेंद्र सिंह, भजन लाल, हेम सिंह नेगी, बीडीसी सदस्य सापनी बलवंत सिंह नेगी, उपप्रधान सापनी भारत सिंह नेगी सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार और विद्युत बोर्ड प्रबंधन से तीनों पंचायतों के लोगों की सुविधा को देखते हुए स्थायी स्टाफ तैनात करने की मांग की है। उधर, विद्युत बोर्ड टापरी के एसडीओ हरी प्रकाश नेगी ने कहा कि जिले में स्टाफ की खासी कमी चल रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगी। स्टाफ के अभाव के बावजूद बोर्ड उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत आपूर्ति का प्रयास कर रहा है।
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गौरतलब है कि सापनी, किल्बा और ब्रुआ पंचायत में 7 सालों से लाइनमैन की स्थायी नियुक्ति नहीं हो पाई है। सर्दियां शुरू होते ही इन पंचायतों में बिजली के अघोषित कट लगना शुरू हो जाते हैं। लोग सात सालों से ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित किए गए करीब 15 विद्युत ट्रांसफार्मरों की रेखदेख के लिए स्थायी कर्मचारी तैनात करने की मांग उठा रही है, लेकिन आज दिन तक स्थायी कर्मचारी की नियुक्ति को लेकर विद्युत बोर्ड प्रबंधन गंभीरता नहीं दिखा रहा है।
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सात हजार से अधिक की आबादी वर्षों से विद्युत बोर्ड कर्मचारियों की कमी से समस्या झेलने को मजबूर है। बुधवार रात ब्रुआ पंचायत स्थित ट्रांसफार्मर में अचानक तकनीकी खराबी आई और कर्मचारी की उपलब्धता न होने के कारण हजारों की आबादी को अंधेरे में रात गुजारने को मजबूर हाना पड़ा। ब्रुआ पंचायत प्रधान भूपेंद्र सिंह नेगी, उपप्रधान किल्बा विकास नेगी, धर्मसेन नेगी, महेंद्र सिंह, भजन लाल, हेम सिंह नेगी, बीडीसी सदस्य सापनी बलवंत सिंह नेगी, उपप्रधान सापनी भारत सिंह नेगी सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार और विद्युत बोर्ड प्रबंधन से तीनों पंचायतों के लोगों की सुविधा को देखते हुए स्थायी स्टाफ तैनात करने की मांग की है। उधर, विद्युत बोर्ड टापरी के एसडीओ हरी प्रकाश नेगी ने कहा कि जिले में स्टाफ की खासी कमी चल रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगी। स्टाफ के अभाव के बावजूद बोर्ड उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत आपूर्ति का प्रयास कर रहा है।
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