{"_id":"5fd8f4998ebc3e3b8907122f","slug":"operation-rampur-hp-news-sml354631226","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिविल अस्पताल ठियोग में 8 माह बाद आंखों के ऑपरेशन शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिविल अस्पताल ठियोग में 8 माह बाद आंखों के ऑपरेशन शुरू
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ठियोग(रामपुर बुशहर)। ऊपरी शिमला के ठियोग में आंखों में काला मोतिया के मरीजों का आंकड़ा बहुत ज्यादा है। नेत्र विशेषज्ञ डॉ. सोहिल ने बताया कि वैश्विक महामारी कोरोना के चलते लंबे अंतराल के बाद अब सिविल अस्पताल ठियोग में आंखों के ऑपरेशन शुरू कर दिए गए हैं। बीते कुछ दिनों में डॉ. सोहिल ने 20 से ज्यादा ऑपरेशन किए हैं।
गौरतलब है कि फरवरी माह के बाद अभी तक अस्पताल में आंखों के ऑपरेशन नहीं हुए थे। डॉ. सोहिल ने बताया कि पिछले काफी समय से अस्पताल में आने वाले मरीजों में ठियोग क्षेत्र में काला मोतिया के मरीजों की संख्या बहुत अधिक है, जिस बात को लेकर वह गहनता से अध्ययन कर रहे हैं। डॉ. सोहिल ने 28 जुलाई को सिविल अस्पताल ज्वाइन कर लिया था लेकिन कोविड के चलते किसी भी तरह के ऑपरेशन नही हो रहे थे। ऐसे में लोग शिमला आईजीएमसी जाने से कतरा रहे थे लेकिन सिविल अस्पताल ठियोग में आंखों के ऑपरेशन शुरू होने से क्षेत्र की जनता को राहत मिली है।
डॉ. सोहिल ने बताया कि 40 की उम्र के बाद आंखों की रोशनी कम हो जाती है। पहले सफेद मोतिया के लक्षण आते हैं और समय से इलाज न करवाने पर कई मर्तबा आंखों की रोशनी चली जाती है। इसके अलावा रंगीन रंगों को देखना व रात में गाड़ी चलाते हुए अगर सामने से आ रही गाड़ी की लाइट अधिक परेशान करे तो अपने इलाज के लिए समय से अस्पताल का रुख करें।
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गौरतलब है कि फरवरी माह के बाद अभी तक अस्पताल में आंखों के ऑपरेशन नहीं हुए थे। डॉ. सोहिल ने बताया कि पिछले काफी समय से अस्पताल में आने वाले मरीजों में ठियोग क्षेत्र में काला मोतिया के मरीजों की संख्या बहुत अधिक है, जिस बात को लेकर वह गहनता से अध्ययन कर रहे हैं। डॉ. सोहिल ने 28 जुलाई को सिविल अस्पताल ज्वाइन कर लिया था लेकिन कोविड के चलते किसी भी तरह के ऑपरेशन नही हो रहे थे। ऐसे में लोग शिमला आईजीएमसी जाने से कतरा रहे थे लेकिन सिविल अस्पताल ठियोग में आंखों के ऑपरेशन शुरू होने से क्षेत्र की जनता को राहत मिली है।
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डॉ. सोहिल ने बताया कि 40 की उम्र के बाद आंखों की रोशनी कम हो जाती है। पहले सफेद मोतिया के लक्षण आते हैं और समय से इलाज न करवाने पर कई मर्तबा आंखों की रोशनी चली जाती है। इसके अलावा रंगीन रंगों को देखना व रात में गाड़ी चलाते हुए अगर सामने से आ रही गाड़ी की लाइट अधिक परेशान करे तो अपने इलाज के लिए समय से अस्पताल का रुख करें।
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