सांगला/भावानगर(किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर के प्रवेशद्वार चौरा के पास शुक्रवार रात करीब आठ बजे एनएच पांच भारी भरकम चट्टानों के गिरने से मार्ग बाधित हो गया। करीब अठारह घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद नेशनल हाईवे प्राधिकरण ने बाधित एनएच को यातायात के लिए बहाल कर दिया है।
शुक्रवार को पहाड़ी से भारी भरकम चट्टानें गिरने से एनएच पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। सूचना मिलते ही शनिवार सुबह एनएच प्राधिकरण ने कार्य शुरू दिया। प्राधिकरण की दो जेसीबी मशीनें और मजदूरों ने आठ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बाधित एनएच को यातायात के लिए बहाल कर दिया है। मार्ग बहाल होते ही एनएच के दोनों ओर कतारों में लगे वाहन चालकों ने राहत की सांस ली। एनएच बहाल होने के बाद किन्नौर जिले के कल्पा, पूह और निचार तीनो खंडों के हजारों लोगों सहित स्पीति वैली के हुरलिंग, गियू, लरी, काजा, की, किब्बर, लोसर, पिनवैली, काजा, ताबो और लंगजा के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। वहीं एनएच प्राधिकरण के कनिष्ठ अभियंता मोहन मेहता ने अवरुद्ध हुए मार्ग को बहाल करने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि करीब अठारह घंटे बाद बाधित एनएच पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। प्राधिकरण की दो मशीनों और मजदूरों ने युद्धस्तर पर कार्य करते हुए बाधित एनएच को बहाल कर दिया है। वहीं परिवहन निगम रिकांगपिओ के क्षेत्रीय प्रबंधक अजेंद्र चौधरी ने कहा कि अब चौरा से रिकांगपिओ और शिमला की ओर निगम की बसों सहित अन्य वाहनों की बराबर आवाजाही हो रही है।