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Rampur Bushahar News: दुग्ध उत्पादकों को नहीं हुई ढाई करोड़ रुपये से की अदायगी, रोष
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दो माह से आनी की 44 दुग्ध सोसायटियों से जुड़े उत्पादकों को झेलनी पड़ रही आर्थिक परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
आनी (कुल्लू)। आनी क्षेत्र के दुग्ध उत्पादकों को हिमाचल प्रदेश मिल्क फेडरेशन के दत्तनगर प्रसंस्करण संयंत्र से दूध की समय पर अदायगी नहीं हो पा रही है। इससे दूध के कारोबार से जुड़े उत्पादकों को भारी आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। दुग्ध उत्पादक संघ कराना की प्रधान निशा देवी, पूर्व प्रधान डोला राम शर्मा, सदस्य ममता देवी, सुषमा, तारा देवी, परवेश, दुनी चंद, राज कुमार, प्रदीप कुमार और मंजु देवी आदि का कहना है कि हरिपुर बल्क मिल्क कूलर (बीएमसी) से जुड़ी उनकी सोसायटी समेत आनी खंड की 44 दुग्ध सोसायटियों को दिसंबर और जनवरी माह की करीब ढाई करोड़ रुपये से अधिक की अदायगी अब तक नहीं हो पाई है, जबकि फरवरी माह शुरू हो गया है। आनी क्षेत्र के दुग्ध उत्पादकों का कहना है कि दुग्ध सोसायटियों को हर महीने दस तारीख तक अदायगी हो जाती थी, लेकिन इस बार जनवरी बीत गया है। अभी तक दिसंबर माह की अदायगी भी नहीं हो पाई है। एक दिन में 9500 लीटर दूध की होती है आपूर्ति
आनी खंड की 44 सोसायटियां प्रतिदिन हरिपुर स्थित बल्क मिल्क कूलर में 9,500 लीटर दूध भेजती हैं, जो महीने का करीब तीन लाख लीटर बनता है। दी शमशरी महादेव दुग्ध उत्पादक संघ कराना की पूर्व प्रधान डोला राम शर्मा ने बताया कि हिमाचल सरकार ने ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के लिए दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य 45 रुपये निर्धारित कर रखा है। सरकार के इस निर्णय के बाद आनी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर महिलाओं ने दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दिया है। खास बात यह कि आनी विधानसभा क्षेत्र में पूरे प्रदेश का 35 प्रतिशत दूध का उत्पादन हो रहा है। इसके लिए कई गरीब महिलाओं ने कर्ज लेकर गाय खरीदी है, लेकिन दूध के विक्रय की समय पर अदायगी न मिलने से वे समय पर ऋण की अदायगी नहीं कर पा रही हैं। उन्होंने सरकार और दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र से दूध की अदायगी को शीघ्र अदा करने का आग्रह किया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
आनी (कुल्लू)। आनी क्षेत्र के दुग्ध उत्पादकों को हिमाचल प्रदेश मिल्क फेडरेशन के दत्तनगर प्रसंस्करण संयंत्र से दूध की समय पर अदायगी नहीं हो पा रही है। इससे दूध के कारोबार से जुड़े उत्पादकों को भारी आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। दुग्ध उत्पादक संघ कराना की प्रधान निशा देवी, पूर्व प्रधान डोला राम शर्मा, सदस्य ममता देवी, सुषमा, तारा देवी, परवेश, दुनी चंद, राज कुमार, प्रदीप कुमार और मंजु देवी आदि का कहना है कि हरिपुर बल्क मिल्क कूलर (बीएमसी) से जुड़ी उनकी सोसायटी समेत आनी खंड की 44 दुग्ध सोसायटियों को दिसंबर और जनवरी माह की करीब ढाई करोड़ रुपये से अधिक की अदायगी अब तक नहीं हो पाई है, जबकि फरवरी माह शुरू हो गया है। आनी क्षेत्र के दुग्ध उत्पादकों का कहना है कि दुग्ध सोसायटियों को हर महीने दस तारीख तक अदायगी हो जाती थी, लेकिन इस बार जनवरी बीत गया है। अभी तक दिसंबर माह की अदायगी भी नहीं हो पाई है। एक दिन में 9500 लीटर दूध की होती है आपूर्ति
आनी खंड की 44 सोसायटियां प्रतिदिन हरिपुर स्थित बल्क मिल्क कूलर में 9,500 लीटर दूध भेजती हैं, जो महीने का करीब तीन लाख लीटर बनता है। दी शमशरी महादेव दुग्ध उत्पादक संघ कराना की पूर्व प्रधान डोला राम शर्मा ने बताया कि हिमाचल सरकार ने ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के लिए दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य 45 रुपये निर्धारित कर रखा है। सरकार के इस निर्णय के बाद आनी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर महिलाओं ने दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दिया है। खास बात यह कि आनी विधानसभा क्षेत्र में पूरे प्रदेश का 35 प्रतिशत दूध का उत्पादन हो रहा है। इसके लिए कई गरीब महिलाओं ने कर्ज लेकर गाय खरीदी है, लेकिन दूध के विक्रय की समय पर अदायगी न मिलने से वे समय पर ऋण की अदायगी नहीं कर पा रही हैं। उन्होंने सरकार और दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र से दूध की अदायगी को शीघ्र अदा करने का आग्रह किया है।
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