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नगर परिषद कार्यालय के बाहर गरजे ठेका कर्मचारी
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नगर परिषद कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करते सीटू संबंधित यूनियन के कार्यकर्ता
- फोटो : RAMPUR-HP
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रामपुर बुशहर। नगर परिषद रामपुर ठेका मजदूर यूनियन संबंधित सीटू ने न्यूनतम वेतन लागू और श्रम कानूनों को लागू करने की मांग को लेकर नगर परिषद कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। सीटू जिला कमेटी सदस्य अमित, यूनियन अध्यक्ष देवेंद्र और ललिता और मंजू ने कहा कि रामपुर नगर परिषद के प्रबंधन, ठेकेदार और श्रम विभाग की सांठ-गांठ से नगर परिषद में कार्य कर रहे मजदूरों पर श्रम कानूनों को लागू न करके मजदूरों का शोषण कर रही है।
मजदूरों को हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित 1 अप्रैल 2021 से न्यूनतम वेतन 300 रुपये अभी तक लागू नहीं किया जा रहा है। नगर परिषद में कार्य कर रहे सभी ठेका मजदूरों को लंबे समय से समय पर वेतन नहीं मिल रहा है। हालत यह है कि एक मजदूर को पिछले पांच महीने से वेतन नहीं दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है और खाने की मूलभूत वस्तुओं के दाम तेल, दाल, आटा, चावल, सब्जियों के दाम, प्याज व टमाटर, कमरे का किराया, बिजली, बस किराया और रसोई गैस की कीमतों में जिस हिसाब से बढ़ोतरी हो रही है, ऐसी स्थिति में अप्रैल महीने से वेतन न मिलना मजदूरों को कई प्रकार की आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने चेताया कि मजदूरों को अप्रैल माह का वेतन एक साल में न्यूनतम वेतन से कम दिए वेतन का एरियर का भुगतान नहीं किया तो यूनियन आंदोलन को तेज करेगी और कूड़ा उठाने का काम भी बंद किया जाएगा।
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मजदूरों को हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित 1 अप्रैल 2021 से न्यूनतम वेतन 300 रुपये अभी तक लागू नहीं किया जा रहा है। नगर परिषद में कार्य कर रहे सभी ठेका मजदूरों को लंबे समय से समय पर वेतन नहीं मिल रहा है। हालत यह है कि एक मजदूर को पिछले पांच महीने से वेतन नहीं दिया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है और खाने की मूलभूत वस्तुओं के दाम तेल, दाल, आटा, चावल, सब्जियों के दाम, प्याज व टमाटर, कमरे का किराया, बिजली, बस किराया और रसोई गैस की कीमतों में जिस हिसाब से बढ़ोतरी हो रही है, ऐसी स्थिति में अप्रैल महीने से वेतन न मिलना मजदूरों को कई प्रकार की आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने चेताया कि मजदूरों को अप्रैल माह का वेतन एक साल में न्यूनतम वेतन से कम दिए वेतन का एरियर का भुगतान नहीं किया तो यूनियन आंदोलन को तेज करेगी और कूड़ा उठाने का काम भी बंद किया जाएगा।
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