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Rampur Bushahar News: मतियाना में भूस्खलन से ढाई घंटे बंद रहा एनएच-5
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शाम छह बजे सड़क पर गिरीं बड़ी चट्टानें और पेड़, दोनों ओर कई किलोमीटर लंबा जाम
सेब सीजन चरम पर होने से बड़ी संख्या में सेब से लदे वाहन भी जाम में फंसे
सूचना के डेढ़ घंटे बाद मौके पर पहुंची छोटी जेसीबी, 8:30 बजे बहाल हुई एक लेन
रविवार की छुट्टी के चलते घर लौट रहे लोग भी जाम में फंसे, यात्रियों को हुई परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। मतियाना के पास सुनारघाटी में शनिवार शाम पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा दरकने से शिमला-रामपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-5 करीब ढाई घंटे पूरी तरह बंद रहा। शाम करीब 6 बजे अचानक पहाड़ से भारी मात्रा में मलबा, पेड़ और बड़ी चट्टानें सड़क पर आ गिरीं। इससे दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई। हाईवे के बंद होने से कुछ ही देर में सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कई किलोमीटर तक जाम की स्थिति बन गई।
इन दिनों सेब सीजन चरम पर है। शिमला जिले के ऊपरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में सेब से लदे वाहन एनएच-5 के माध्यम से देश की विभिन्न मंडियों की ओर जा रहे हैं। भूस्खलन के कारण ऐसे कई वाहन भी बीच रास्ते में फंस गए। इसके अलावा शनिवार शाम होने के कारण बड़ी संख्या में लोग रविवार की छुट्टी के लिए अपने घरों की ओर जा रहे थे। अचानक हाईवे बंद होने से उन्हें भी रास्ते में ही रुकना पड़ा। लंबे समय तक जाम में फंसे रहने से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
हाईवे बंद होने के बाद जाम में फंसे लोगों ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को इसकी सूचना दी। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने मार्ग को जल्द बहाल करने की मांग की। इसके बावजूद मलबा हटाने के लिए करीब डेढ़ घंटे बाद शाम 7:30 बजे छोटी जेसीबी मौके पर पहुंची। इस दौरान सड़क पर मलबा और बड़ी चट्टानें होने के कारण यातायात पूरी तरह बंद रहा।
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जेसीबी के मौके पर पहुंचने के बाद मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शाम 8:30 बजे हाईवे की एक लेन को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया। इसके बाद दोनों ओर कई किलोमीटर तक लगे जाम को खोलने में भी काफी समय लगा। पहले फंसे वाहनों को धीरे-धीरे निकाला गया और इसके बाद यातायात को सामान्य करने का प्रयास किया गया।
एक लेन बहाल होने के करीब एक घंटे बाद हाईवे पर यातायात सामान्य हो पाया। इस दौरान सेब से लदे वाहनों के चालकों के साथ अन्य यात्रियों को भी काफी परेशानी झेलनी पड़ी। सेब सीजन के बीच एनएच-5 पर भूस्खलन के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने से बागवानों और वाहन चालकों की चिंता भी बढ़ गई।
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सेब सीजन चरम पर होने से बड़ी संख्या में सेब से लदे वाहन भी जाम में फंसे
सूचना के डेढ़ घंटे बाद मौके पर पहुंची छोटी जेसीबी, 8:30 बजे बहाल हुई एक लेन
रविवार की छुट्टी के चलते घर लौट रहे लोग भी जाम में फंसे, यात्रियों को हुई परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। मतियाना के पास सुनारघाटी में शनिवार शाम पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा दरकने से शिमला-रामपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-5 करीब ढाई घंटे पूरी तरह बंद रहा। शाम करीब 6 बजे अचानक पहाड़ से भारी मात्रा में मलबा, पेड़ और बड़ी चट्टानें सड़क पर आ गिरीं। इससे दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई। हाईवे के बंद होने से कुछ ही देर में सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कई किलोमीटर तक जाम की स्थिति बन गई।
इन दिनों सेब सीजन चरम पर है। शिमला जिले के ऊपरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में सेब से लदे वाहन एनएच-5 के माध्यम से देश की विभिन्न मंडियों की ओर जा रहे हैं। भूस्खलन के कारण ऐसे कई वाहन भी बीच रास्ते में फंस गए। इसके अलावा शनिवार शाम होने के कारण बड़ी संख्या में लोग रविवार की छुट्टी के लिए अपने घरों की ओर जा रहे थे। अचानक हाईवे बंद होने से उन्हें भी रास्ते में ही रुकना पड़ा। लंबे समय तक जाम में फंसे रहने से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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हाईवे बंद होने के बाद जाम में फंसे लोगों ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को इसकी सूचना दी। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने मार्ग को जल्द बहाल करने की मांग की। इसके बावजूद मलबा हटाने के लिए करीब डेढ़ घंटे बाद शाम 7:30 बजे छोटी जेसीबी मौके पर पहुंची। इस दौरान सड़क पर मलबा और बड़ी चट्टानें होने के कारण यातायात पूरी तरह बंद रहा।
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जेसीबी के मौके पर पहुंचने के बाद मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शाम 8:30 बजे हाईवे की एक लेन को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया। इसके बाद दोनों ओर कई किलोमीटर तक लगे जाम को खोलने में भी काफी समय लगा। पहले फंसे वाहनों को धीरे-धीरे निकाला गया और इसके बाद यातायात को सामान्य करने का प्रयास किया गया।
एक लेन बहाल होने के करीब एक घंटे बाद हाईवे पर यातायात सामान्य हो पाया। इस दौरान सेब से लदे वाहनों के चालकों के साथ अन्य यात्रियों को भी काफी परेशानी झेलनी पड़ी। सेब सीजन के बीच एनएच-5 पर भूस्खलन के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने से बागवानों और वाहन चालकों की चिंता भी बढ़ गई।