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Rampur Bushahar News: रामपुर परियोजना के संविदा कर्मियों की लंबित मांगें हुई पूरी, यूनियन ने जताई खुशी
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रामपुर परियोजना में गेट मीटिंग करते मजदूर यूनियन के सदस्य। स्रोत : यूनियन
. 8,200 वर्दी भत्ता, 150 रुपये धुलाई भत्ता, कौशल श्रेणियों के वर्गीकरण की जल्द होगी समीक्षा
. मंगलवार को हुई समझौता वार्ता में मजदूर यूनियन और परियोजना प्रबंधन की बनी सहमति
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
412 मेगावाट रामपुर परियोजना में कार्यरत संविदा कर्मियों को अब 8,200 रुपये वार्षिक वर्दी भत्ता और 150 रुपये प्रतिमाह धुलाई भत्ता दिया जाएगा। कौशल श्रेणियों के वर्गीकरण की समीक्षा एक सप्ताह के भीतर कर ली जाएगी। मंगलवार को हुई परियोजना प्रबंधन और मजदूर यूनियन की समझौता बैठक में कई अहम मांगों पर सहमति बनी। रामपुर हाइड्रो पावर स्टेशन कॉन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन और एसजेवीएन प्रबंधन के बीच ठेका मजदूरों की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर महत्वपूर्ण एवं सकारात्मक समझौता वार्ता हुई। समझौता वार्ता के बाद सीटू शिमला जिला अध्यक्ष कुलदीप डोगरा, महासचिव अमित, यूनियन अध्यक्ष प्रमोद, उपाध्यक्ष नीलदत्त शर्मा और महासचिव तिलक राज ने कहा कि यूनियन की ओर से ठेका मजदूरों की लंबित मांगों को लेकर प्रबंधन के साथ कई दौर की वार्ताएं की गईं। यूनियन ने 23 मार्च 2026 को प्रबंधन को 10 सूत्री मांग पत्र सौंपा था, जिसमें ग्रेच्युटी भुगतान, कार्य की प्रकृति के अनुसार पद एवं वेतन निर्धारण, पदोन्नति नीति, वार्षिक इंक्रीमेंट, वर्दी भत्ता, बोनस, स्पेशल अलाउंस, यात्रा भत्ता, मेडिकल अलाउंस और धुलाई भत्ता जैसी महत्वपूर्ण मांगें शामिल थीं। प्रबंधन की ओर से मांगों पर सकारात्मक कदम न उठाए जाने के कारण यूनियन ने 1 जून भोजन अवकाश के दौरान रोष प्रदर्शन शुरू किया और आंदोलन को आगे बढ़ाया। यूनियन ने 23 जुलाई को एक दिवसीय हड़ताल का निर्णय लिया था लेकिन सहायक श्रम आयुक्त चंडीगढ़ के हस्तक्षेप के बाद 21 जुलाई को चंडीगढ़ में समझौता वार्ता आयोजित की गई, जो बेनतीजा रही। इसके बाद यूनियन ने 6 अगस्त को हड़ताल करने का निर्णय लिया। प्रबंधन के अनुरोध पर 11 अगस्त को दोबारा समझौता वार्ता आयोजित की गई, जिसमें दोनों पक्षों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सकारात्मक सहमति बनी। वार्ता में सहमति बनी कि संविदा कर्मचारियों का वर्दी भत्ता 7,200 रुपये प्रति वर्ष से बढ़ाकर 8,500 रुपये प्रति वर्ष किया जाएगा, जो 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा। वहीं, धुलाई भत्ता 120 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 150 रुपये प्रतिमाह किया जाएगा। इसके अलावा 21,000 रुपये प्रति माह से अधिक वेतन पाने वाले संविदा कर्मचारियों को भी बोनस देने पर सहमति बनी है, जो 1 जुलाई 2026 से लागू होगा। कार्य की प्रकृति के आधार पर कौशल श्रेणियों के वर्गीकरण के लिए इसी सप्ताह समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। यूनियन की शेष मांगों पर भी प्रबंधन की ओर से विचार करने का आश्वासन दिया है। यूनियन ने कहा कि वार्ता में मिली यह प्रगति मजदूरों की एकता, लगातार संघर्ष और आंदोलन का परिणाम है। यूनियन प्रबंधन से अपेक्षा की है कि विशेष रूप से ग्रेच्युटी भुगतान और कार्य की प्रकृति के अनुसार पद एवं वेतन निर्धारण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। यूनियन ने कहा कि ठेका मजदूरों के सम्मानजनक अधिकारों और जायज मांगों के लिए संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
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. मंगलवार को हुई समझौता वार्ता में मजदूर यूनियन और परियोजना प्रबंधन की बनी सहमति
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
412 मेगावाट रामपुर परियोजना में कार्यरत संविदा कर्मियों को अब 8,200 रुपये वार्षिक वर्दी भत्ता और 150 रुपये प्रतिमाह धुलाई भत्ता दिया जाएगा। कौशल श्रेणियों के वर्गीकरण की समीक्षा एक सप्ताह के भीतर कर ली जाएगी। मंगलवार को हुई परियोजना प्रबंधन और मजदूर यूनियन की समझौता बैठक में कई अहम मांगों पर सहमति बनी। रामपुर हाइड्रो पावर स्टेशन कॉन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन और एसजेवीएन प्रबंधन के बीच ठेका मजदूरों की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर महत्वपूर्ण एवं सकारात्मक समझौता वार्ता हुई। समझौता वार्ता के बाद सीटू शिमला जिला अध्यक्ष कुलदीप डोगरा, महासचिव अमित, यूनियन अध्यक्ष प्रमोद, उपाध्यक्ष नीलदत्त शर्मा और महासचिव तिलक राज ने कहा कि यूनियन की ओर से ठेका मजदूरों की लंबित मांगों को लेकर प्रबंधन के साथ कई दौर की वार्ताएं की गईं। यूनियन ने 23 मार्च 2026 को प्रबंधन को 10 सूत्री मांग पत्र सौंपा था, जिसमें ग्रेच्युटी भुगतान, कार्य की प्रकृति के अनुसार पद एवं वेतन निर्धारण, पदोन्नति नीति, वार्षिक इंक्रीमेंट, वर्दी भत्ता, बोनस, स्पेशल अलाउंस, यात्रा भत्ता, मेडिकल अलाउंस और धुलाई भत्ता जैसी महत्वपूर्ण मांगें शामिल थीं। प्रबंधन की ओर से मांगों पर सकारात्मक कदम न उठाए जाने के कारण यूनियन ने 1 जून भोजन अवकाश के दौरान रोष प्रदर्शन शुरू किया और आंदोलन को आगे बढ़ाया। यूनियन ने 23 जुलाई को एक दिवसीय हड़ताल का निर्णय लिया था लेकिन सहायक श्रम आयुक्त चंडीगढ़ के हस्तक्षेप के बाद 21 जुलाई को चंडीगढ़ में समझौता वार्ता आयोजित की गई, जो बेनतीजा रही। इसके बाद यूनियन ने 6 अगस्त को हड़ताल करने का निर्णय लिया। प्रबंधन के अनुरोध पर 11 अगस्त को दोबारा समझौता वार्ता आयोजित की गई, जिसमें दोनों पक्षों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सकारात्मक सहमति बनी। वार्ता में सहमति बनी कि संविदा कर्मचारियों का वर्दी भत्ता 7,200 रुपये प्रति वर्ष से बढ़ाकर 8,500 रुपये प्रति वर्ष किया जाएगा, जो 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा। वहीं, धुलाई भत्ता 120 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 150 रुपये प्रतिमाह किया जाएगा। इसके अलावा 21,000 रुपये प्रति माह से अधिक वेतन पाने वाले संविदा कर्मचारियों को भी बोनस देने पर सहमति बनी है, जो 1 जुलाई 2026 से लागू होगा। कार्य की प्रकृति के आधार पर कौशल श्रेणियों के वर्गीकरण के लिए इसी सप्ताह समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। यूनियन की शेष मांगों पर भी प्रबंधन की ओर से विचार करने का आश्वासन दिया है। यूनियन ने कहा कि वार्ता में मिली यह प्रगति मजदूरों की एकता, लगातार संघर्ष और आंदोलन का परिणाम है। यूनियन प्रबंधन से अपेक्षा की है कि विशेष रूप से ग्रेच्युटी भुगतान और कार्य की प्रकृति के अनुसार पद एवं वेतन निर्धारण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। यूनियन ने कहा कि ठेका मजदूरों के सम्मानजनक अधिकारों और जायज मांगों के लिए संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।