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Rampur Bushahar News: महंगाई राहत में देरी पर भड़के पेंशनर, 15 फीसदी भुगतान जल्द करने की उठाई मांग
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रामपुर में विद्युत बोर्ड पेंशनर कल्याण संघ की बैठक में मौजूद पेंशनर। संवाद
. 3.31 रुपये प्रति यूनिट फ्यूल सरचार्ज का भी पेंशनरों ने किया विरोध
. बैठक में मांगें पूरी न होने पर सरकार और बोर्ड के खिलाफ जताया रोष
. पुरानी पेंशन बहाली को लेकर केंद्र सरकार करे हस्तक्षेप : गोपाल ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
बढ़ती महंगाई के बीच लंबित वित्तीय लाभ और 15 फीसदी महंगाई राहत के भुगतान में देरी को लेकर हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन ने सरकार और बोर्ड के खिलाफ रोष जताया है। पेंशनर फोरम संघ रामपुर, किन्नौर, कुमारसैन, आनी, निरमंड और नित्थर क्षेत्र की त्रैमासिक बैठक अध्यक्ष गोपाल ठाकुर की अध्यक्षता में हुई। बैठक में पेंशनरों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हुए सरकार से लंबित वित्तीय लाभ और महंगाई राहत का शीघ्र भुगतान करने की मांग उठाई गई। अध्यक्ष गोपाल ठाकुर ने कहा कि रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के बावजूद पेंशनरों से जुड़े कई वित्तीय मामले लंबित हैं। उन्होंने सरकार से इनका शीघ्र निपटारा करने की मांग की है। एसोसिएशन के सचिव राकेश शर्मा ने बिजली के 3.31 रुपये प्रति यूनिट प्रस्तावित फ्यूल सरचार्ज पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इससे पहले ही महंगाई की मार झेल रहे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उन्होंने सरकार से इस पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया। बैठक में घरेलू गैस, बिजली दरों और खाद्य वस्तुओं सहित रोजमर्रा की जरूरतों की बढ़ती कीमतों पर भी चिंता जताई गई। उन्होंने कहा कि पेंशनरों को 15 फीसदी महंगाई राहत देय है लेकिन इसका भुगतान अभी लंबित है। पदाधिकारियों ने सरकार से महंगाई राहत के साथ अन्य लंबित वित्तीय लाभ भी जल्द जारी करने की मांग की। बैठक में पुरानी पेंशन योजना की बहाली को लेकर भी चर्चा हुई। एसोसिएशन ने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने 30 से 35 वर्ष तक सरकारी सेवा में योगदान दिया है। ऐसे में सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा महत्वपूर्ण है। पदाधिकारियों ने भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से पुरानी पेंशन योजना पर अपना रुख स्पष्ट करने और केंद्र सरकार के समक्ष मामला उठाने का आग्रह किया। साथ ही प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों से भी इस संबंध में हस्तक्षेप की मांग की गई। बैठक में पेंशनरों ने सरकार से लंबित वित्तीय मामलों का शीघ्र निपटारा करने और बिजली उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डालने वाले प्रस्तावों पर पुनर्विचार करने की मांग की गई।
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. बैठक में मांगें पूरी न होने पर सरकार और बोर्ड के खिलाफ जताया रोष
. पुरानी पेंशन बहाली को लेकर केंद्र सरकार करे हस्तक्षेप : गोपाल ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
बढ़ती महंगाई के बीच लंबित वित्तीय लाभ और 15 फीसदी महंगाई राहत के भुगतान में देरी को लेकर हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन ने सरकार और बोर्ड के खिलाफ रोष जताया है। पेंशनर फोरम संघ रामपुर, किन्नौर, कुमारसैन, आनी, निरमंड और नित्थर क्षेत्र की त्रैमासिक बैठक अध्यक्ष गोपाल ठाकुर की अध्यक्षता में हुई। बैठक में पेंशनरों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हुए सरकार से लंबित वित्तीय लाभ और महंगाई राहत का शीघ्र भुगतान करने की मांग उठाई गई। अध्यक्ष गोपाल ठाकुर ने कहा कि रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के बावजूद पेंशनरों से जुड़े कई वित्तीय मामले लंबित हैं। उन्होंने सरकार से इनका शीघ्र निपटारा करने की मांग की है। एसोसिएशन के सचिव राकेश शर्मा ने बिजली के 3.31 रुपये प्रति यूनिट प्रस्तावित फ्यूल सरचार्ज पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इससे पहले ही महंगाई की मार झेल रहे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उन्होंने सरकार से इस पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया। बैठक में घरेलू गैस, बिजली दरों और खाद्य वस्तुओं सहित रोजमर्रा की जरूरतों की बढ़ती कीमतों पर भी चिंता जताई गई। उन्होंने कहा कि पेंशनरों को 15 फीसदी महंगाई राहत देय है लेकिन इसका भुगतान अभी लंबित है। पदाधिकारियों ने सरकार से महंगाई राहत के साथ अन्य लंबित वित्तीय लाभ भी जल्द जारी करने की मांग की। बैठक में पुरानी पेंशन योजना की बहाली को लेकर भी चर्चा हुई। एसोसिएशन ने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने 30 से 35 वर्ष तक सरकारी सेवा में योगदान दिया है। ऐसे में सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा महत्वपूर्ण है। पदाधिकारियों ने भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से पुरानी पेंशन योजना पर अपना रुख स्पष्ट करने और केंद्र सरकार के समक्ष मामला उठाने का आग्रह किया। साथ ही प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों से भी इस संबंध में हस्तक्षेप की मांग की गई। बैठक में पेंशनरों ने सरकार से लंबित वित्तीय मामलों का शीघ्र निपटारा करने और बिजली उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डालने वाले प्रस्तावों पर पुनर्विचार करने की मांग की गई।