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Rampur Bushahar News: आउटसोर्स कर्मचारियों को सात महीने से नहीं मिला वेतन
Fri, 12 May 2023 10:38 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर बुशहर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर बुशहर
Updated Fri, 12 May 2023 10:38 PM IST
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रिकांगपिओ (किन्नौर)। जिला किन्नौर में कोविड काल से स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारी सात महीने से वेतन को तरस रहे हैं। वेतन की अदायगी न होने के कारण कर्मचारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शुक्रवार को किन्नौर आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष की अगुवाई मेें कर्मचारियों ने उपायुक्त किन्नौर तोरुल एस रवीश को ज्ञापन सौंपा। उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर वेतन देने की गुहार लगाई है। ज्ञापन में कहा कि सात महीने से वेतन न मिलने के कारण कर्मचारियों को अपने परिवार का पालन-पोषण का संकट खड़ा हो गया है।
आउटसोर्स कर्मचारियों ने सरकार से सेवा विस्तार को निरंतर करने की भी मांग की। महासंघ के अध्यक्ष कमल किशोर ने बताया कि कोरोना को नियंत्रित करने के लिए प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग ने आउटसोर्स पर कर्मचारी नियुक्त किए। जिला किन्नौर में भी करीब 71 कर्मचारियों की नियुक्तियां हुई हैं।
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उन्होंने सरकार और उपायुक्त से मांग की कि कर्मचारियों को शीघ्र वेतन दिया जाए, ताकि कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित हो सके। सरकार से जल्द से जल्द स्थायी नीति बनाने की भी मांग रखी। कांग्रेस सरकार ने चुनावी घोषणापत्र और उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने छह माह में आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति बनाने का वादा किया था।
अब इसके विपरीत जलशक्ति विभाग सहित अन्य विभागों एवं कंपनियों में सेवाएं दे रहे आउटसोर्स कर्मचारियों को निकालने का काम किया जा रहा है। अन्य आउटसोर्स कर्मचारियों को भी असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है। वर्तमान समय में किन्नौर में करीब 400 आउटसोर्स कर्मचारी हैं। वित्त वर्ष 2018 में दैनिक वेतनभोगियों के लिए सरकार की ओर से वेतन की सूची निकाली गई, लेकिन जनजातीय जिले में कुछ विभागों में तैनात आउटसोर्स कर्मचारियों को अभी तक 25 प्रतिशत जनजातीय भत्ता नहीं मिल रहा है। संवाद
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शुक्रवार को किन्नौर आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष की अगुवाई मेें कर्मचारियों ने उपायुक्त किन्नौर तोरुल एस रवीश को ज्ञापन सौंपा। उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर वेतन देने की गुहार लगाई है। ज्ञापन में कहा कि सात महीने से वेतन न मिलने के कारण कर्मचारियों को अपने परिवार का पालन-पोषण का संकट खड़ा हो गया है।
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आउटसोर्स कर्मचारियों ने सरकार से सेवा विस्तार को निरंतर करने की भी मांग की। महासंघ के अध्यक्ष कमल किशोर ने बताया कि कोरोना को नियंत्रित करने के लिए प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग ने आउटसोर्स पर कर्मचारी नियुक्त किए। जिला किन्नौर में भी करीब 71 कर्मचारियों की नियुक्तियां हुई हैं।
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उन्होंने सरकार और उपायुक्त से मांग की कि कर्मचारियों को शीघ्र वेतन दिया जाए, ताकि कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित हो सके। सरकार से जल्द से जल्द स्थायी नीति बनाने की भी मांग रखी। कांग्रेस सरकार ने चुनावी घोषणापत्र और उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने छह माह में आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति बनाने का वादा किया था।
अब इसके विपरीत जलशक्ति विभाग सहित अन्य विभागों एवं कंपनियों में सेवाएं दे रहे आउटसोर्स कर्मचारियों को निकालने का काम किया जा रहा है। अन्य आउटसोर्स कर्मचारियों को भी असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है। वर्तमान समय में किन्नौर में करीब 400 आउटसोर्स कर्मचारी हैं। वित्त वर्ष 2018 में दैनिक वेतनभोगियों के लिए सरकार की ओर से वेतन की सूची निकाली गई, लेकिन जनजातीय जिले में कुछ विभागों में तैनात आउटसोर्स कर्मचारियों को अभी तक 25 प्रतिशत जनजातीय भत्ता नहीं मिल रहा है। संवाद