फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   Old Diwali fair in Nirmand from today

Rampur Bushahar News: निरमंड में बूढ़ी दिवाली मेला आज से, रात को होगा वृत्रासुर और इंद्र के बीच महायुद्ध

Wed, 19 Nov 2025 11:22 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 19 Nov 2025 11:22 PM IST
विज्ञापन
निरमंड (कुल्लू)। कुल्लू के आउटर सिराज क्षेत्र में सतलुज घाटी के सामने निरंमड में चार दिवसीय जिला स्तरीय बूढ़ी दिवाली मेला वीरवार से शुरू हो रहा है। मेले की पहली रात को वृतासुर और इंद्र के बीच महायुद्ध होगा। बूढ़ी दिवाली (दियाउड़ी) पर्व मनाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। निरमंड की बूढ़ी दिवाली का उल्लेख ऋग्वेद में भी है। कथाओं के अनुसार, पूर्व काल में जब वृतासुर के मन में इंद्र की गद्दी को हासिल करने का विचार आया, तो सेना के साथ इंद्र को परास्त करने की योजना बनाई। इसके बाद दानवों और देवताओं के बीच महायुद्ध हुआ। ऋग्वेद में इंद्र और वृतासुर के बीच युद्ध का वर्णन है। अग्नि पर इंद्र का और जल पर वृतासुर का नियंत्रण था। वृतासुर अग्नि पर भी अपना नियंत्रण करना चाहता था। इस कारण इंद्र और वृतासुर के बीच युद्ध हुआ, जिसका प्रदर्शन यहां रात की बूढ़ी दिवाली में किया जाता है। नगर पंचायत निरमंड के उपाध्यक्ष विकास शर्मा, गुलशन शर्मा का कहना है कि इस परंपरा का आज भी निरमंड में बूढ़ी दिवाली पर्व के रूप में निर्वहन किया जाता है। 20 नवंबर की रात को निरमंड के दशनामी जून अखाड़े में अग्नि को प्रज्वलित किया जाएगा। इसे देवताओं के राजा इंद्र का प्रतीक माना जाता है। इस अग्नि के चारों ओर क्षेत्र के गढ़ के लोगों का एक सुरक्षा चक्र बनाया जाता है, जिसे देवताओं का प्रतीक माना जाता है। इसके बाद सुबह चार बजे दूसरे गढ़ों के लोग (कथांडा) से यहां आकर इस घेरे की सुरक्षा में खड़े लोगों के साथ युद्ध की परंपरा का निर्वहन करते हैं। यहां एक विशालकाय रस्से का बांढ बनाकर पारंपरिक झलक देखने को मिलेगी। कहते हैं कि वृतासुर सांप के वेश में इंद्र के साथ युद्ध करने आया था। उस रस्से को वृतासुर का नाम दिया जाता है। निरमंड में यह परंपरा सदियों से चली आ रही है, जिसका यहां के लोग आज भी बखूबी निर्वहन करते हैं। विकास शर्मा का कहना है कि ऐतिहासिक बूढ़ी दिवाली पारंपरिक रस्मों को अदा किया जाएगा। दूसरे दिन रामलीला मैदान में नंगे पैर के साथ यहां के लोग एक विशाल नृत्य करते हैं।
विज्ञापन


पहाड़ी कलाकार मचाएंगे धमाल



बूढ़ी दिवाली मेले की रूपरेखा तैयार करने के लिए पंचायत समिति सभागार में प्रशासन और मेला कमेटी के सदस्यों की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता एसडीएम मनमोहन सिंह ने की। बैठक में रात्रि सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के सुप्रसिद्ध गायकों को आमंत्रित करने का निर्णय लिया गया। एसडीएम मनमोहन सिंह ने बताया कि पहली सांस्कृतिक संध्या में हिमाचली लोक गायिका नेहा दीक्षित दर्शकों का मनोरंजन करेंगी। दूसरी सांस्कृतिक संध्या में हिमाचली लोक गायक अजय तोमर, अजय चौहान और तीसरी एवं अंतिम सांस्कृतिक संध्या में विक्की चौहान धमाल मचाएंगे। इसके अलावा कुलदेव कौशल, अमर राठौर, किशन वर्मा, तात्रा बॉयज, राम सिंह फांकर, डिंपल ठाकुर, नरेश, टीआर कश्यप हनी नेगी,विनेश जोशी रमना भारती आदि कलाकार धमाल मचाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed