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Rampur Bushahar News: आबादी की शर्त पूरी करने के फेर में फंसी आनी को फिर से नगर पंचायत बनाने की फाइल
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मामले पर कोई समाधान नहीं निकला, कागजों में चल रही प्रदेश सरकार की कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
आनी (कुल्लू)। एक ओर आनी कस्बे के लोग आनी को फिर से नगर पंचायत बनाए जाने की बाट जोह रहे हैं, वहीं इन उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। नगर पंचायत की अधिसूचना निरस्त होने के दो साल बाद अब जनसंख्या संबंधी शर्तें पूरी न होने के कारण नगर पंचायत की अधिसूचना नए सिरे से करना असंभव सा दिख रहा है। शहरी विकास विभाग मामले पर उपायुक्त के माध्यम से इस संबंध में कागजी कार्रवाई तो जारी रखे हुए है, लेकिन जनसंख्या की शर्तों को कैसे पूरा किया जाए, इस पर असमंजस बरकरार है। वर्तमान में नगर पंचायत में करीब 1400 की आबादी है। सूचना के अनुसार प्रदेश मेें नगर पंचायत बनाने के लिए 2000 की आबादी की शर्त है। ऐसे में यह सवाल उठाया जा रहा है कि नगर पंचायत में आबादी की शर्त को कैसे पूरा किया जाएगा, ताकि कस्बे को नगर पंचायत बनाया जा सके।
वैधानिक प्रक्रिया पूरा न होने के चलते हाईकोर्ट ने नगर पंचायत आनी को निरस्त किया था। हाईकोर्ट के आदेशों में स्पष्ट कहा गया था कि वैधानिक प्रक्रिया को पूरा करते हुए सरकार नये सिरे से आनी को नगर पंचायत का दर्जा दें। आनी कस्बे के लोग इस उम्मीद में थे कि जल्द सरकार मामले पर कार्रवाई करेगी, लेकिन लोगों का यह सपना धरा का धरा रह गया है।
2020 में कस्बे को नगर पंचायत की अधिसूचना जारी की
आनी कस्बे की जरूरत देखते हुए सरकार ने दिसंबर 2020 में कस्बे को नगर पंचायत की अधिसूचना जारी की। अप्रैल 2021 में यहां बनाए गए पांच वार्डाें से पार्षद नियुक्त किए गए। महज सवा दो साल बाद की नगर पंचायत आनी को हाईकोर्ट ने वैधानिक प्रक्रिया पूरा न करने पर निरस्त कर दिया। वर्तमान में आनी कस्बा 5 पंचायतों के क्षेत्र से मिलकर बना है। कागजों में बेशक 1400 की जनसंख्या हो, लेकिन वास्तव में यहां की जनसंख्या 5 हजार को पार कर गई है।
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सीवरेज, कूड़ा, स्ट्रीट लाइट्स सहित अन्य समस्याएं विकराल रूप धारण कर रही हैं। विकासात्मक गतिविधियों में विभिन्न पंचायतों के आपसी सामंजस्य न होने के कारण ब्रेक लगी हुई है। आनी में अवैध निर्माण बेलगाम हो रहे हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए नगर पंचायत का बनना आवश्यक है, जो अभी दूर की कौड़ी नजर आ रहा है।
उपायुक्त कुल्लू से आनी को फिर से नप बनाने के लिए फाइल तैयार करने को लिखा गया है। - गोपाल चंद, निदेशक, शहरी विकास विभाग
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संवाद न्यूज एजेंसी
आनी (कुल्लू)। एक ओर आनी कस्बे के लोग आनी को फिर से नगर पंचायत बनाए जाने की बाट जोह रहे हैं, वहीं इन उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। नगर पंचायत की अधिसूचना निरस्त होने के दो साल बाद अब जनसंख्या संबंधी शर्तें पूरी न होने के कारण नगर पंचायत की अधिसूचना नए सिरे से करना असंभव सा दिख रहा है। शहरी विकास विभाग मामले पर उपायुक्त के माध्यम से इस संबंध में कागजी कार्रवाई तो जारी रखे हुए है, लेकिन जनसंख्या की शर्तों को कैसे पूरा किया जाए, इस पर असमंजस बरकरार है। वर्तमान में नगर पंचायत में करीब 1400 की आबादी है। सूचना के अनुसार प्रदेश मेें नगर पंचायत बनाने के लिए 2000 की आबादी की शर्त है। ऐसे में यह सवाल उठाया जा रहा है कि नगर पंचायत में आबादी की शर्त को कैसे पूरा किया जाएगा, ताकि कस्बे को नगर पंचायत बनाया जा सके।
वैधानिक प्रक्रिया पूरा न होने के चलते हाईकोर्ट ने नगर पंचायत आनी को निरस्त किया था। हाईकोर्ट के आदेशों में स्पष्ट कहा गया था कि वैधानिक प्रक्रिया को पूरा करते हुए सरकार नये सिरे से आनी को नगर पंचायत का दर्जा दें। आनी कस्बे के लोग इस उम्मीद में थे कि जल्द सरकार मामले पर कार्रवाई करेगी, लेकिन लोगों का यह सपना धरा का धरा रह गया है।
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2020 में कस्बे को नगर पंचायत की अधिसूचना जारी की
आनी कस्बे की जरूरत देखते हुए सरकार ने दिसंबर 2020 में कस्बे को नगर पंचायत की अधिसूचना जारी की। अप्रैल 2021 में यहां बनाए गए पांच वार्डाें से पार्षद नियुक्त किए गए। महज सवा दो साल बाद की नगर पंचायत आनी को हाईकोर्ट ने वैधानिक प्रक्रिया पूरा न करने पर निरस्त कर दिया। वर्तमान में आनी कस्बा 5 पंचायतों के क्षेत्र से मिलकर बना है। कागजों में बेशक 1400 की जनसंख्या हो, लेकिन वास्तव में यहां की जनसंख्या 5 हजार को पार कर गई है।
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सीवरेज, कूड़ा, स्ट्रीट लाइट्स सहित अन्य समस्याएं विकराल रूप धारण कर रही हैं। विकासात्मक गतिविधियों में विभिन्न पंचायतों के आपसी सामंजस्य न होने के कारण ब्रेक लगी हुई है। आनी में अवैध निर्माण बेलगाम हो रहे हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए नगर पंचायत का बनना आवश्यक है, जो अभी दूर की कौड़ी नजर आ रहा है।
उपायुक्त कुल्लू से आनी को फिर से नप बनाने के लिए फाइल तैयार करने को लिखा गया है। - गोपाल चंद, निदेशक, शहरी विकास विभाग