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पाटबंगला मैदान में आज से सजेगा लवी मेला
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नगर परिषद की अोर से पाटबंगला मैदान में लवी के आयोजन को लेकर की जा रही मैपिंग।
- फोटो : RAMPUR-HP
रामपुर बुशहर। अपने आप में सदियों का इतिहास समेटे रामपुर का अंतरराष्ट्रीय लवी मेला पहली बार सूक्ष्म स्तर पर आयोजित होगा। कोरोना महामारी के कारण इस वर्ष मेले का स्वरूप बदल गया है। इस बार मेले में केवल चार जिलों के स्थानीय उत्पादों को बेचने की मंजूरी रहेगी। फैक्ट्री मेड और बाहरी राज्यों से व्यापारियों को मेले में आने की अनुमति नहीं दी गई है। मेले में आने वाले प्रत्येक व्यापारी को 200 रुपये मेला फीस और साफ-सफाई के 500 रुपये देने होंगे।
हर वर्ष 11 से 14 नवंबर तक लवी मेले का आयोजन होता है। मेले में करोड़ों के व्यापार के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम और विभागों की प्रदर्शनियां आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहती हैं। बुधवार से रामपुर के पाटबंगला मैदान में लवी मेले का आगाज होगा। संक्रमण के खतरे को देखते हुए इस वर्ष मेला सूक्ष्म स्तर पर ही आयोजित होगा। पूर्व में जहां राज्यपाल मेले का शुभारंभ करते थे और मुख्यमंत्री मेले के समापन अवसर पर मौजूद रहते थे। इस वर्ष मेले को स्थानीय स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। प्रशासन ने मेले में केवल स्थानीय उत्पाद बेचने की अनुमति दी है। किन्नौर, शिमला, कुल्लू और मंडी जिले के स्थानीय उत्पादों को मेले में बेचा जाएगा। मेले में पहुंचने वाले व्यापारियों से इस वर्ष कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा और केवल मैदान में ही दुकानों को सजाने की मंजूरी रहेगी। मेले में फैक्ट्री में बने उत्पाद और बाहरी राज्यों से यहां पहुंचने वाले व्यापारियों को आने की अनुमति नहीं रहेगी। मेले में ड्राई फ्रूट, हथकरघा से बने उत्पाद, लोहे के औजार, देव यंत्र और हस्त निर्मित वस्तुओं को बेचने की व्यवस्था रहेगी। हालांकि, मेले में किसी भी प्रकार का ढाबा, होटल या फिर खाने की वस्तुओं की बिक्री पर मनाही होगी। प्रशासन ने केवल चार दिन तक ही मेले को सजाने के फरमान जारी किए हैं।
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी हरि शर्मा ने बताया कि मेला मैदान में प्लॉट मार्किंग का कार्य पूरा कर दिया गया है। मैदान में इस वर्ष 200 के करीब दुकानें सजने का अनुमान है। दुकानदारों को 200 रुपये मेला फीस और 500 रुपये सफाई के देने होंगे। सूक्ष्म स्तर पर आयोजित हो रहे मेले की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मेले में हथकरगा, ड्राई फ्रूट, औजार और हस्त निर्मित वस्तुओं को बेचने की ही अनुमति रहेगी।
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हर वर्ष 11 से 14 नवंबर तक लवी मेले का आयोजन होता है। मेले में करोड़ों के व्यापार के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम और विभागों की प्रदर्शनियां आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहती हैं। बुधवार से रामपुर के पाटबंगला मैदान में लवी मेले का आगाज होगा। संक्रमण के खतरे को देखते हुए इस वर्ष मेला सूक्ष्म स्तर पर ही आयोजित होगा। पूर्व में जहां राज्यपाल मेले का शुभारंभ करते थे और मुख्यमंत्री मेले के समापन अवसर पर मौजूद रहते थे। इस वर्ष मेले को स्थानीय स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। प्रशासन ने मेले में केवल स्थानीय उत्पाद बेचने की अनुमति दी है। किन्नौर, शिमला, कुल्लू और मंडी जिले के स्थानीय उत्पादों को मेले में बेचा जाएगा। मेले में पहुंचने वाले व्यापारियों से इस वर्ष कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा और केवल मैदान में ही दुकानों को सजाने की मंजूरी रहेगी। मेले में फैक्ट्री में बने उत्पाद और बाहरी राज्यों से यहां पहुंचने वाले व्यापारियों को आने की अनुमति नहीं रहेगी। मेले में ड्राई फ्रूट, हथकरघा से बने उत्पाद, लोहे के औजार, देव यंत्र और हस्त निर्मित वस्तुओं को बेचने की व्यवस्था रहेगी। हालांकि, मेले में किसी भी प्रकार का ढाबा, होटल या फिर खाने की वस्तुओं की बिक्री पर मनाही होगी। प्रशासन ने केवल चार दिन तक ही मेले को सजाने के फरमान जारी किए हैं।
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नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी हरि शर्मा ने बताया कि मेला मैदान में प्लॉट मार्किंग का कार्य पूरा कर दिया गया है। मैदान में इस वर्ष 200 के करीब दुकानें सजने का अनुमान है। दुकानदारों को 200 रुपये मेला फीस और 500 रुपये सफाई के देने होंगे। सूक्ष्म स्तर पर आयोजित हो रहे मेले की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मेले में हथकरगा, ड्राई फ्रूट, औजार और हस्त निर्मित वस्तुओं को बेचने की ही अनुमति रहेगी।
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