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Rampur Bushahar News: मैदानी क्षेत्राें से सब्जियों की दस्तक, स्थानीय के घटे भाव
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एक सप्ताह में स्थानीय मटर के दाम 150 रुपये से 60 रुपये किलोग्राम तक पहुंचे
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा (रोहड़ू)।
मैदानी क्षेत्रों से सब्जियां की आपूर्ति बढ़ने से स्थानीय सब्जियों के दाम घट गए हैं। दाम गिरने से स्थानीय किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। एक सप्ताह में यहां की मंडियों में थोक के भाव आधे घट गए हैं। हालांकि, लोगों के लिए सब्जी सस्ती हुई है, लेकिन किसानों के लिए अपनी उत्पादन लागत वसूल करना मुश्किल हो गया है। नेरवा की थोक सब्जी मंडी में मैदानी क्षेत्रों की सब्जियों के दस्तक के बाद शिमला मिर्च, फ्रासबीन और मटर आदि सब्जियों के रेट आधे हो गए हैं। नेरवा सब्जी मंडी के आढ़ती ओम प्रकाश चौहान ने बताया कि बीते सप्ताह तक गुणवत्ता के आधार पर स्थानीय फ्रासबीन 45 से 60 रुपये किलोग्राम और मटर 150 से 200 रुपये किलोग्राम तक बिक रहे थे। अब अमृतसर, मंसूरी और नासिक के मटर और फ्रासबीन आने के कारण दाम एकदम गिर गए हैं। मंगलवार काे मटर 50 से 60 रुपये और फ्रासबीन 25 से 30 किलोग्राम रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए हैं। सर्दियों से पहले यहां की दोनों फसलें फ्रासबीन और मटर अंतिम चरण में हैं। उन्होंने बताया कि आजकल सर्दियों के टमाटर भी मंडी में आने शुरू हो गए हैं, जो प्रति क्रेट 700 से 800 रुपये बिक रहे हैं। हालांकि, इनकी मात्रा बहुत ही कम है। स्थानीय किसानों का कहना है कि मंडी में एक साथ आधे दाम गिरने के बाद उनको बहुत नुकसान हो रहा है। इस वर्ष पहले ही बारिश के कारण फसलें और सब्जियां चौपट हुईं। अब दाम गिरने से नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा (रोहड़ू)।
मैदानी क्षेत्रों से सब्जियां की आपूर्ति बढ़ने से स्थानीय सब्जियों के दाम घट गए हैं। दाम गिरने से स्थानीय किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। एक सप्ताह में यहां की मंडियों में थोक के भाव आधे घट गए हैं। हालांकि, लोगों के लिए सब्जी सस्ती हुई है, लेकिन किसानों के लिए अपनी उत्पादन लागत वसूल करना मुश्किल हो गया है। नेरवा की थोक सब्जी मंडी में मैदानी क्षेत्रों की सब्जियों के दस्तक के बाद शिमला मिर्च, फ्रासबीन और मटर आदि सब्जियों के रेट आधे हो गए हैं। नेरवा सब्जी मंडी के आढ़ती ओम प्रकाश चौहान ने बताया कि बीते सप्ताह तक गुणवत्ता के आधार पर स्थानीय फ्रासबीन 45 से 60 रुपये किलोग्राम और मटर 150 से 200 रुपये किलोग्राम तक बिक रहे थे। अब अमृतसर, मंसूरी और नासिक के मटर और फ्रासबीन आने के कारण दाम एकदम गिर गए हैं। मंगलवार काे मटर 50 से 60 रुपये और फ्रासबीन 25 से 30 किलोग्राम रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए हैं। सर्दियों से पहले यहां की दोनों फसलें फ्रासबीन और मटर अंतिम चरण में हैं। उन्होंने बताया कि आजकल सर्दियों के टमाटर भी मंडी में आने शुरू हो गए हैं, जो प्रति क्रेट 700 से 800 रुपये बिक रहे हैं। हालांकि, इनकी मात्रा बहुत ही कम है। स्थानीय किसानों का कहना है कि मंडी में एक साथ आधे दाम गिरने के बाद उनको बहुत नुकसान हो रहा है। इस वर्ष पहले ही बारिश के कारण फसलें और सब्जियां चौपट हुईं। अब दाम गिरने से नुकसान उठाना पड़ रहा है।