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Rampur Bushahar News: छाया सिंदूरी-कंधारी अनार, खरीदार पहुंच रहे बागवानों के घरद्वार

Sun, 16 Aug 2026 11:36 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 16 Aug 2026 11:36 PM IST
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Pomegranate season begins in Aanas village
नित्थर के आनस क्षेत्र में अनार के सीजन में जुटे व्यापारी। संवाद
आनस गांव में अनार का सीजन शुरू, बागवानों को घर द्वार पर मिल रहे बेहतर दाम
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. क्षेत्र में तैयार हो रहे सिंदूरी और कंधारी किस्मों के अनार की रहती है खासी मांग
. बागवानों से घर द्वार पर हो रही खरीद, एक हजार रुपये मिल रहे प्रति क्रेट दाम
. लंबे अरसे से ग्रामीण कुर्पण खड्ड उठाऊ सिंचाई योजना से जुड़ने की लगाए बैठे आस
संवाद न्यूज एजेंसी

नित्थर (कुल्लू)। उपतहसील नित्थर के निचले क्षेत्रों में इन दिनों अनार के सीजन ने रफ्तार पकड़ ली है। पंजाब से दिल्ली तक के खरीदार बागवानों के घरद्वार पहुंचकर अनार खरीद रहे हैं। घरद्वार पर बेहतर दाम मिलने से बागवानों के चेहरे खिले हुए हैं। क्षेत्र में तैयार हो रहे सिंदूरी और कंधारी किस्म के अनार की बाजार में काफी मांग रहती है। यह अनार अपने स्वाद और गुणवत्ता के लिए काफी प्रसिद्ध है। इन दिनों अनार के खरीदार क्षेत्र के जुटे हुए हैं और अनार के सीजन में व्यस्त हैं। नित्थर उप तहसील की देहरा पंचायत के आनस गांव में हर साल अनार का बंपर उत्पादन होता है। आनस क्षेत्र से हर वर्ष 5 हजार से अधिक अनार की क्रेटें निकलती हैं। बीते कई वर्षों से यह क्षेत्र अनार की खेती के लिए काफी प्रचलित हो गया है। यहां उगने वाले सिंदूरी और कंधारी किस्म के अनार बहुत प्रसिद्ध हैं और बेहतरीन किस्मों में आते हैं। बाजार में इनकी अच्छी खासी मांग रहती है। सिंदूरी अनार बड़े आकार का और चमकीला होता है। इसके छिलके का रंग गहरा केसरिया-लाल और दाने गहरे लाल रंग के होते हैं। इसके दाने मीठे और मुलायम होते हैं। यह कम पानी और शुष्क क्षेत्रों में भी अच्छी पैदावार देता है। कंधारी अनार भी एक मशहूर और पुरानी किस्म का है। इसके दाने रूबी जैसे लाल, बड़े और अत्यधिक रसीले होते हैं। यह अपना स्वाद और मिठास के लिए जाना जाता है। क्षेत्र के बागवानों को पहले अपनी फसल बेचने के लिए चंडीगढ़ और दिल्ली का रुख करना पड़ता था लेकिन अब व्यापारी खुद आनस पहुंचकर फसल खरीदते हैं। स्थानीय बागवानों का कहना है कि कई वर्ष पहले उन्हें अनार की फसल को बेचने के लिए दिल्ली या चंडीगढ़ जाना पड़ता था लेकिन अब व्यापारी घरद्वार पर पहुंचकर अनार खरीद रहे हैं। अनार व्यापारी शाहरुख और नदीम का कहना है कि वह आनस क्षेत्र में पिछले 7 साल से आ रहे हैं। इस वर्ष बागवानों से एक हजार रुपये प्रति क्रेट के हिसाब से अनार खरीद रहे हैं। क्षेत्र में 5 हजार से अधिक क्रेट निकलने की उम्मीद है।

सिंचाई की आस लगाए बैठे गांव के लोग
आनस क्षेत्र में सिंचाई की कमी के कारण पैदावार कम हुई है। यदि ग्रामीणों को सिंचाई की पर्याप्त सुविधा मिले, तो उत्पादन का आंकड़ा 10 हजार क्रेटों को भी पीछे छोड़ देगा। क्षेत्र के किसान, बागवान लंबे समय से निर्माणाधीन कुर्पण खड्ड उठाऊ सिंचाई योजना का इंतजार कर रहे हैं। यदि ग्रामीणों को सिंचाई की सुविधा मिलती है, तो क्षेत्र में अनार उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और बागवानों की आर्थिकी भी मजबूत होगी।
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