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Rampur Bushahar News: खनेरी अस्पताल में नहीं कान, नाक और गले का इलाज, शिमला-चंडीगढ़ की लग रही दौड़
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खनेरी अस्पताल में 4 वर्ष से रिक्त पड़ा ईएनटी विशेषज्ञ का पद। संवाद
खनेरी अस्पताल में चार साल से ईएनटी विशेषज्ञ नहीं
. एक हजार की ओपीडी वाले खनेरी अस्पताल में वर्षों से विशेषज्ञ का इंतजार
. विशेषज्ञ की तैनाती न होने से क्षेत्र के लोगों में रोष
. सरकार और स्वास्थ्य विभाग से लगाई राहत की गुहार
ईशिका गौतम
रामपुर बुशहर।
चार जिलों के दुर्गम क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने वाले महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल में चार साल से ईएनटी विशेषज्ञ का पद रिक्त पड़ा है। अस्पताल में कान, नाक और गले से जुड़ी बीमारियों के उपचार की सुविधा ठप होने से मरीजों को शिमला और चंडीगढ़ जाना पड़ रहा है। इससे मरीजों और उनके तीमारदारों को अतिरिक्त समय और आर्थिक बोझ की मार पड़ रही है। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को उपचार न मिलने से निराश वापस लौटने को मजबूर होना पड़ रहा है। महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल में रोजाना करीब एक हजार मरीजों की ओपीडी रहती है। इनमें किन्नौर, शिमला, कुल्लू और मंडी जिलों के दुर्गम क्षेत्रों से लोग इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में ईएनटी विशेषज्ञ की लंबे समय से तैनाती न होने से क्षेत्र के लोगों की परेशानी लगातार बनी हुई है। सामान्य जांच से लेकर गंभीर कान, नाक और गले की बीमारियों के उपचार के लिए मरीजों को दूसरे बड़े अस्पतालों में जाकर उपचार करवाना पड़ रहा है। गरीब तबके के मरीजों को रामपुर से शिमला और चंडीगढ़ जाना मुश्किल हो रहा है। वर्षों से लोग अस्पताल में ईएनटी विशेषज्ञ की तैनाती की मांग उठा रहे हैं लेकिन सरकार और स्वास्थ्य विभाग लोगों की परेशानी दूर करने में नाकाम साबित हो रहे हैं। अस्पताल को हाल ही में पांच नए चिकित्सक मिले हैं लेकिन हैरानी की बात है कि इनमें ईएनटी विशेषज्ञ शामिल नहीं है। इससे लोगों में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि चार जिलों के मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने वाले अस्पताल में लंबे समय तक किसी महत्वपूर्ण विशेषज्ञ का पद खाली रहना चिंता का विषय है।
जल्द ईएनटी विशेषज्ञ की तैनाती हो
क्षेत्र के यशवंत शर्मा, सुरेश कुमार, राजीव, पदम सिंह, मोहर सिंह, रेखा, सुमन, प्रतिभा, रोहित सहित अन्य लोगों का कहना है कि अस्पताल में ईएनटी विशेषज्ञ न होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मरीज दूरदराज से उपचार के लिए खनेरी अस्पताल पहुंचते हैं लेकिन यहां विशेषज्ञ न मिलने से उन्हें शिमला और चंडीगढ़ का रुख करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल में जल्द ईएनटी विशेषज्ञ की तैनाती की मांग उठाई है।
अस्पताल में ईएनटी विशेषज्ञ की आवश्यकता और रिक्त पद के संबंध में स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों को सूचित किया गया है। हाल ही में अस्पताल को पांच चिकित्सक मिले हैं, लेकिन इनमें ईएनटी शामिल नहीं है। -डॉ. रोशन कौंडल, चिकित्सा अधीक्षक, खनेरी अस्पताल
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. एक हजार की ओपीडी वाले खनेरी अस्पताल में वर्षों से विशेषज्ञ का इंतजार
. विशेषज्ञ की तैनाती न होने से क्षेत्र के लोगों में रोष
. सरकार और स्वास्थ्य विभाग से लगाई राहत की गुहार
ईशिका गौतम
रामपुर बुशहर।
चार जिलों के दुर्गम क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने वाले महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल में चार साल से ईएनटी विशेषज्ञ का पद रिक्त पड़ा है। अस्पताल में कान, नाक और गले से जुड़ी बीमारियों के उपचार की सुविधा ठप होने से मरीजों को शिमला और चंडीगढ़ जाना पड़ रहा है। इससे मरीजों और उनके तीमारदारों को अतिरिक्त समय और आर्थिक बोझ की मार पड़ रही है। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को उपचार न मिलने से निराश वापस लौटने को मजबूर होना पड़ रहा है। महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल में रोजाना करीब एक हजार मरीजों की ओपीडी रहती है। इनमें किन्नौर, शिमला, कुल्लू और मंडी जिलों के दुर्गम क्षेत्रों से लोग इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में ईएनटी विशेषज्ञ की लंबे समय से तैनाती न होने से क्षेत्र के लोगों की परेशानी लगातार बनी हुई है। सामान्य जांच से लेकर गंभीर कान, नाक और गले की बीमारियों के उपचार के लिए मरीजों को दूसरे बड़े अस्पतालों में जाकर उपचार करवाना पड़ रहा है। गरीब तबके के मरीजों को रामपुर से शिमला और चंडीगढ़ जाना मुश्किल हो रहा है। वर्षों से लोग अस्पताल में ईएनटी विशेषज्ञ की तैनाती की मांग उठा रहे हैं लेकिन सरकार और स्वास्थ्य विभाग लोगों की परेशानी दूर करने में नाकाम साबित हो रहे हैं। अस्पताल को हाल ही में पांच नए चिकित्सक मिले हैं लेकिन हैरानी की बात है कि इनमें ईएनटी विशेषज्ञ शामिल नहीं है। इससे लोगों में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि चार जिलों के मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने वाले अस्पताल में लंबे समय तक किसी महत्वपूर्ण विशेषज्ञ का पद खाली रहना चिंता का विषय है।
जल्द ईएनटी विशेषज्ञ की तैनाती हो
क्षेत्र के यशवंत शर्मा, सुरेश कुमार, राजीव, पदम सिंह, मोहर सिंह, रेखा, सुमन, प्रतिभा, रोहित सहित अन्य लोगों का कहना है कि अस्पताल में ईएनटी विशेषज्ञ न होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मरीज दूरदराज से उपचार के लिए खनेरी अस्पताल पहुंचते हैं लेकिन यहां विशेषज्ञ न मिलने से उन्हें शिमला और चंडीगढ़ का रुख करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल में जल्द ईएनटी विशेषज्ञ की तैनाती की मांग उठाई है।
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अस्पताल में ईएनटी विशेषज्ञ की आवश्यकता और रिक्त पद के संबंध में स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों को सूचित किया गया है। हाल ही में अस्पताल को पांच चिकित्सक मिले हैं, लेकिन इनमें ईएनटी शामिल नहीं है। -डॉ. रोशन कौंडल, चिकित्सा अधीक्षक, खनेरी अस्पताल
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