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Rampur Bushahar News: मिड-डे मील वर्करों को दो माह का वेतन नहीं मिला 21 को होगा आंदोलन
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रामपुर के साथ लगते चाटी में आयोजित बैठक में उपस्थित मिड डे वर्कर। संवाद
किसान मजदूर भवन चाटी में हुई बैठक में लिया निर्णय
बीपीओ रामपुर बुशहर को कल सौंपा जाएगा मांग पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। मिड-डे मील वर्कर एकता यूनियन संबंधित सीटू रामपुर ब्लॉक कमेटी ने 5500 रुपये मानदेय और दो महीने के लंबित वेतन को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है। शनिवार को किसान मजदूर भवन चाटी में हुई बैठक में निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता यूनियन की प्रधान राधा देवी ने की। सीटू शिमला जिला कमेटी के अध्यक्ष कुलदीप डोगरा भी बैठक में विशेष रूप से मौजूद रहे।
वर्करों ने कहा कि महंगाई के दौर में 5500 रुपये के मानदेय में गुजारा करना मुश्किल है। उन्होंने मानदेय बढ़ाने और हर महीने की पहली तारीख को पूरा वेतन एक साथ देने की मांग की। वर्करों ने साल में 20 छुट्टियां देने और हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार 12 महीने का वेतन देने की मांग भी उठाई।
यूनियन ने राज्य और केंद्र सरकारों पर मिड-डे मील वर्कर विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मिड-डे मील योजना को एनजीओ को सौंपने, डीबीटी योजना लागू करने और बजट में कटौती से वर्करों को नुकसान हो रहा है। यूनियन ने 14 सितंबर को बीपीओ रामपुर बुशहर को मांग पत्र सौंपने का निर्णय लिया है।
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उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 21 सितंबर तक दो महीने के लंबित वेतन का भुगतान नहीं किया गया तो उसी दिन रामपुर में आंदोलन किया जाएगा। यूनियन ने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने पर वर्कर सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगी। यूनियन ने बताया कि इन नीतियों के विरोध में एक दिसंबर को दिल्ली में भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसमें मिड-डे मील वर्कर भाग लेंगी।
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बीपीओ रामपुर बुशहर को कल सौंपा जाएगा मांग पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। मिड-डे मील वर्कर एकता यूनियन संबंधित सीटू रामपुर ब्लॉक कमेटी ने 5500 रुपये मानदेय और दो महीने के लंबित वेतन को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है। शनिवार को किसान मजदूर भवन चाटी में हुई बैठक में निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता यूनियन की प्रधान राधा देवी ने की। सीटू शिमला जिला कमेटी के अध्यक्ष कुलदीप डोगरा भी बैठक में विशेष रूप से मौजूद रहे।
वर्करों ने कहा कि महंगाई के दौर में 5500 रुपये के मानदेय में गुजारा करना मुश्किल है। उन्होंने मानदेय बढ़ाने और हर महीने की पहली तारीख को पूरा वेतन एक साथ देने की मांग की। वर्करों ने साल में 20 छुट्टियां देने और हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार 12 महीने का वेतन देने की मांग भी उठाई।
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यूनियन ने राज्य और केंद्र सरकारों पर मिड-डे मील वर्कर विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मिड-डे मील योजना को एनजीओ को सौंपने, डीबीटी योजना लागू करने और बजट में कटौती से वर्करों को नुकसान हो रहा है। यूनियन ने 14 सितंबर को बीपीओ रामपुर बुशहर को मांग पत्र सौंपने का निर्णय लिया है।
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उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 21 सितंबर तक दो महीने के लंबित वेतन का भुगतान नहीं किया गया तो उसी दिन रामपुर में आंदोलन किया जाएगा। यूनियन ने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने पर वर्कर सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगी। यूनियन ने बताया कि इन नीतियों के विरोध में एक दिसंबर को दिल्ली में भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसमें मिड-डे मील वर्कर भाग लेंगी।