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Rampur Bushahar News: सैंज-माईपुल-यशवंत नगर सड़क पर 28 घंटे बाद एक तरफा यातायात शुरू
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माई पूल के नजदीक भूस्खलन के कारण बंद सड़क के एक तरफा खोले जाने के बाद उस हिस्से से गुजरता ट्रक
बागवानों सहित अन्य लोगों ने ली राहत की सांस
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। ठियोग को सोलन और सिरमौर से सीधे जोड़ने वाली सैंज-माईपुल-यशवंत नगर सड़क पर 28 घंटे बाद एक तरफा यातायात शुरू हो गया है। सड़क के खुलने के बाद बागवानों और वाहन चालकों ने राहत की सांस ली है। अभी इस रूट पर सामान्य रूप से यातायात व्यवस्था बहाल होने में अधिक समय लग सकता है। वहीं, पहाड़ी से पत्थर गिरने से अभी खतरा भी बरकरार है। विभाग की दो मशीनें दिनरात सड़क को पूरी तरह बहाल करने में जुटी हुई हैं, लेकिन पहाड़ी से गिरे मलबे की मात्रा अधिक है। इस कारण सड़क को पूरी तरह साफ करने में समय लग सकता है। इस जगह पर सोमवार शाम करीब 80 मीटर चौड़ा पहाड़ एक हिस्सा सड़क पर आ गिरा था। इसके बाद यह सड़क बंद हो गई थी। इस हिस्से में पहाड़ से गिरने वाले पत्थरों का सिलसिला लगातार जारी है। सड़क की उपयोगिता और महत्व को देखते हुए मंगलवार को एसडीएम ठियोग शशांक गुप्ता ने अन्य विभागीय अधिकारियों के साथ मौके का जायज़ा लिया था। मंगलवार रात 10:00 बजे के करीब सड़क पर एक तरफा यातायात शुरू हो गया था, लेकिन लगातार पत्थरों के गिरने की वजह से यातायात प्रभावित रहा। बुधवार को मौसम साफ रहने और विभाग की मशनीरी ने मार्ग को साफ किया। इसके बाद यातायात बहाल कर दिया गया। इन दिनों क्षेत्र में सेब सीजन की रफ्तार काफी बढ़ गई है और ऊपरी शिमला की बड़ी सेब मंडियों में शुमार पराला मंडी में बिकने वाला अधिकतर सेब इसी सड़क से होकर सोलन, चंडीगढ़ और देश की दूसरी मंडियों को जाता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। ठियोग को सोलन और सिरमौर से सीधे जोड़ने वाली सैंज-माईपुल-यशवंत नगर सड़क पर 28 घंटे बाद एक तरफा यातायात शुरू हो गया है। सड़क के खुलने के बाद बागवानों और वाहन चालकों ने राहत की सांस ली है। अभी इस रूट पर सामान्य रूप से यातायात व्यवस्था बहाल होने में अधिक समय लग सकता है। वहीं, पहाड़ी से पत्थर गिरने से अभी खतरा भी बरकरार है। विभाग की दो मशीनें दिनरात सड़क को पूरी तरह बहाल करने में जुटी हुई हैं, लेकिन पहाड़ी से गिरे मलबे की मात्रा अधिक है। इस कारण सड़क को पूरी तरह साफ करने में समय लग सकता है। इस जगह पर सोमवार शाम करीब 80 मीटर चौड़ा पहाड़ एक हिस्सा सड़क पर आ गिरा था। इसके बाद यह सड़क बंद हो गई थी। इस हिस्से में पहाड़ से गिरने वाले पत्थरों का सिलसिला लगातार जारी है। सड़क की उपयोगिता और महत्व को देखते हुए मंगलवार को एसडीएम ठियोग शशांक गुप्ता ने अन्य विभागीय अधिकारियों के साथ मौके का जायज़ा लिया था। मंगलवार रात 10:00 बजे के करीब सड़क पर एक तरफा यातायात शुरू हो गया था, लेकिन लगातार पत्थरों के गिरने की वजह से यातायात प्रभावित रहा। बुधवार को मौसम साफ रहने और विभाग की मशनीरी ने मार्ग को साफ किया। इसके बाद यातायात बहाल कर दिया गया। इन दिनों क्षेत्र में सेब सीजन की रफ्तार काफी बढ़ गई है और ऊपरी शिमला की बड़ी सेब मंडियों में शुमार पराला मंडी में बिकने वाला अधिकतर सेब इसी सड़क से होकर सोलन, चंडीगढ़ और देश की दूसरी मंडियों को जाता है।