{"_id":"66a0f1d2a52a1512fb06b862","slug":"municipal-council-rampur-development-work-in-progress-municipal-council-elections-rampur-hp-news-c-178-1-ssml1031-119182-2024-07-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: पहले 11 माह चुनाव लटके, अब 11 दिन से शपथ के लिए भटके","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: पहले 11 माह चुनाव लटके, अब 11 दिन से शपथ के लिए भटके
विज्ञापन
11 दिन से नगर परिषद रामपुर के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की शपथ का मामला लटका। संवाद
रामपुर नप में चुनाव के अब शपथ ग्रहण का इंतजार कर रहे अध्यक्ष, उपाध्यक्ष
कांग्रेस समर्थित नगर परिषद झेल रहीं राजनीति का दंश
चुने हुए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष डेढ़ वर्ष के लिए संभालेंगे कुर्सी
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। नगर परिषद रामपुर को बीती बरसात में करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचा, लेकिन लंबे समय तक क्षतिपूर्ति के कार्य शुरू नहीं हो पाए। इसका सबसे बड़ा कारण अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की तैनाती न होना रहा है। सत्तासीन कांग्रेस सरकार के राज में ही कांग्रेस समर्थित नगर परिषद रामपुर राजनीतिक दंश झेल रही हैं। पहले जहां अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के लिए 11 माह का लंबा इंतजार करना पड़ा, वहीं अब चुनाव के 11 दिन बाद भी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष शपथ ग्रहण समारोह के लिए टकटकी लगाए हुए हैं। समूची नगर परिषद में रह रही जनता के लिए यह किसी अभिशाप से कम नहीं है। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की तैनाती न होने से विकास कार्य गति नहीं पकड़ पा रहे हैं।
बीते वर्ष जुलाई माह में अविश्वास प्रस्ताव के कारण अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी थी। लंबे समय तक अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव करवाने का मामला ठंडे बस्ते में रहा, वहीं अब 11 माह के लंबे इंतजार के बाद बीती 13 जुलाई को चुनाव आयोजित कर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव किया गया। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव तो हो गया, लेकिन 11 दिन बीतने के बाद भी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन नहीं हो पाया है। शपथ ग्रहण की तिथि घोषित ही नहीं हो रही है।
नप के विभिन्न वार्डों में पिछले 11 माह से लटके कई अहम कार्य पूरा होने की लोगों को उम्मीद जगी थी, लेकिन लोगों को अपने नए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के लिए इंतजार करना पड़ेगा। अब यह इंतजार कितना लंबा होता है। इस बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, चुनाव पश्चात स्थानीय प्रशासन की ओर से चुनाव संपन्न होते ही 13 जुलाई को उपायुक्त शिमला को मेल कर दी थी। कांग्रेस सरकार में कांग्रेस समर्थित नगर परिषद होने के बावजूद भी लोगों को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। यहां राजनीति का लोगों को शिकार होना पड़ रहा है।
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि नगर परिषर रामपुर कांग्रेस की आपसी लड़ाई से जूझ रही है। पूर्व में जिन पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगाई थी, उनमें भाजपा समर्थित दो पार्षद भी शामिल थे। इस कारण कारण करीब एक वर्ष तक चुनाव नहीं हो पाया। इसी का असर अब शपथ ग्रहण में भी देखने को मिल रहा है। बहरहाल, विकास की दृष्टि से अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की तैनाती होना अति आवश्यक है, जबकि अब नए चुने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पास केवल डेढ़ वर्ष का ही कार्यकाल शेष बचा है।
तिथि निर्धारित होते ही होगा शपथ समारोह
नगर परिषद रामपुर में हुए चुनाव की जानकारी उसी रोज शिमला उपायुक्त कार्यालय को भेज दी थी। शपथ ग्रहण की तिथि शिमला से ही तय होगी है। जैसे ही तिथि निर्धारित होगी, शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। -निशांत तोमर उपमंडलाधिकारी रामपुर
विज्ञापन
कांग्रेस समर्थित नगर परिषद झेल रहीं राजनीति का दंश
चुने हुए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष डेढ़ वर्ष के लिए संभालेंगे कुर्सी
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। नगर परिषद रामपुर को बीती बरसात में करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचा, लेकिन लंबे समय तक क्षतिपूर्ति के कार्य शुरू नहीं हो पाए। इसका सबसे बड़ा कारण अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की तैनाती न होना रहा है। सत्तासीन कांग्रेस सरकार के राज में ही कांग्रेस समर्थित नगर परिषद रामपुर राजनीतिक दंश झेल रही हैं। पहले जहां अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के लिए 11 माह का लंबा इंतजार करना पड़ा, वहीं अब चुनाव के 11 दिन बाद भी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष शपथ ग्रहण समारोह के लिए टकटकी लगाए हुए हैं। समूची नगर परिषद में रह रही जनता के लिए यह किसी अभिशाप से कम नहीं है। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की तैनाती न होने से विकास कार्य गति नहीं पकड़ पा रहे हैं।
बीते वर्ष जुलाई माह में अविश्वास प्रस्ताव के कारण अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी थी। लंबे समय तक अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव करवाने का मामला ठंडे बस्ते में रहा, वहीं अब 11 माह के लंबे इंतजार के बाद बीती 13 जुलाई को चुनाव आयोजित कर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव किया गया। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव तो हो गया, लेकिन 11 दिन बीतने के बाद भी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन नहीं हो पाया है। शपथ ग्रहण की तिथि घोषित ही नहीं हो रही है।
विज्ञापन
नप के विभिन्न वार्डों में पिछले 11 माह से लटके कई अहम कार्य पूरा होने की लोगों को उम्मीद जगी थी, लेकिन लोगों को अपने नए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के लिए इंतजार करना पड़ेगा। अब यह इंतजार कितना लंबा होता है। इस बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, चुनाव पश्चात स्थानीय प्रशासन की ओर से चुनाव संपन्न होते ही 13 जुलाई को उपायुक्त शिमला को मेल कर दी थी। कांग्रेस सरकार में कांग्रेस समर्थित नगर परिषद होने के बावजूद भी लोगों को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। यहां राजनीति का लोगों को शिकार होना पड़ रहा है।
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि नगर परिषर रामपुर कांग्रेस की आपसी लड़ाई से जूझ रही है। पूर्व में जिन पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगाई थी, उनमें भाजपा समर्थित दो पार्षद भी शामिल थे। इस कारण कारण करीब एक वर्ष तक चुनाव नहीं हो पाया। इसी का असर अब शपथ ग्रहण में भी देखने को मिल रहा है। बहरहाल, विकास की दृष्टि से अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की तैनाती होना अति आवश्यक है, जबकि अब नए चुने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पास केवल डेढ़ वर्ष का ही कार्यकाल शेष बचा है।
तिथि निर्धारित होते ही होगा शपथ समारोह
नगर परिषद रामपुर में हुए चुनाव की जानकारी उसी रोज शिमला उपायुक्त कार्यालय को भेज दी थी। शपथ ग्रहण की तिथि शिमला से ही तय होगी है। जैसे ही तिथि निर्धारित होगी, शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। -निशांत तोमर उपमंडलाधिकारी रामपुर